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गोरखनाथ मंदिर की तर्ज पर होगी कबीर चौरा की सुरक्षा व्यवस्था
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ृहर कबीर समाधि और मजार की फोटो ।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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गोरखनाथ मंदिर की तर्ज पर होगी कबीर चौरा की सुरक्षा व्यवस्था
सीएम के निर्देश पर पुलिस विभाग की ओर से तैयार की गई सुरक्षा की विस्तृत रिपोर्ट
शासन की स्वीकृति मिलने के बाद नई व्यवस्था के अनुरूप होगी सुरक्षा व्यवस्था
संतकबीरनगर। ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर शासन बेहद संजीदा है। गोरखनाथ मंदिर की तर्ज पर मगहर स्थिति सद्गुरु कबीर की निर्वाण स्थली की भी सुरक्षा व्यवस्था होगी। शासन के निर्देश पर पुलिस विभाग की ओर से सुरक्षा व्यवस्था का प्लान तैयार कर भेज दिया गया है। जैसे ही शासन की अनुमति मिलेगी, वैसे ही यहां की सुरक्षा व्यवस्था नई व्यवस्था के अनुरूप दुरुस्त कर दी जाएगी।
सद्गुरु कबीर की निर्वाण स्थली पर कबीर की समाधि, मजार और गुफा आदि स्थित है। यहां पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से कबीर अकादमी आदि विकास कार्यों की आधारशिला रखी गई है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में कबीरचौरा को विकसित कर स्थापित किए जाने की ओर से शासन पहल कर रहा है। सीएम की ओर से गोरखपुर, बलरामपुर, मिर्जापुर और संतकबीरनगर आदि जनपदों में स्थापित ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। गोरखनाथ मंदिर की तर्ज पर कबीर चौरा की सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की दिशा में प्रयास हो रहा है। पुलिस के तैयार प्लान के मुताबिक वर्तमान में अभिसूचना संकलन का कार्य एलआईयू इंस्पेक्टर के जरिए किया जाता है। संपूर्ण कबीर चौरा परिसर की प्रस्तावित व्यापक सुरक्षा योजना के क्रम में दो जोन इनर कार्डेन तथा काउटर कार्डेन क्रमश: जोन एक व जोन दो में बांटा जाना चाहिए। इसी के अंतर्गत दो सेक्टर एक जोन, एक सेक्टर को तीन जोन सेक्टर दो में तथा जोन दो तथा एक सेक्टर में विभाजित किया जाना चाहिए। जिसके प्रभारी के रूप में पुलिस उपाधीक्षक स्तर के से अलग अधिकारी की नियुक्ति होनी चाहिए। संपूर्ण परिसर की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के लिए अलग से कंट्रोल रूप स्थापित होना चाहिए। फायर स्टेशन स्थापित होना चाहिए। सेफ हाउस बनाया जाना चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए नोडल की जिम्मेदारी एएसपी की होगी।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रस्तावित पद
पुलिस उपाधीक्षक प्रभारी सुरक्षा एवं नोडल का एक पद, निरीक्षक प्रभारी तथा जोन प्रभारी के छह पद, उप निरीक्षक के तीस पद, महिला उप निरीक्षक के तीन पद, मुख्य आरक्षी के 48 पद, आरक्षी पुरुष के 144 पद, आरक्षी महिला के 48 पद चतुर्थ श्रेणी के आठ पद शामिल हैं। इसी तरह रेडियो निरीक्षक के एक, रेडियो उप निरीक्षक के तीन, प्रधान परिचालक के नौ, सहायक परिचालक के नौ पद शामिल हैं। इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम के लिए उप निरीक्षक प्रभारी कंट्रोल रूम, आरक्षी 12, अभिसूचना विभाग में प्रभारी अभिसूचना के एक पद, उप निरीक्षक तीन, मुख्य आरक्षी तीन, आरक्षी छह पद शामिल हैं। अग्नि शमन में एफएसएसओ एक पद, लीडिंग फायर मैन के तीन पद, फायर सर्विस चालक के तीन पद, फायर मैन के छह पद कुक सफाई कर्मी के तीन पद प्रस्तावित हैं। इसके अलावा 45 होमगार्ड की जरूरत जताई गई है।
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समाधि और मजार स्थल पर लगने वाले उपकरणों की जरूरत
एक्स-रे बैगेज स्कैनर, डीएफएमडी, एचएचएमडी, आई कार्ड मेकिंग सिस्टम, डिजिटल हैंड हेल्थ सेट, सीसीटीवी कैमरा मय वीडियोनालाइक्टिस साफ्टवेयर, ड्रोन कैमरा, पीए सिस्टम, अलार्म सिस्टम, इंटरकाम, स्मार्ट कंट्रोल रूप, फुल बाडी स्कैनर, रिवाल्विंग लाइट, एंबुलेंस, वयनाक्लूर मय नाइट विजन, वाकी-टॉकी, फायर टेंडर बड़ा व छोटा। इसके अलावा पुलिस कर्मियों के आवास एवं अन्य अवसंचरना की रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें प्रशासनिक परिसर को घेरने के लिए बाउंड्रीवाल। बाच टॉवर, क्लॉक रूम पुलिस उपाधीक्षक मंदिर सुरक्षा आवास, पुलिस उपाधीक्षक मदिर सुरक्षा का ऑफिसर, मीटिंग हाल, प्रशासनिक भवन, स्टोर रूम, मेंटिनेंस वर्कशॉप, हॉस्टल, आवास, बैरक आदि।
कोट
सीएम के निर्देश पर सुुरक्षा विभाग की ओर से कबीर चौरा की सुरक्षा के लिए विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई थी। सुरक्षा के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करा कर शासन को भेज दी गई है। शासन स्तर से संस्तुति मिलने के बाद आगे की रणनीति पर काम किया जाएगा। वैसे वर्तमान में भी कबीर चौरा की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है। मगहर चौकी पुलिस के अलावा कोतवाल की निगरानी रहती है। अभिसूचना विभाग सूचनाएं एकत्र करता है।
- डॉक्टर कौस्तुभ,एसपी
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सीएम के निर्देश पर पुलिस विभाग की ओर से तैयार की गई सुरक्षा की विस्तृत रिपोर्ट
शासन की स्वीकृति मिलने के बाद नई व्यवस्था के अनुरूप होगी सुरक्षा व्यवस्था
संतकबीरनगर। ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर शासन बेहद संजीदा है। गोरखनाथ मंदिर की तर्ज पर मगहर स्थिति सद्गुरु कबीर की निर्वाण स्थली की भी सुरक्षा व्यवस्था होगी। शासन के निर्देश पर पुलिस विभाग की ओर से सुरक्षा व्यवस्था का प्लान तैयार कर भेज दिया गया है। जैसे ही शासन की अनुमति मिलेगी, वैसे ही यहां की सुरक्षा व्यवस्था नई व्यवस्था के अनुरूप दुरुस्त कर दी जाएगी।
सद्गुरु कबीर की निर्वाण स्थली पर कबीर की समाधि, मजार और गुफा आदि स्थित है। यहां पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से कबीर अकादमी आदि विकास कार्यों की आधारशिला रखी गई है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में कबीरचौरा को विकसित कर स्थापित किए जाने की ओर से शासन पहल कर रहा है। सीएम की ओर से गोरखपुर, बलरामपुर, मिर्जापुर और संतकबीरनगर आदि जनपदों में स्थापित ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। गोरखनाथ मंदिर की तर्ज पर कबीर चौरा की सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की दिशा में प्रयास हो रहा है। पुलिस के तैयार प्लान के मुताबिक वर्तमान में अभिसूचना संकलन का कार्य एलआईयू इंस्पेक्टर के