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कुसमावती को मिली नई जिदंगी
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अब फिर पैरों से चल सकेगी कुसमावती
डीएम और एसीएमओ के प्रयास से युवती को मिली नई जिंदगी
पांच साल पहल आग में जलने से युवती एक एक पैर जंघे से सट गया था
फरवरी माह में युवती के पिता ने डीएम से लगाई थी मदद की फरियाद
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। पांच साल पूर्व आग की घटना में धनघटा क्षेत्र के खैरागाड़ गांव की रहने वाली 18 वर्षीय युवती के दोनों पैर झुलस गए थे। एक पैर उसके जंघे से सट गया था। जिससे युवती चलने-फिरने में असमर्थ हो गई। गरीबी की वजह से युवती के पैर का ऑपरेशन नहीं हो पा रहा था। डीएम और एसीएमओ की पहल से युवती का ऑपरेशन गोरखपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में हुआ, अब युवती अपने पैर पर खड़ी हो सकेगी। युवती के घर वालों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की है।
धनघटा क्षेत्र के खैरागाढ़ के रहने वाले विश्वनाथ पेशे से मजदूूर हैं। मजदूरी कर किसी तरह से वह परिवार का भरण पोषण करते हैं। विश्वनाथ ने बताया कि पांच साल पूर्व उनके घर में आग लग गई थी। जिसमें उनकी बेटी कुसमावती बुरी तरह से झुलस गई थी। जलने से उसका दाहिना पैर जंघे से सट गया था। जिससे वह चल नहीं पा रही थी। उसे किसी तरह उठा कर ले जाया जाता था। चिकित्सकों से संपर्क किया गया तो डेढ़ से दो लाख का खर्च बताया गया। विश्वनाथ ने बताया कि फरवरी माह में उन्होंने डीएम दिव्या मित्तल से संपर्क किया। डीएम ने उनकी बातों को सुना और अपर सीएमओ डॉ मोहन झा के पास भेजा और इलाज कराने में आने वाले खर्च के वहन की बात कही। अपर सीएमओ डॉ मोहन झा ने कुसमावती का आधार कार्ड बनावाया और उसके बाद उसका नाम आयुष्मान कार्ड में भी दर्ज कराया। गोल्डेन कार्ड बनाने में डॉ जन्मेजय सिंह, सर्वेश द्विवेदी और विजय तिवारी ने मदद की। लगातार वह युवती के परिजनों से संपर्क में रहे। लॉकडाउन की वजह से उसका इलाज नहीं हो पाया था। उसके बाद 13 जुलाई को गोरखपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में कुसमावती का ऑपरेशन हुआ। जिसमें उसके पैर को जंघे से काट कर अलग कर दिया गया। उसके बाद एक पैर में लोहे का रॉड डाला गया। अब कुसमावती का पैर सीधा हो चुका है। जल्द ही कुसमावती पैरों से चल सकेगी।
कुसमावती का ऑपरेशन हो चुका है। उसका पैर सीधा किया जा चुका है। पूरा खर्च आयुष्मान कार्ड से तहत हुआ है। डीएम की पहल पर यह ऑपरेशन कराया गया। जल्द ही कुसमावती पैरों पर चल सकेगी।
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-डॉ मोहन झा, अपर सीएमओ
कुसमावती के पिता उनके पास आए थे और बेटी के इलाज की बात कही थी। इलाज में काफी खर्च की बात कही थी। जिसके बाद अपर सीएमओ को इलाज का निर्देश दिया था। कुसमावती का ऑपरेशन हो चुका है, अब वह स्वस्थ है। पैरों पर खड़ी होकर वह एक नई जिदंगी की शुरुआत करेगी।
-दिव्या मित्तल-डीएम
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अब फिर पैरों से चल सकेगी कुसमावती
डीएम और एसीएमओ के प्रयास से युवती को मिली नई जिंदगी
पांच साल पहल आग में जलने से युवती एक एक पैर जंघे से सट गया था
फरवरी माह में युवती के पिता ने डीएम से लगाई थी मदद की फरियाद
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। पांच साल पूर्व आग की घटना में धनघटा क्षेत्र के खैरागाड़ गांव की रहने वाली 18 वर्षीय युवती के दोनों पैर झुलस गए थे। एक पैर उसके जंघे से सट गया था। जिससे युवती चलने-फिरने में असमर्थ हो गई। गरीबी की वजह से युवती के पैर का ऑपरेशन नहीं हो पा रहा था। डीएम और एसीएमओ की पहल से युवती का ऑपरेशन गोरखपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में हुआ, अब युवती अपने पैर पर खड़ी हो सकेगी। युवती के घर वालों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की है।
धनघटा क्षेत्र के खैरागाढ़ के रहने वाले विश्वनाथ पेशे से मजदूूर हैं। मजदूरी कर किसी तरह से वह परिवार का भरण पोषण करते हैं। विश्वनाथ ने बताया कि पांच साल पूर्व उनके घर में आग लग गई थी। जिसमें उनकी बेटी कुसमावती बुरी तरह से झुलस गई थी। जलने से उसका दाहिना पैर जंघे से सट गया था। जिससे वह चल नहीं पा रही थी। उसे किसी तरह उठा कर ले जाया जाता था। चिकित्सकों से संपर्क किया गया तो डेढ़ से दो लाख का खर्च बताया गया। विश्वनाथ ने बताया कि फरवरी माह में उन्होंने डीएम दिव्या मित्तल से संपर्क किया। डीएम ने उनकी बातों को सुना और अपर सीएमओ डॉ मोहन झा के पास भेजा और इलाज कराने में आने वाले खर्च के वहन की बात कही। अपर सीएमओ डॉ मोहन झा ने कुसमावती का आधार कार्ड बनावाया और उसके बाद उसका नाम आयुष्मान कार्ड में भी दर्ज कराया। गोल्डेन कार्ड बनाने में डॉ जन्मेजय सिंह, सर्वेश द्विवेदी और विजय तिवारी ने मदद की। लगातार वह युवती के परिजनों से संपर्क में रहे। लॉकडाउन की वजह से उसका इलाज नहीं हो पाया था। उसके बाद 13 जुलाई को गोरखपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में कुसमावती का ऑपरेशन हुआ। जिसमें उसके पैर को जंघे से काट कर अलग कर दिया गया। उसके बाद एक पैर में लोहे का रॉड डाला गया। अब कुसमावती का पैर सीधा हो चुका है। जल्द ही कुसमावती पैरों से चल सकेगी।
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कुसमावती का ऑपरेशन हो चुका है। उसका पैर सीधा किया जा चुका है। पूरा खर्च आयुष्मान कार्ड से तहत हुआ है। डीएम की पहल पर यह ऑपरेशन कराया गया। जल्द ही कुसमावती पैरों पर चल सकेगी।
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-डॉ मोहन झा, अपर सीएमओ
कुसमावती के पिता उनके पास आए थे और बेटी के इलाज की बात कही थी। इलाज में काफी खर्च की बात कही थी। जिसके बाद अपर सीएमओ को इलाज का निर्देश दिया था। कुसमावती का ऑपरेशन हो चुका है, अब वह स्वस्थ है। पैरों पर खड़ी होकर वह एक नई जिदंगी की शुरुआत करेगी।
-दिव्या मित्तल-डीएम