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Sant Kabir Nagar News: बौद्ध स्थलों के विकास में जमीन विवाद रोड़ा
Tue, 04 Feb 2025 11:32 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 04 Feb 2025 11:32 PM IST
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धर्मसिंहवा में पुराने स्तूप के टूटने के बाद जीर्णोद्धार के बाद मरम्मत करके बनाया गया नया स्तूप
धर्मसिंहवा/तिघरा। जनपद में मौजूद बौद्ध स्थल कोपिया और धर्मसिंहवा आज भी उपेक्षित हैं। इनके विकास के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन मामला केवल सर्वे और उत्खनन तक ही रह गया। दोनों ही स्थानों पर जमीन का विवाद ही आड़े आ रहा है। कोपिया में जहां भगवान बुद्ध ने अपने राजसी वस्त्रों का त्याग किया था, वहीं धर्मसिंहवा में अशोक धर्मसभा हुई थी। इन स्थलों के विकास की कवायद कई बार चली लेकिन अभी भी योजनाएं धरातल पर नहीं उतरी हैं। धर्मसिंहवा कस्बे में लगभग 2700 वर्ष पुराना बौद्ध स्तूप है। यहां पर एक धर्मसभा हुई थी। इसीलिए यहां पर इस स्तूप को बनाया गया था। उपेक्षा के कारण अगस्त 2020 में उपेक्षा के कारण जर्जर यह बौद्ध स्तूप जिसे स्थानीय लोग गर्गज भी कहते हैं, वह गिर गया था।
वर्ष 2021 में तत्कालीन विधायक राकेश सिंह बघेल के प्रयास के चलते इसको फिर बनाने के साथ ही सुंदरीकरण के लिए 48 लाख रुपये और अवमुक्त हुए थे। धन आने के बाद पुराने स्तूप का जीर्णोद्धार किया गया था। स्तूप के पास चहारदीवारी और इंटरलॉकिंग का कार्य भी कराया गया था।
नगर पंचायत बनने के बाद बौद्ध स्थल और बगल में मौजूद पोखरे और भीटे के सुंदरीकरण के लिए वंदन योजना के तहत विकास कार्य करने की कार्य योजना भेजी गई थी। लेकिन जमीन विवाद के चलते स्वीकृति नहीं मिल सकी जिसके चलते यह योजना बखिरा नगर पंचायत के लिए चली गई। स्तूप जिस स्थान पर है राजस्व अभिलेख में गरगज के नाम से मात्र चार एयर ही जमीन अंकित है।
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इसके अलावा पोखरे का भीटा दर्ज है और भीटे पर अपना मालिकाना हक दर्ज कराते हुए राकेश चौरसिया हाईकोर्ट में मुकदमा लड़ रहे हैं।
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वर्ष 2021 में तत्कालीन विधायक राकेश सिंह बघेल के प्रयास के चलते इसको फिर बनाने के साथ ही सुंदरीकरण के लिए 48 लाख रुपये और अवमुक्त हुए थे। धन आने के बाद पुराने स्तूप का जीर्णोद्धार किया गया था। स्तूप के पास चहारदीवारी और इंटरलॉकिंग का कार्य भी कराया गया था।
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नगर पंचायत बनने के बाद बौद्ध स्थल और बगल में मौजूद पोखरे और भीटे के सुंदरीकरण के लिए वंदन योजना के तहत विकास कार्य करने की कार्य योजना भेजी गई थी। लेकिन जमीन विवाद के चलते स्वीकृति नहीं मिल सकी जिसके चलते यह योजना बखिरा नगर पंचायत के लिए चली गई। स्तूप जिस स्थान पर है राजस्व अभिलेख में गरगज के नाम से मात्र चार एयर ही जमीन अंकित है।
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इसके अलावा पोखरे का भीटा दर्ज है और भीटे पर अपना मालिकाना हक दर्ज कराते हुए राकेश चौरसिया हाईकोर्ट में मुकदमा लड़ रहे हैं।