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Sant Kabir Nagar News: मदरसे की वैधता का उप निदेशक ने जांच का दिया आदेश
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संतकबीरनगर। भूमाफिया ने फर्जी तरीके से खाली पड़ी जमीन पर बिल्डिंग दिखाकर मड़या मुहल्ले में मदरसा संचालन की मान्यता अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से करा ली है। तमाम शिकायतों के बाद भी जिला प्रशासन कार्रवाई करने में आनाकानी कर रहा है। इसकी शिकायत उप निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण बस्ती से की गई है। उप निदेशक ने इस संबंध में चार बिंदुओं पर एसडीएम और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से आख्या मांगी है।
मड़या निवासी सुनील कुमार त्रिपाठी ने इसकी शिकायत डीएम, उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से की है। मड़या मुहल्ले के रहने वाले सुनील ने आरोप लगाया है कि हमारा पैतृक गाटा संख्या 80 व 81 पर कब्जा है। यह जमीन हमारे घर के बाउंड्रीवाल में है। इस जमीन पर हमारा कुआं और 12-13 आम के पेड़ हैं, जो लगभग सौ वर्ष पहले से लगे हैं।
उक्त गाटा संख्या पर कोई बिल्डिंग नहीं बनी है, जिस पर फर्जी तरीके से जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय से मदरसे की मान्यता ले ली गई है, जबकि मेरे आवासीय परिसर में कोई मदरसा संचालित नहीं है। फर्जी तरीके से प्राप्त की गई मान्यता को विधि संगत तरीके से निरस्त कराने की मांग की है। इस प्रकरण में उप निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से दो बिंदुओं पर सूचना मांगी है।
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पहली सूचना कि उक्त मदरसा के जरिये विभाग से कब मान्यता ली गयी है और मदरसे की मान्यता के समय किस भूमि से संंबंधित अभिलेख प्रस्तुत किया गया है, इसका गाटा संख्या, रकबा और स्वामित्व किसके पास है? इसके अलावा उन्होंने एसडीएम सदर से उक्त मदरसा जिस भूमि, भवन में संचालित है। उसका संबंधित तहसील के उप जिलाधिकारी से आख्या प्राप्त कर लिया जाए कि वर्तमान में मदरसे की मौजूदा भूमि किस गाटा के स्थित है और उसका वर्तमान स्वामित्व किस व्यक्ति/संस्था में निहित है? इसके अलावा गाटा संख्या 80-81 की भूमि पर वर्तमान स्वामित्व किस व्यक्ति/संस्था से संबंधित है।
इन चारों बिंदुओं पर प्राप्त तथ्यात्मक आख्या उपलब्ध कराने को कहा है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण मिश्रा ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। इसमें संंबंधित मदरसे के संचालक को पत्र लिखकर जानकारी मांंगी गई है। प्रकरण की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मड़या निवासी सुनील कुमार त्रिपाठी ने इसकी शिकायत डीएम, उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से की है। मड़या मुहल्ले के रहने वाले सुनील ने आरोप लगाया है कि हमारा पैतृक गाटा संख्या 80 व 81 पर कब्जा है। यह जमीन हमारे घर के बाउंड्रीवाल में है। इस जमीन पर हमारा कुआं और 12-13 आम के पेड़ हैं, जो लगभग सौ वर्ष पहले से लगे हैं।
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उक्त गाटा संख्या पर कोई बिल्डिंग नहीं बनी है, जिस पर फर्जी तरीके से जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय से मदरसे की मान्यता ले ली गई है, जबकि मेरे आवासीय परिसर में कोई मदरसा संचालित नहीं है। फर्जी तरीके से प्राप्त की गई मान्यता को विधि संगत तरीके से निरस्त कराने की मांग की है। इस प्रकरण में उप निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से दो बिंदुओं पर सूचना मांगी है।
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पहली सूचना कि उक्त मदरसा के जरिये विभाग से कब मान्यता ली गयी है और मदरसे की मान्यता के समय किस भूमि से संंबंधित अभिलेख प्रस्तुत किया गया है, इसका गाटा संख्या, रकबा और स्वामित्व किसके पास है? इसके अलावा उन्होंने एसडीएम सदर से उक्त मदरसा जिस भूमि, भवन में संचालित है। उसका संबंधित तहसील के उप जिलाधिकारी से आख्या प्राप्त कर लिया जाए कि वर्तमान में मदरसे की मौजूदा भूमि किस गाटा के स्थित है और उसका वर्तमान स्वामित्व किस व्यक्ति/संस्था में निहित है? इसके अलावा गाटा संख्या 80-81 की भूमि पर वर्तमान स्वामित्व किस व्यक्ति/संस्था से संबंधित है।
इन चारों बिंदुओं पर प्राप्त तथ्यात्मक आख्या उपलब्ध कराने को कहा है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण मिश्रा ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। इसमें संंबंधित मदरसे के संचालक को पत्र लिखकर जानकारी मांंगी गई है। प्रकरण की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।