{"_id":"576d730c4f1c1ba321b48719","slug":"labor-enforcement-officer-arrested-taking-bribe","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रम प्रवर्तन अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रम प्रवर्तन अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Fri, 24 Jun 2016 11:43 PM IST
विज्ञापन
श्रम प्रवर्तन अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को श्रम प्रवर्तन अधिकारी को रंगे हाथ 7000 रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। साइकिल योजना के तहत मजदूरों के आवेदन पत्र को अग्रसारित करने के एवज में श्रम प्रवर्तन अधिकारी के जरिये रिश्वत मांगने की शिकायत पर हुई कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया। घूसखोर श्रम प्रवर्तन अधिकारी के खिलाफ कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ।
उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान गोरखपुर के एसपी अखिलेश कुमार निगम ने बताया कि भक्ठान गांव निवासी रामलौट राही पुत्र राम सकल ने सात जून को शिकायती पत्र दिया था। आरोप लगाया था कि वह श्रम संगठन का नेता है। शासन स्तर से मजदूरों के लिए साइकिल योजना, मातृत्व योजना, मेधावी छात्र योजना आदि संचालित है। वह 60 मजदूरों का साइकिल योजना के लिए आवेदन पत्र डेढ़ माह पूर्व श्रम विभाग के कार्यालय में जमा किया था। उसका आरोप था कि श्रम प्रवर्तन अधिकारी अशोक कुमार पांडेय मजदूरों के आवेदन पत्र को अग्रसारित करने के एवज में 7000 रुपये रिश्वत की मांग कर रहे है। पूछने पर यहीं कह रहे है कि 60 फाइलों को मामला है, मांगी गई रकम दोगे ,तभी अग्रसारित करके फाइल आगे भेजेंगे। मामले की पहले प्रारंभिक जांच से कराई तो श्रम प्रवर्तन अधिकारी की आम सोहबत बहुत ही खराब पाई गई। जांच रिपोर्ट के लिए इंसपेक्टर बगेदूराम के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम में इंसपेक्टर एके सिंह, बीके सिंह, कांस्टेबल केदार प्रसाद गुप्ता, कांशीराय, विदेशी प्रसाद, वेद प्रकाश मिश्रा, अरिवंद कुमार पांडेय आदि को शामिल किया। डीएम से संपर्क कर कार्रवाई के लिए स्वतंत्र साक्षी के रूप में जिला सेवा योजन अधिकारी संजय कुमार और सीएमओ कार्यालय के लिपिक सौरभ कुमार उपाध्याय को टीम ने साथ में लिया। आगे बताया कि शिकायकर्ता से श्रम विभाग के कार्यालय में 7000 रुपये रिश्वत लेते हुए श्रम प्रवर्तन अधिकारी अशोक कुमार पांडेय को टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया। रिश्वत में ली गई बरामद 1000-1000 रुपये के सात नोट है। इस मामले में आरोपी श्रम प्रवर्तन अधिकारी के खिलाफ कोतवाली खलीलाबाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया। आरोपी को एंटी करप्सन कोर्ट गोरखपुर में पेश किया जाएगा। मामले की विवेचना विजिलेंस के इंसपेक्टर आरडी चौहान को दी गई है।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान गोरखपुर के एसपी अखिलेश कुमार निगम ने बताया कि भक्ठान गांव निवासी रामलौट राही पुत्र राम सकल ने सात जून को शिकायती पत्र दिया था। आरोप लगाया था कि वह श्रम संगठन का नेता है। शासन स्तर से मजदूरों के लिए साइकिल योजना, मातृत्व योजना, मेधावी छात्र योजना आदि संचालित है। वह 60 मजदूरों का साइकिल योजना के लिए आवेदन पत्र डेढ़ माह पूर्व श्रम विभाग के कार्यालय में जमा किया था। उसका आरोप था कि श्रम प्रवर्तन अधिकारी अशोक कुमार पांडेय मजदूरों के आवेदन पत्र को अग्रसारित करने के एवज में 7000 रुपये रिश्वत की मांग कर रहे है। पूछने पर यहीं कह रहे है कि 60 फाइलों को मामला है, मांगी गई रकम दोगे ,तभी अग्रसारित करके फाइल आगे भेजेंगे। मामले की पहले प्रारंभिक जांच से कराई तो श्रम प्रवर्तन अधिकारी की आम सोहबत बहुत ही खराब पाई गई। जांच रिपोर्ट के लिए इंसपेक्टर बगेदूराम के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम में इंसपेक्टर एके सिंह, बीके सिंह, कांस्टेबल केदार प्रसाद गुप्ता, कांशीराय, विदेशी प्रसाद, वेद प्रकाश मिश्रा, अरिवंद कुमार पांडेय आदि को शामिल किया। डीएम से संपर्क कर कार्रवाई के लिए स्वतंत्र साक्षी के रूप में जिला सेवा योजन अधिकारी संजय कुमार और सीएमओ कार्यालय के लिपिक सौरभ कुमार उपाध्याय को टीम ने साथ में लिया। आगे बताया कि शिकायकर्ता से श्रम विभाग के कार्यालय में 7000 रुपये रिश्वत लेते हुए श्रम प्रवर्तन अधिकारी अशोक कुमार पांडेय को टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया। रिश्वत में ली गई बरामद 1000-1000 रुपये के सात नोट है। इस मामले में आरोपी श्रम प्रवर्तन अधिकारी के खिलाफ कोतवाली खलीलाबाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया। आरोपी को एंटी करप्सन कोर्ट गोरखपुर में पेश किया जाएगा। मामले की विवेचना विजिलेंस के इंसपेक्टर आरडी चौहान को दी गई है।
विज्ञापन