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जिले के सात स्वास्थ्य केंद्रों को कायाकल्प अवॉर्ड
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जिले के सात स्वास्थ्य केंद्रों को कायाकल्प अवॉर्ड
तीन सीएचसी और चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल
पीएचसी हरैया मुसहरा को 77.95 अंक, मिलेगा दो लाख रुपये का पुरस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोविड काल के दौरान जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं में आधारभूत सुधार हुआ है। बेहतर स्वास्थ्य सेवा के लिए शासन से सात स्वास्थ्य इकाइयों को कायाकल्प अवॉर्ड के लिए चयनित किया जाना है। इसमें तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।
सीएमओ डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा ने बताया कि कायाकल्प अवॉर्ड में इस बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहदावल, हैंसर बाजार व सेमरियावां का चयन हुआ है। इन्हें एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के वर्ग में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरैया मुसहरा को 77.95 अंक मिले हैं तथा इसे दो लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। पीएचसी बघौली को 76.80 अंक, दुधारा को 76.55 अंक और पीएचसी परसा पांडेय को 71.15 अंक प्राप्त हुए हैं। जिन्हें 50-50 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा। इस बार समिति ने 70 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले पीएचसी व सीएचसी का चयन कायाकल्प अवॉर्ड के लिए किया है। पुरस्कार में मिले 75 प्रतिशत धन का उपयोग स्वास्थ्य इकाई के सुदृढ़ीकरण तथा 25 प्रतिशत धन का उपयोग अस्पताल के स्टाफ के पर खर्च किया जाएगा।
सम्मानित किए जाएंगे स्वास्थ्य कर्मी
जनपदीय क्वालिटी मैनेजर डॉ. अबू बकर ने बताया कि संबंधित स्वास्थ्य इकाइयों के अधीक्षक, चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वित प्रयास का नतीजा है कि जिले की सात स्वास्थ्य इकाइयों का चयन कायाकल्प अवॉर्ड के लिए किया गया है। सभी संबंधित स्वास्थ्य इकाइयों के कर्मियों को इसके लिए सम्मानित किया जाएगा।
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पीएचसी बघौली का तीसरी बार चयन
कायाकल्प अवॉर्ड के लिए जिले के पीएचसी बघौली का चयन तीसरी बार हुआ है। पहली बार 2017-18, दूसरी बार वर्ष 2018-19 व तीसरी बार वर्ष 2020-21 में हुआ है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां का दूसरी बार चयन किया गया है। पहली बार वर्ष 2018-19 में जबकि दूसरी बार वर्ष 2020-21 में हुआ है।
सात मानकों के आधार पर होता है मूल्यांकन
सीएमओ डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा ने बताया कि कायाकल्प अवॉर्ड के लिए कुल सात मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है। इसमें हॉस्पिटल की साफ-सफाई, वेट मैनेजमेंट, संक्रमण नियंत्रण, सपोर्ट सर्विस, हाईजीन प्रमोशन, परिसर में स्लोगन, हॉस्पिटल परिसर की संपूर्ण व्यवस्था के आधार पर यह चयन किया जाता है। पहले शासन की आंतरिक कमेटी मूल्यांकन करती है, दूसरी बार पीयर असेसमेंट तथा अंत में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर फाइनल मूल्यांकन होता है।
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तीन सीएचसी और चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल
पीएचसी हरैया मुसहरा को 77.95 अंक, मिलेगा दो लाख रुपये का पुरस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोविड काल के दौरान जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं में आधारभूत सुधार हुआ है। बेहतर स्वास्थ्य सेवा के लिए शासन से सात स्वास्थ्य इकाइयों को कायाकल्प अवॉर्ड के लिए चयनित किया जाना है। इसमें तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।
सीएमओ डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा ने बताया कि कायाकल्प अवॉर्ड में इस बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहदावल, हैंसर बाजार व सेमरियावां का चयन हुआ है। इन्हें एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के वर्ग में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरैया मुसहरा को 77.95 अंक मिले हैं तथा इसे दो लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। पीएचसी बघौली को 76.80 अंक, दुधारा को 76.55 अंक और पीएचसी परसा पांडेय को 71.15 अंक प्राप्त हुए हैं। जिन्हें 50-50 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा। इस बार समिति ने 70 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले पीएचसी व सीएचसी का चयन कायाकल्प अवॉर्ड के लिए किया है। पुरस्कार में मिले 75 प्रतिशत धन का उपयोग स्वास्थ्य इकाई के सुदृढ़ीकरण तथा 25 प्रतिशत धन का उपयोग अस्पताल के स्टाफ के पर खर्च किया जाएगा।
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सम्मानित किए जाएंगे स्वास्थ्य कर्मी
जनपदीय क्वालिटी मैनेजर डॉ. अबू बकर ने बताया कि संबंधित स्वास्थ्य इकाइयों के अधीक्षक, चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वित प्रयास का नतीजा है कि जिले की सात स्वास्थ्य इकाइयों का चयन कायाकल्प अवॉर्ड के लिए किया गया है। सभी संबंधित स्वास्थ्य इकाइयों के कर्मियों को इसके लिए सम्मानित किया जाएगा।
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पीएचसी बघौली का तीसरी बार चयन
कायाकल्प अवॉर्ड के लिए जिले के पीएचसी बघौली का चयन तीसरी बार हुआ है। पहली बार 2017-18, दूसरी बार वर्ष 2018-19 व तीसरी बार वर्ष 2020-21 में हुआ है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां का दूसरी बार चयन किया गया है। पहली बार वर्ष 2018-19 में जबकि दूसरी बार वर्ष 2020-21 में हुआ है।
सात मानकों के आधार पर होता है मूल्यांकन
सीएमओ डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा ने बताया कि कायाकल्प अवॉर्ड के लिए कुल सात मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है। इसमें हॉस्पिटल की साफ-सफाई, वेट मैनेजमेंट, संक्रमण नियंत्रण, सपोर्ट सर्विस, हाईजीन प्रमोशन, परिसर में स्लोगन, हॉस्पिटल परिसर की संपूर्ण व्यवस्था के आधार पर यह चयन किया जाता है। पहले शासन की आंतरिक कमेटी मूल्यांकन करती है, दूसरी बार पीयर असेसमेंट तथा अंत में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर फाइनल मूल्यांकन होता है।