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Sant Kabir Nagar News: जांच के बाद जांच, नहीं की जा रही कार्रवाई
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धनघटा। क्षेत्र में गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। चौराहों और बाजारों में कई विद्यालयों पर बिना निर्धारित मानकों के संचालित होने का आरोप है। कहीं प्ले-वे से तो कहीं इंटरमीडिएट तक की कक्षाएं चल रही हैं। इन विद्यालयों को कुछ मान्यता प्राप्त विद्यालयों से संरक्षण मिलने की भी चर्चा है।
अप्रैल-मई तथा जुलाई में ब्लॉक और तहसील स्तर पर गठित टीमों ने क्षेत्र के गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों की सूची तैयार कर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को भेजी थी। इसके बावजूद कार्रवाई न होने से जांच की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आरोप है कि कई विद्यालयों में न तो मानक के अनुरूप भवन हैं और न पर्याप्त योग्य शिक्षक। इसके बाद भी विद्यार्थियों का प्रवेश लेकर बड़ी कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों को मान्यता प्राप्त विद्यालयों से संबद्ध दिखाकर कागजात तैयार कराने की बात भी सामने आती रही है।
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कहीं-कहीं तो विद्यालय की मान्यता से प्राथमिक स्तर की लेकिन कक्षा इंटरमीडिएट तक संचालित हो रही हैं।
बसवारी गांव, खाजों, मनिकापार, तामा, बभनौली, डेबरी, तिघरा, डिहवा, संठी, शनिचरा बाजार, पौली, उमरिया बाजार, मुखलिसपुर, बंडा बाजार और रामपुर बारहकोनी समेत कई स्थानों पर ऐसे विद्यालय संचालित होने की चर्चा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय जांच के दौरान भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। अभिभावक राम शंकर, सुग्रीव, दीनानाथ, महादेव, सुरेंद्र आदि ने मांग की है कि क्षेत्र के सभी विद्यालयों की मान्यता और संचालित कक्षाओं का सत्यापन कराया जाए।
जांच में अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इस संबंध में बीईओ ज्ञान चंद्र मिश्र का कहना है कि जांच की जा रही है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को जल्द भेज दी जाएगी।
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अप्रैल-मई तथा जुलाई में ब्लॉक और तहसील स्तर पर गठित टीमों ने क्षेत्र के गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों की सूची तैयार कर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को भेजी थी। इसके बावजूद कार्रवाई न होने से जांच की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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आरोप है कि कई विद्यालयों में न तो मानक के अनुरूप भवन हैं और न पर्याप्त योग्य शिक्षक। इसके बाद भी विद्यार्थियों का प्रवेश लेकर बड़ी कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों को मान्यता प्राप्त विद्यालयों से संबद्ध दिखाकर कागजात तैयार कराने की बात भी सामने आती रही है।
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कहीं-कहीं तो विद्यालय की मान्यता से प्राथमिक स्तर की लेकिन कक्षा इंटरमीडिएट तक संचालित हो रही हैं।
बसवारी गांव, खाजों, मनिकापार, तामा, बभनौली, डेबरी, तिघरा, डिहवा, संठी, शनिचरा बाजार, पौली, उमरिया बाजार, मुखलिसपुर, बंडा बाजार और रामपुर बारहकोनी समेत कई स्थानों पर ऐसे विद्यालय संचालित होने की चर्चा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय जांच के दौरान भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। अभिभावक राम शंकर, सुग्रीव, दीनानाथ, महादेव, सुरेंद्र आदि ने मांग की है कि क्षेत्र के सभी विद्यालयों की मान्यता और संचालित कक्षाओं का सत्यापन कराया जाए।
जांच में अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इस संबंध में बीईओ ज्ञान चंद्र मिश्र का कहना है कि जांच की जा रही है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को जल्द भेज दी जाएगी।