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अब कस्तूरबा की छात्राओं को मिलेगा भरपूर पौष्टिक आहार
Tue, 25 Dec 2018 11:44 PM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Tue, 25 Dec 2018 11:44 PM IST
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अब कस्तूरबा की छात्राओं को मिलेगा भरपूर पौष्टिक आहार
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के लिए शासन ने बजट जारी कर दिया है। प्रति कस्तूरबा विद्यालय के लिए 53 लाख रुपये जारी हुए हैं। जिले में सात कस्तूरबा विद्यालय हैं। छात्राओं के खाने का बजट भी 20 प्रतिशत बढ़ा दिया है। पहले प्रति छात्रा को एक माह के लिए 1500 रुपये खाने का मिलता था, अब 1800 रुपये दिया जाएगा।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई होती है। यह विद्यालय पूरी तरह से आवासीय है। इसमेे छात्राओं के रहने, खाने, कपड़ा आदि का खर्च सरकार वहन करती है। जिले के खलीलाबाद, हैंसर, सेमरियावां, बघौली, नाथनगर, मेंहदावल और सांथा ब्लॉक में कस्तूरबा विद्यालय संचालित है। जहां प्रति विद्यालय 100 छात्राएं नामांकित हैं। विद्यालय में वार्डेन, फुल टाइम टीचर, पार्ट टाइट टीचर, एकाउंटेंट, चौकीदार, रसोइया आदि कार्य करती है। शासन ने बजट जारी करते हुए कहा है कि इस बजट से बालिकाओ का भोजन, पूरक शिक्षण अधिगम सामग्री, स्टेशनरी, शैक्षिक सामग्री, स्पेसिफिक स्किल ट्रेनिंग, विद्युत एवं जल आपूर्ति व्यय, मेडिकल कंटिजेंसी, हास्टल के रख रखाव, छात्राओं के दैनिक उपयोग की सामग्री, शिविर आयोजन, स्कूल कार्यक्रम, कैपिसिटी बिल्डिंग मद, शारीरिक एवं आत्म रक्षा प्रशिक्षण आदि में खर्च किया जाएगा। अपर राज्य परियोजना निदेशक देवेश सिंह ने बीएसए को पत्र भेजकर कहा है कि जारी धनराशि किस-किस मद के लिए है। इसकी सूचना विद्यालय के डिस्पले बोर्ड व दीवाल पर चस्पा करा दी जाए। जिससे की छात्राओं को यह पता चल सके उनके लिए किस-किस मद में धनराशि भेजी जाती है। अधिकारियों के जरिए निरीक्षण कराया जाएगा और जिस विद्यालय पर सामग्री के बारे में दीवार व डिस्पले बोर्ड पर लिखा नहीं मिलेगा तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कस्तूरबा विद्यालयों के लिए शासन से ग्रांट मिल गया है। इसे विद्यालयों के खाते में भेजा जा रहा है। समस्त वार्डेन को निर्देश दिए गए हैं कि जो भी मेन्यू है उसे दीवार पर अंकित करा लें, जो धनराशि बढ़ी है उसकी पूरी सूचना होनी चाहिए। इसमे लापरवाही न बरतें।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई होती है। यह विद्यालय पूरी तरह से आवासीय है। इसमेे छात्राओं के रहने, खाने, कपड़ा आदि का खर्च सरकार वहन करती है। जिले के खलीलाबाद, हैंसर, सेमरियावां, बघौली, नाथनगर, मेंहदावल और सांथा ब्लॉक में कस्तूरबा विद्यालय संचालित है। जहां प्रति विद्यालय 100 छात्राएं नामांकित हैं। विद्यालय में वार्डेन, फुल टाइम टीचर, पार्ट टाइट टीचर, एकाउंटेंट, चौकीदार, रसोइया आदि कार्य करती है। शासन ने बजट जारी करते हुए कहा है कि इस बजट से बालिकाओ का भोजन, पूरक शिक्षण अधिगम सामग्री, स्टेशनरी, शैक्षिक सामग्री, स्पेसिफिक स्किल ट्रेनिंग, विद्युत एवं जल आपूर्ति व्यय, मेडिकल कंटिजेंसी, हास्टल के रख रखाव, छात्राओं के दैनिक उपयोग की सामग्री, शिविर आयोजन, स्कूल कार्यक्रम, कैपिसिटी बिल्डिंग मद, शारीरिक एवं आत्म रक्षा प्रशिक्षण आदि में खर्च किया जाएगा। अपर राज्य परियोजना निदेशक देवेश सिंह ने बीएसए को पत्र भेजकर कहा है कि जारी धनराशि किस-किस मद के लिए है। इसकी सूचना विद्यालय के डिस्पले बोर्ड व दीवाल पर चस्पा करा दी जाए। जिससे की छात्राओं को यह पता चल सके उनके लिए किस-किस मद में धनराशि भेजी जाती है। अधिकारियों के जरिए निरीक्षण कराया जाएगा और जिस विद्यालय पर सामग्री के बारे में दीवार व डिस्पले बोर्ड पर लिखा नहीं मिलेगा तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कस्तूरबा विद्यालयों के लिए शासन से ग्रांट मिल गया है। इसे विद्यालयों के खाते में भेजा जा रहा है। समस्त वार्डेन को निर्देश दिए गए हैं कि जो भी मेन्यू है उसे दीवार पर अंकित करा लें, जो धनराशि बढ़ी है उसकी पूरी सूचना होनी चाहिए। इसमे लापरवाही न बरतें।
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