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Sant Kabir Nagar News: कार्रवाई करने के बजाय समझौते का दबाव बना रही है पुलिस
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संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। क्षेत्र के रामपुर दक्षिणी गांव निवासी 12 वर्षीय बालक पर किए गए हमले के मामले में 51 दिन बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित पिता कार्रवाई की मांग को लेकर सीएम पोर्टल से एसपी तक फरियाद कर चुका है। बताया जाता है कि इस मामले में चौकी इंचार्ज मंगलवार को समझौता करने का सलाह देने लगे।
पीड़ित रामनेवास का आरोप है कि दो सितंबर को उनका 12 वर्षीय बेटा शिव शंकर गांव के चौराहे पर बाइक सड़क किनारे खड़ी करके एक दुकान से सामान खरीद रहा था। उसी समय सात बाइक पर सवार होकर 12 युवक पहुंचे और बेटे की बाइक में टक्कर मार दी, जिससे उसकी बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। बेटे ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी युवक उसे मारने-पीटने लगे। चौराहे पर मौजूद लोग बीच बचाव करने पहुंचते, इससे पहले उसकी गर्दन पर हंसिए से प्रहार कर दिया गया। संजोग अच्छा था अधिक चोट नहीं आई।
उसके बाद सात युवकों को चार बाइक के साथ पकड़ लिया गया। उनको जगदीशपुर पुलिस चौकी ले जाकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस मामले में कार्रवाई के लिए रामनेवास ने तहरीर दी। देर रात होते-होते पुलिस ने आरोपियों को बाइक के साथ छोड़ दिया। तभी से कार्रवाई की मांग को लेकर रामनेवास थाने से लेकर एसपी व सीएम पोर्टल पर छह बार पत्र दे चुके हैं।
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पुलिस सब पर मामले का निस्तारण कर दिए जाने का रिपोर्ट लगाकर भेज दे रही है। 18 अक्तूबर को पीड़ित रामनेवास ने एडिशनल एसपी के कार्यालय में बयान भी दर्ज कराया। रामनेवास का आरोप है कि उनको और उनके बेटे को दलित उत्पीड़न के केस में फसाने की धमकी पुलिस दे रही है। एएसपी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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धनघटा। क्षेत्र के रामपुर दक्षिणी गांव निवासी 12 वर्षीय बालक पर किए गए हमले के मामले में 51 दिन बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित पिता कार्रवाई की मांग को लेकर सीएम पोर्टल से एसपी तक फरियाद कर चुका है। बताया जाता है कि इस मामले में चौकी इंचार्ज मंगलवार को समझौता करने का सलाह देने लगे।
पीड़ित रामनेवास का आरोप है कि दो सितंबर को उनका 12 वर्षीय बेटा शिव शंकर गांव के चौराहे पर बाइक सड़क किनारे खड़ी करके एक दुकान से सामान खरीद रहा था। उसी समय सात बाइक पर सवार होकर 12 युवक पहुंचे और बेटे की बाइक में टक्कर मार दी, जिससे उसकी बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। बेटे ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी युवक उसे मारने-पीटने लगे। चौराहे पर मौजूद लोग बीच बचाव करने पहुंचते, इससे पहले उसकी गर्दन पर हंसिए से प्रहार कर दिया गया। संजोग अच्छा था अधिक चोट नहीं आई।
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उसके बाद सात युवकों को चार बाइक के साथ पकड़ लिया गया। उनको जगदीशपुर पुलिस चौकी ले जाकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस मामले में कार्रवाई के लिए रामनेवास ने तहरीर दी। देर रात होते-होते पुलिस ने आरोपियों को बाइक के साथ छोड़ दिया। तभी से कार्रवाई की मांग को लेकर रामनेवास थाने से लेकर एसपी व सीएम पोर्टल पर छह बार पत्र दे चुके हैं।
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पुलिस सब पर मामले का निस्तारण कर दिए जाने का रिपोर्ट लगाकर भेज दे रही है। 18 अक्तूबर को पीड़ित रामनेवास ने एडिशनल एसपी के कार्यालय में बयान भी दर्ज कराया। रामनेवास का आरोप है कि उनको और उनके बेटे को दलित उत्पीड़न के केस में फसाने की धमकी पुलिस दे रही है। एएसपी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।