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बिडहर घाट पर घाघरा नदी की कटान हुई तेज
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नघटा के बिड़हर घाट पर कटान करती घाघरा नदी।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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बिडहर घाट पर घाघरा नदी की कटान हुई तेज
- पांच मीटर नदी आगे बढ़ी तो राम मंदिर हो सकता है धारा में विलीन
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। बुधवार की सुबह से बिडहर घाट पर घाघरा नदी ने कटान करना शुरू कर दी है। कटान अगर पांच मीटर आगे बढ़ी तो घाट के किनारे बना राम मंदिर का अस्तित्व मिट सकता है। घाघरा नदी कई जगहों पर कटान कर रही है।
नदी की कटान से गायघाट दक्षिणी गांव के 34 से अधिक घर जहां पानी में विलीन हो चुके हैं, वहीं हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि नदी की धारा में समा चुकी है। बिडहर घाट पर बने पुल के पूरब महाकाल मंदिर के साथ-साथ अन्य देवी देवताओं का मंदिर बना हुआ है। इस स्थल को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए शासन की मंजूरी भी मिल चुकी है। शासन द्वारा नदी के किनारे निर्माणाधीन सीढ़ी को काटकर अपने धारा में मिलाने के बाद नदी तेजी के साथ राम मंदिर की तरफ बढ़ रही है।
मंदिर के महंत बाबा भुईलोटन दास ने बताया कि इस समय नदी की कटान बहुत तेज है। कटान को रोकने के लिए प्रशासन तत्कालिक कदम नहीं उठाता है तो राम मंदिर का अस्तित्व कभी भी समाप्त हो सकता है।
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- पांच मीटर नदी आगे बढ़ी तो राम मंदिर हो सकता है धारा में विलीन
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। बुधवार की सुबह से बिडहर घाट पर घाघरा नदी ने कटान करना शुरू कर दी है। कटान अगर पांच मीटर आगे बढ़ी तो घाट के किनारे बना राम मंदिर का अस्तित्व मिट सकता है। घाघरा नदी कई जगहों पर कटान कर रही है।
नदी की कटान से गायघाट दक्षिणी गांव के 34 से अधिक घर जहां पानी में विलीन हो चुके हैं, वहीं हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि नदी की धारा में समा चुकी है। बिडहर घाट पर बने पुल के पूरब महाकाल मंदिर के साथ-साथ अन्य देवी देवताओं का मंदिर बना हुआ है। इस स्थल को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए शासन की मंजूरी भी मिल चुकी है। शासन द्वारा नदी के किनारे निर्माणाधीन सीढ़ी को काटकर अपने धारा में मिलाने के बाद नदी तेजी के साथ राम मंदिर की तरफ बढ़ रही है।
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मंदिर के महंत बाबा भुईलोटन दास ने बताया कि इस समय नदी की कटान बहुत तेज है। कटान को रोकने के लिए प्रशासन तत्कालिक कदम नहीं उठाता है तो राम मंदिर का अस्तित्व कभी भी समाप्त हो सकता है।
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