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लापरवाही: आगे की पढ़ाई में बाधा बनें कस्तूरबा के अधूरे भवन
Fri, 14 Jul 2023 12:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 14 Jul 2023 12:27 AM IST
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खलीलाबाद कस्तूरबा स्कूल के बगल में बन रहा हाॅस्टल
फोटो है
- जिले के तीन कस्तूरबा विद्यालयों में होनी है इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई
- विभागीय व कार्यदायी संस्था की लापरवाही से योजना अधर में
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कस्तूरबा विद्यालयों को इंटरमीडिएट तक उच्चीकृत किया गया है। जिले में तीन कस्तूरबा विद्यालयों में हाॅस्टल निर्माण व एकेडमिक भवन साढ़े छह करोड़ की लागत से बन रहा है। यह भवन जून माह तक पूर्ण होने थे जिससे की इंटरमीडिएट की पढ़ाई जुलाई माह से शुरू हो सके पर विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि अभी तक तीनों भवनों का निर्माण पूरा नहीं हुआ। जिससे योजना अधर में लटकी है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई होती है। यह विद्यालय पूरी तरह से आवासीय है। सरकार कक्षा आठ पास कर निकलने वाली छात्राओं को वही पर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई करने के लिए योजना की शुरूआत की। इसके लिए विद्यालयों के पास ही खाली जमीन पर एकेडमिक भवन और हाॅस्टल का निर्माण शुरू कराया। जिले में सेमरियावां और खलीलाबाद कस्तूरबा विद्यालय के पास हाॅस्टल का निर्माण शुरू हुआ। जबकि नाथनगर में हाॅस्टल व एकेडमिक भवन का निर्माण शुरू हुआ। इन तीनों भवनों के निर्माण में लगभग 6 करोड़ 70 लाख रुपये खर्च होने हैं।
तीनों जगहों पर आधा अधूरा ही भवन पूरा हुआ है। जबकि इसे जून के प्रथम सप्ताह में ही पूरा हो जाना चाहिए था। जिससे की जुलाई माह से आगे की कक्षाएं संचालित हो सके। विभाग और कार्यदायी संस्था भवन को पूर्ण कराने में रूचि नहीं दिखा रहा है। जिसके चलते कक्षा आठ पास कर निकलने वाली गरीब छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इससे सरकार की योजना पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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खलीलाबाद और सेमरियावां में हाॅस्टल का निर्माण पूरा हो गया है। बिजली का कार्य हो रहा है। नाथनगर में भी भवन को पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्था को कहा गया है। जैसे ही भवन का कार्य पूरा होकर हैंडओवर होगा वैसे ही आगे की पढ़ाई शुरू करा दी जाएगी।
- बजरंगी लाल विश्वकर्मा, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा
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- जिले के तीन कस्तूरबा विद्यालयों में होनी है इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई
- विभागीय व कार्यदायी संस्था की लापरवाही से योजना अधर में
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कस्तूरबा विद्यालयों को इंटरमीडिएट तक उच्चीकृत किया गया है। जिले में तीन कस्तूरबा विद्यालयों में हाॅस्टल निर्माण व एकेडमिक भवन साढ़े छह करोड़ की लागत से बन रहा है। यह भवन जून माह तक पूर्ण होने थे जिससे की इंटरमीडिएट की पढ़ाई जुलाई माह से शुरू हो सके पर विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि अभी तक तीनों भवनों का निर्माण पूरा नहीं हुआ। जिससे योजना अधर में लटकी है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई होती है। यह विद्यालय पूरी तरह से आवासीय है। सरकार कक्षा आठ पास कर निकलने वाली छात्राओं को वही पर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई करने के लिए योजना की शुरूआत की। इसके लिए विद्यालयों के पास ही खाली जमीन पर एकेडमिक भवन और हाॅस्टल का निर्माण शुरू कराया। जिले में सेमरियावां और खलीलाबाद कस्तूरबा विद्यालय के पास हाॅस्टल का निर्माण शुरू हुआ। जबकि नाथनगर में हाॅस्टल व एकेडमिक भवन का निर्माण शुरू हुआ। इन तीनों भवनों के निर्माण में लगभग 6 करोड़ 70 लाख रुपये खर्च होने हैं।
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तीनों जगहों पर आधा अधूरा ही भवन पूरा हुआ है। जबकि इसे जून के प्रथम सप्ताह में ही पूरा हो जाना चाहिए था। जिससे की जुलाई माह से आगे की कक्षाएं संचालित हो सके। विभाग और कार्यदायी संस्था भवन को पूर्ण कराने में रूचि नहीं दिखा रहा है। जिसके चलते कक्षा आठ पास कर निकलने वाली गरीब छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इससे सरकार की योजना पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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खलीलाबाद और सेमरियावां में हाॅस्टल का निर्माण पूरा हो गया है। बिजली का कार्य हो रहा है। नाथनगर में भी भवन को पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्था को कहा गया है। जैसे ही भवन का कार्य पूरा होकर हैंडओवर होगा वैसे ही आगे की पढ़ाई शुरू करा दी जाएगी।
- बजरंगी लाल विश्वकर्मा, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा