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माध्यमिक शिक्षक संघ ने निकाला मशाल जुलूस
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कलेक्ट्रेट पर मशाल जुलूस निकालते उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के पदधिकारी।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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विद्यालय का समय बदलने समेत अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने शनिवार शाम को डीआईओएस कार्यालय से मशाल जुलूस निकाला। जुलूस कलेक्ट्रेट पर समाप्त हुआ। संघ के जिलाध्यक्ष हरिबख्श सिंह ने सीएम को संबोधित मांग पत्र एसडीएम सदर को सौंपा।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि माध्यमिक विद्यालय का समय शिक्षा संहिता के विपरीत सुबह आठ बजे से 4. 30 बजे तक कर दिया गया है। यह शासनादेश का उल्लंघन है। विद्यालय का समय पूर्व की तरह किया जाए। उन्होंने कहा कि वित्त विहीन शिक्षकों को कोरोना महामारी के दौरान सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता न देकर उनके परिवार को भुखमरी की कगार पर ला दिया गया है। वित्त विहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को अपनी सेवा से वंचित होना पड़ा है। इसी प्रकार संस्कृत विद्यालयों एवं मदरसों का अस्तित्व ही समाप्त करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। राज्य सरकार शिक्षकों को अपमानित कर रही है। सरकार अपने निहित स्वाथों को लेकर पांच सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर जनपद स्तर पर सम्मानित करने का ढोंग रच रही है। प्रदेश का शिक्षक समुदाय सरकार के बहकावे में आने वाला नहीं है। सरकार अगर शिक्षकों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देगी तो वृहद आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान जिला मंत्री अवधनारायण मिश्र, योगेंद्र सिंह, द्विजेंद्र बहादुर सिंह, अशोक यादव, सुधीर कुमार, सत्य प्रकाश त्रिपाठी, जितेंद्र प्रसाद त्रिपाठी, भरत सिंह, बृजेश सिंह, जहांगीर अंसारी आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने शनिवार शाम को डीआईओएस कार्यालय से मशाल जुलूस निकाला। जुलूस कलेक्ट्रेट पर समाप्त हुआ। संघ के जिलाध्यक्ष हरिबख्श सिंह ने सीएम को संबोधित मांग पत्र एसडीएम सदर को सौंपा।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि माध्यमिक विद्यालय का समय शिक्षा संहिता के विपरीत सुबह आठ बजे से 4. 30 बजे तक कर दिया गया है। यह शासनादेश का उल्लंघन है। विद्यालय का समय पूर्व की तरह किया जाए। उन्होंने कहा कि वित्त विहीन शिक्षकों को कोरोना महामारी के दौरान सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता न देकर उनके परिवार को भुखमरी की कगार पर ला दिया गया है। वित्त विहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को अपनी सेवा से वंचित होना पड़ा है। इसी प्रकार संस्कृत विद्यालयों एवं मदरसों का अस्तित्व ही समाप्त करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। राज्य सरकार शिक्षकों को अपमानित कर रही है। सरकार अपने निहित स्वाथों को लेकर पांच सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर जनपद स्तर पर सम्मानित करने का ढोंग रच रही है। प्रदेश का शिक्षक समुदाय सरकार के बहकावे में आने वाला नहीं है। सरकार अगर शिक्षकों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देगी तो वृहद आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान जिला मंत्री अवधनारायण मिश्र, योगेंद्र सिंह, द्विजेंद्र बहादुर सिंह, अशोक यादव, सुधीर कुमार, सत्य प्रकाश त्रिपाठी, जितेंद्र प्रसाद त्रिपाठी, भरत सिंह, बृजेश सिंह, जहांगीर अंसारी आदि मौजूद रहे।
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