जरिए किया जाता है। संपूर्ण कबीर चौरा परिसर की प्रस्तावित व्यापक सुरक्षा योजना के क्रम में दो जोन इनर कार्डेन तथा काउटर कार्डेन क्रमश: जोन एक व जोन दो में बांटा जाना चाहिए। इसी के अंतर्गत दो सेक्टर एक जोन, एक सेक्टर को तीन जोन सेक्टर दो में तथा जोन दो तथा एक सेक्टर में विभाजित किया जाना चाहिए। जिसके प्रभारी के रूप में पुलिस उपाधीक्षक स्तर के से अलग अधिकारी की नियुक्ति होनी चाहिए। संपूर्ण परिसर की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के लिए अलग से कंट्रोल रूप स्थापित होना चाहिए। फायर स्टेशन स्थापित होना चाहिए। सेफ हाउस बनाया जाना चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए नोडल की जिम्मेदारी एएसपी की होगी।
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सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रस्तावित पद
पुलिस उपाधीक्षक प्रभारी सुरक्षा एवं नोडल का एक पद, निरीक्षक प्रभारी तथा जोन प्रभारी के छह पद, उप निरीक्षक के तीस पद, महिला उप निरीक्षक के तीन पद, मुख्य आरक्षी के 48 पद, आरक्षी पुरुष के 144 पद, आरक्षी महिला के 48 पद चतुर्थ श्रेणी के आठ पद शामिल हैं। इसी तरह रेडियो निरीक्षक के एक, रेडियो उप निरीक्षक के तीन, प्रधान परिचालक के नौ, सहायक परिचालक के नौ पद शामिल हैं। इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम के लिए उप निरीक्षक प्रभारी कंट्रोल रूम, आरक्षी 12, अभिसूचना विभाग में प्रभारी अभिसूचना के एक पद, उप निरीक्षक तीन, मुख्य आरक्षी तीन, आरक्षी छह पद शामिल हैं। अग्नि शमन में एफएसएसओ एक पद, लीडिंग फायर मैन के तीन पद, फायर सर्विस चालक के तीन पद, फायर मैन के छह पद कुक सफाई कर्मी के तीन पद प्रस्तावित हैं। इसके अलावा 45 होमगार्ड की जरूरत जताई गई है।
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समाधि और मजार स्थल पर लगने वाले उपकरणों की जरूरत
एक्स-रे बैगेज स्कैनर, डीएफएमडी, एचएचएमडी, आई कार्ड मेकिंग सिस्टम, डिजिटल हैंड हेल्थ सेट, सीसीटीवी कैमरा मय वीडियोनालाइक्टिस साफ्टवेयर, ड्रोन कैमरा, पीए सिस्टम, अलार्म सिस्टम, इंटरकाम, स्मार्ट कंट्रोल रूप, फुल बाडी स्कैनर, रिवाल्विंग लाइट, एंबुलेंस, वयनाक्लूर मय नाइट विजन, वाकी-टॉकी, फायर टेंडर बड़ा व छोटा। इसके अलावा पुलिस कर्मियों के आवास एवं अन्य अवसंचरना की रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें प्रशासनिक परिसर को घेरने के लिए बाउंड्रीवाल। बाच टॉवर, क्लॉक रूम पुलिस उपाधीक्षक मंदिर सुरक्षा आवास, पुलिस उपाधीक्षक मदिर सुरक्षा का ऑफिसर, मीटिंग हाल, प्रशासनिक भवन, स्टोर रूम, मेंटिनेंस वर्कशॉप, हॉस्टल, आवास, बैरक आदि।
कोट
सीएम के निर्देश पर सुुरक्षा विभाग की ओर से कबीर चौरा की सुरक्षा के लिए विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई थी। सुरक्षा के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करा कर शासन को भेज दी गई है। शासन स्तर से संस्तुति मिलने के बाद आगे की रणनीति पर काम किया जाएगा। वैसे वर्तमान में भी कबीर चौरा की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है। मगहर चौकी पुलिस के अलावा कोतवाल की निगरानी रहती है। अभिसूचना विभाग सूचनाएं एकत्र करता है।
- डॉक्टर कौस्तुभ,एसपी