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जिला अस्पताल का गेट बना वाहन स्टैंड
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जिला अस्पताल के मुख्य गेट पर खड़े वाहन।
- फोटो : KHALILABAD
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जिला अस्पताल का गेट बना वाहन स्टैंड
परिसर में खाली जमीन नहीं बची, जगह-जगह बन गए भवन
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल परिसर में खाली जमीन पर भवन बना दिए गए हैं। वर्तमान में अस्पताल परिसर में वाहन स्टैंड बनाने के लिए जगह नहीं बची है। लोग अपने वाहन को अस्पताल गेट के सामने ही खड़ा देते हैं। ऐेसे में मरीजों को परेशानी होती है।
संयुक्त जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से 1600 मरीज ओपीडी में इलाज कराने आते हैं। उनके साथ तीमारदार भी होते हैं। अस्पताल परिसर में खाली जमीन न होने चलते लोग अपने वाहन मुख्य गेट और इमरजेंसी गेट पर ही खड़ा कर देते हैं। हालांकि इमरजेंसी गेट पर वाहन न खड़ा करने की अपील स्वास्थ्य कर्मी करते भी हैं, लेकिन इसका असर नहीं पड़ता।
वन स्टॉप सेंटर का पुलिस लाइंस में बनना चाहिए था, लेकिन उसे भी अस्पताल परिसर में बना दिया। रैन बसेरा, कोविड अस्पताल, डायलिसिस केंद्र, आयुष विंग, कोल्ड चेन रूम, पीएम जन औषधि केंद्र, सीएमओ कार्यालय, पोस्टमार्टम हाउस आदि भवन अस्पताल परिसर में बनाए गए हैं।
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पिछले दिनों अस्पताल के मुख्य गेट पर वाहन खड़े होने के चलते एक एंबुलेंस चालक को काफी परेशानी उठानी पड़ी थी। इसे देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने पोस्टमार्टम हाउस की तरफ के गेट खुलवा दिया। एंबुलेंस चालकों को उसी रास्ते से वाहन लाने के निर्देश दिए गए हैं।
...
कोट
अस्पताल परिसर में काफी संख्या में भवन बन गए हैं। अब खाली जमीन नहीं बची है। लोग यदि वाहन लेकर आते हैं तो गेट पर न खड़ा करें। एंबुलेंस के लिए पोस्टमार्टम हाउस के गेट को खोल दिया गया है, जिससे एंबुलेंस सीधे इमरजेंसी तक आ जाती है।
-डॉ. ओपी चतुर्वेदी, सीएमएस
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परिसर में खाली जमीन नहीं बची, जगह-जगह बन गए भवन
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल परिसर में खाली जमीन पर भवन बना दिए गए हैं। वर्तमान में अस्पताल परिसर में वाहन स्टैंड बनाने के लिए जगह नहीं बची है। लोग अपने वाहन को अस्पताल गेट के सामने ही खड़ा देते हैं। ऐेसे में मरीजों को परेशानी होती है।
संयुक्त जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से 1600 मरीज ओपीडी में इलाज कराने आते हैं। उनके साथ तीमारदार भी होते हैं। अस्पताल परिसर में खाली जमीन न होने चलते लोग अपने वाहन मुख्य गेट और इमरजेंसी गेट पर ही खड़ा कर देते हैं। हालांकि इमरजेंसी गेट पर वाहन न खड़ा करने की अपील स्वास्थ्य कर्मी करते भी हैं, लेकिन इसका असर नहीं पड़ता।
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वन स्टॉप सेंटर का पुलिस लाइंस में बनना चाहिए था, लेकिन उसे भी अस्पताल परिसर में बना दिया। रैन बसेरा, कोविड अस्पताल, डायलिसिस केंद्र, आयुष विंग, कोल्ड चेन रूम, पीएम जन औषधि केंद्र, सीएमओ कार्यालय, पोस्टमार्टम हाउस आदि भवन अस्पताल परिसर में बनाए गए हैं।
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पिछले दिनों अस्पताल के मुख्य गेट पर वाहन खड़े होने के चलते एक एंबुलेंस चालक को काफी परेशानी उठानी पड़ी थी। इसे देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने पोस्टमार्टम हाउस की तरफ के गेट खुलवा दिया। एंबुलेंस चालकों को उसी रास्ते से वाहन लाने के निर्देश दिए गए हैं।
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कोट
अस्पताल परिसर में काफी संख्या में भवन बन गए हैं। अब खाली जमीन नहीं बची है। लोग यदि वाहन लेकर आते हैं तो गेट पर न खड़ा करें। एंबुलेंस के लिए पोस्टमार्टम हाउस के गेट को खोल दिया गया है, जिससे एंबुलेंस सीधे इमरजेंसी तक आ जाती है।
-डॉ. ओपी चतुर्वेदी, सीएमएस