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सड़ गया खाद्यान्न, बच्चों में नहीं हुआ वितरित
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सड़ गया खाद्यान्न, बच्चों में नहीं हुआ वितरित
- छह हेडमास्टर की वेतन बाधित करने की संस्तुति
- पांच स्कूलों ने कोटेदार से नहीं उठाया खाद्यान्न
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। खंड शिक्षा अधिकारी ध्रुव कुमार जायसवाल ने सोमवार को परिषदीय विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान कंपोजिट विद्यालय शांति नरगापार पर कोरोना काल में पंजीकृत 150 बच्चों के बीच वितरण करने के बजाए सड़ चुके खाद्यान्न का स्टॉक देख भड़क गए। संबंधित प्रधानाध्यपिका को चेतावनी पत्र देकर एक माह का वेतन बाधित करने की संस्तुति किया। इसी तरह पांच अन्य विद्यालय की जांच में राशन कोटेदार के पास होने की पुष्टि हुई है। वहां के भी हेडमास्टर के वेतन रोकने की संस्तुति की गई है।
एक जुलाई से विद्यालय खुल चुका है। इसकी वास्तविकता जांचने के लिए सोमवार को बीईओ ध्रुव कुमार जायसवाल कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय शांति नरगापार पहुंचे। कमरे में रखा खाद्यान्न स्टॉक देख सन्न हो गए। प्रधानाध्यापिका शशिलता ने बताया कि कोरोना काल में फरवरी माह से अप्रैल माह तक का गल्ला है। जो पंजीकृत छात्रों में वितरित करना था, लेकिन वितरण नहीं किया गया। राशन सड़ भी चुका था। स्थिति देख खंड शिक्षा अधिकारी भड़क गए। प्रधानाध्यापिका को चेतावनी दिया। साथ हीं कार्य में लापरवाही बरतने पर प्रधानाध्यापिका शशिलता का एक माह का वेतन बाधित करने की संस्तुति किया।
इसके बाद वह प्राथमिक विद्यालय निवाहोरिल, कंपोजिट विद्यालय ओनिया, प्राथमिक विद्यालय पिपरा, प्राथमिक विद्यालय जमुनी तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालय मोलनापुर पहुंचे। निरीक्षण में इस बात की पुष्टि हुई कि अध्ययनरत छात्रों के लिए तीन माह के खाद्यान्न को कोटेदार के वहां से उठान नहीं किया गया है। शिक्षकों ने जिम्मेदारी के प्रति लापरवाही बरती। जिस पर बीईओ ने प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार सिंह, सुजीत कुमार, सर्वजीत, आनंद कुमार पांडेय व अरुण कुमार मिश्र को चेतावनी देते हुए उनके खिलाफ करवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर एक माह का वेतन बाधित करने के लिए संस्तुति की। बीईओ ध्रुव कुमार जायसवाल ने बताया कि निरीक्षण में शांति नरगापार विद्यालय पर गल्ला वितरित नहीं कर स्टॉक बनाया गया था। खाद्यान्न सड़ चुका था। शिक्षकों ने कार्य के प्रति लापरवाही बरती थी। इसी तरह अन्य विद्यालय की स्थिति भी इसी तरह रही। करवाई के लिए बेसिक शिक्षाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि खाद्यान्न के बंदरबांट करने के कारण इस तरह का कार्य किया गया है।
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- छह हेडमास्टर की वेतन बाधित करने की संस्तुति
- पांच स्कूलों ने कोटेदार से नहीं उठाया खाद्यान्न
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। खंड शिक्षा अधिकारी ध्रुव कुमार जायसवाल ने सोमवार को परिषदीय विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान कंपोजिट विद्यालय शांति नरगापार पर कोरोना काल में पंजीकृत 150 बच्चों के बीच वितरण करने के बजाए सड़ चुके खाद्यान्न का स्टॉक देख भड़क गए। संबंधित प्रधानाध्यपिका को चेतावनी पत्र देकर एक माह का वेतन बाधित करने की संस्तुति किया। इसी तरह पांच अन्य विद्यालय की जांच में राशन कोटेदार के पास होने की पुष्टि हुई है। वहां के भी हेडमास्टर के वेतन रोकने की संस्तुति की गई है।
एक जुलाई से विद्यालय खुल चुका है। इसकी वास्तविकता जांचने के लिए सोमवार को बीईओ ध्रुव कुमार जायसवाल कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय शांति नरगापार पहुंचे। कमरे में रखा खाद्यान्न स्टॉक देख सन्न हो गए। प्रधानाध्यापिका शशिलता ने बताया कि कोरोना काल में फरवरी माह से अप्रैल माह तक का गल्ला है। जो पंजीकृत छात्रों में वितरित करना था, लेकिन वितरण नहीं किया गया। राशन सड़ भी चुका था। स्थिति देख खंड शिक्षा अधिकारी भड़क गए। प्रधानाध्यापिका को चेतावनी दिया। साथ हीं कार्य में लापरवाही बरतने पर प्रधानाध्यापिका शशिलता का एक माह का वेतन बाधित करने की संस्तुति किया।
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इसके बाद वह प्राथमिक विद्यालय निवाहोरिल, कंपोजिट विद्यालय ओनिया, प्राथमिक विद्यालय पिपरा, प्राथमिक विद्यालय जमुनी तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालय मोलनापुर पहुंचे। निरीक्षण में इस बात की पुष्टि हुई कि अध्ययनरत छात्रों के लिए तीन माह के खाद्यान्न को कोटेदार के वहां से उठान नहीं किया गया है। शिक्षकों ने जिम्मेदारी के प्रति लापरवाही बरती। जिस पर बीईओ ने प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार सिंह, सुजीत कुमार, सर्वजीत, आनंद कुमार पांडेय व अरुण कुमार मिश्र को चेतावनी देते हुए उनके खिलाफ करवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर एक माह का वेतन बाधित करने के लिए संस्तुति की। बीईओ ध्रुव कुमार जायसवाल ने बताया कि निरीक्षण में शांति नरगापार विद्यालय पर गल्ला वितरित नहीं कर स्टॉक बनाया गया था। खाद्यान्न सड़ चुका था। शिक्षकों ने कार्य के प्रति लापरवाही बरती थी। इसी तरह अन्य विद्यालय की स्थिति भी इसी तरह रही। करवाई के लिए बेसिक शिक्षाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि खाद्यान्न के बंदरबांट करने के कारण इस तरह का कार्य किया गया है।
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