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प्रदर्शन कर अनुदेशकों ने मांगा 25 हजार मानदेय
sant kabir nagar hindi news
Updated Fri, 29 Jul 2016 11:47 PM IST
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अनुदेश्ाकाें ने प्रदर्शन किया।
- फोटो : अमर उजाला
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उच्च प्राथमिक अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ओम नारायण शुक्ल की अध्यक्षता में अनुदेशकों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। अनुुुदेशकों ने 25 हजार मानदेय दिलाए जाने की मांग की। इस दौरान अनुदेशकों ने अपनी छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डीएम को दिया।
जिलाध्यक्ष ओम नारायण शुक्ल ने कहा कि नियुक्ति के बाद से ही अनुदेशकों मेहनत करके शिक्षा के स्तर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान निभा रहे हैं। इसके साथ ही जिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या 100 से कम हो जाती है वहा एक्ट की आड़ में तीन वर्षों की निष्ठापूूर्वक सेवा के बाद भी अनुदेशकों को दोषी ठहराते हुए संविदा समाप्त कर बेरोजगार कर दिया जा रहा है। मानदेय बेहद कम महज 8470 रुपये प्रति माह दिया जा रहा है और काम पूर्णकालिक शिक्षक की तरह लिया जा रहा है।
अनुुुदेशकों को 25 हजार मानदेय दिया जाए। स्थानांतरण की सुुविधा प्रदान की जाए। महिला अनुदेशकों को वेतनिक प्रसूता अवकाश की सुविधा प्रदान किया जाए। इसके साथ ही अनुदेशकों का पद स्थायी किया जाए। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों पर अगर विचार नहीं हुआ तो तीन अगस्त को विधान सभा के सामने धरना प्रदर्शन व आत्मदाह के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस अवसर पर प्रदेश सचिव अनूूप राय, महामंत्री संजय यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमलेश आर्य, संगठन मंत्री आशुतोष त्रिपाठी, सुमित चौबे, एसपी चौधरी, सुनील दुबे, पृथ्वी पाल, हरिशंकर मणि त्रिपाठी, आमिर शाह, इंसाफ अली, बाबूलाल समेत अन्य मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष ओम नारायण शुक्ल ने कहा कि नियुक्ति के बाद से ही अनुदेशकों मेहनत करके शिक्षा के स्तर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान निभा रहे हैं। इसके साथ ही जिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या 100 से कम हो जाती है वहा एक्ट की आड़ में तीन वर्षों की निष्ठापूूर्वक सेवा के बाद भी अनुदेशकों को दोषी ठहराते हुए संविदा समाप्त कर बेरोजगार कर दिया जा रहा है। मानदेय बेहद कम महज 8470 रुपये प्रति माह दिया जा रहा है और काम पूर्णकालिक शिक्षक की तरह लिया जा रहा है।
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अनुुुदेशकों को 25 हजार मानदेय दिया जाए। स्थानांतरण की सुुविधा प्रदान की जाए। महिला अनुदेशकों को वेतनिक प्रसूता अवकाश की सुविधा प्रदान किया जाए। इसके साथ ही अनुदेशकों का पद स्थायी किया जाए। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों पर अगर विचार नहीं हुआ तो तीन अगस्त को विधान सभा के सामने धरना प्रदर्शन व आत्मदाह के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस अवसर पर प्रदेश सचिव अनूूप राय, महामंत्री संजय यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमलेश आर्य, संगठन मंत्री आशुतोष त्रिपाठी, सुमित चौबे, एसपी चौधरी, सुनील दुबे, पृथ्वी पाल, हरिशंकर मणि त्रिपाठी, आमिर शाह, इंसाफ अली, बाबूलाल समेत अन्य मौजूद रहे।
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