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Sant Kabir Nagar News: असमय मासूम अथर्व के सिर से उठ गया पिता का साया
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संतकबीरनगर। खलीलाबाद शहर के डिग्री कॉलेज रोड स्थित ओपन जिम के पास शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे कार की टक्कर से जान गंवाने वाले विश्वजीत सिंह की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। हादसे में परिवार ने अपना जवान बेटा खो दिया, वहीं महज डेढ़ साल के मासूम अथर्व के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।
विश्वजीत की असमय मौत की खबर सुनकर बुजुर्ग मां-पिता बदहवास हो गए। सूचना के बाद मित्र व नाते रिश्तेदार घर पहुंचकर परिजन को ढाढ़स बंधाने में जुट गए। कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के ऊनखास गांव निवासी विश्वजीत सिंह की शादी करीब तीन वर्ष पहले बस्ती में हुई थी।
उनकी पत्नी सिद्धि और डेढ़ साल का बेटा अथर्व है। परिवार के मुताबिक विश्वजीत अपने परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के साथ ही शहर के नेदुला में अजीत इलेक्ट्रिकल नाम से दुकान चलाते थे। कारोबार के सिलसिले में उनका आना-जाना लगा रहता था। परिजन की मानें तो शुक्रवार को रक्षाबंधन के दिन वह दिन में दुकान पर मौजूद थे। दो बजे के आसपास वह दुकान बंदकर घर चले गए।
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पिता की तबीयत खराब होने की वजह से उन्होंने अपने जानने वाले एक व्यक्ति से खांसी की दवा मंगाई थी और शाम को वह खुद व पिता को दवा पिलाने के बाद घर से किसी काम से शहर में निकले थे और डिग्री कॉलेज मार्ग पर ओपन जिम के पास हादसे का शिकार हो गए।
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जवान बेटे की मौत ने तोड़ दिया पिता को
विश्वजीत के पिता ओंकार सिंह करीब 70 वर्ष के हैं और खेती-किसानी करते हैं। मां प्रभावती सिंह की उम्र करीब 65 वर्ष है। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद दोनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जिस बेटे को लेकर परिवार ने बेहतर भविष्य के सपने संजोए थे, उसकी अचानक मौत की खबर ने माता-पिता को गहरा सदमा दिया। परिवार में विश्वजीत के बड़े भाई अजीत सिंह हैं। हादसे के बाद उन्होंने मामले में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पत्नी और मासूम बेटे की जिम्मेदारी का सवाल
विश्वजीत की मौत के बाद उनकी पत्नी सिद्धि और डेढ़ साल के बेटे अथर्व के सामने भविष्य की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। परिवार में सबसे अधिक चिंता अब मासूम अथर्व को लेकर है, जिसने अभी ठीक से बोलना भी शुरू नहीं किया और उसके सिर से पिता का साया उठ गया। परिजनों के अनुसार विश्वजीत परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर काफी गंभीर थे और अपने कारोबार के साथ घर-परिवार को भी संभाल रहे थे।
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हादसे ने परिवार को दिया कभी न भरने वाला जख्म
शुक्रवार शाम डिग्री कॉलेज रोड पर हुए हादसे के बाद मौके पर जुटे लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी थी। कार की टक्कर से विश्वजीत गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के लिए ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी जब परिवार तक पहुंची तो घर में चीख पुकार मच गई। शनिवार को भी परिजन और रिश्तेदारों के बीच मातम का माहौल रहा। इस हादसे ने पूरे परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया।
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विश्वजीत की असमय मौत की खबर सुनकर बुजुर्ग मां-पिता बदहवास हो गए। सूचना के बाद मित्र व नाते रिश्तेदार घर पहुंचकर परिजन को ढाढ़स बंधाने में जुट गए। कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के ऊनखास गांव निवासी विश्वजीत सिंह की शादी करीब तीन वर्ष पहले बस्ती में हुई थी।
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उनकी पत्नी सिद्धि और डेढ़ साल का बेटा अथर्व है। परिवार के मुताबिक विश्वजीत अपने परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के साथ ही शहर के नेदुला में अजीत इलेक्ट्रिकल नाम से दुकान चलाते थे। कारोबार के सिलसिले में उनका आना-जाना लगा रहता था। परिजन की मानें तो शुक्रवार को रक्षाबंधन के दिन वह दिन में दुकान पर मौजूद थे। दो बजे के आसपास वह दुकान बंदकर घर चले गए।
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पिता की तबीयत खराब होने की वजह से उन्होंने अपने जानने वाले एक व्यक्ति से खांसी की दवा मंगाई थी और शाम को वह खुद व पिता को दवा पिलाने के बाद घर से किसी काम से शहर में निकले थे और डिग्री कॉलेज मार्ग पर ओपन जिम के पास हादसे का शिकार हो गए।
जवान बेटे की मौत ने तोड़ दिया पिता को
विश्वजीत के पिता ओंकार सिंह करीब 70 वर्ष के हैं और खेती-किसानी करते हैं। मां प्रभावती सिंह की उम्र करीब 65 वर्ष है। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद दोनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जिस बेटे को लेकर परिवार ने बेहतर भविष्य के सपने संजोए थे, उसकी अचानक मौत की खबर ने माता-पिता को गहरा सदमा दिया। परिवार में विश्वजीत के बड़े भाई अजीत सिंह हैं। हादसे के बाद उन्होंने मामले में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पत्नी और मासूम बेटे की जिम्मेदारी का सवाल
विश्वजीत की मौत के बाद उनकी पत्नी सिद्धि और डेढ़ साल के बेटे अथर्व के सामने भविष्य की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। परिवार में सबसे अधिक चिंता अब मासूम अथर्व को लेकर है, जिसने अभी ठीक से बोलना भी शुरू नहीं किया और उसके सिर से पिता का साया उठ गया। परिजनों के अनुसार विश्वजीत परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर काफी गंभीर थे और अपने कारोबार के साथ घर-परिवार को भी संभाल रहे थे।
हादसे ने परिवार को दिया कभी न भरने वाला जख्म
शुक्रवार शाम डिग्री कॉलेज रोड पर हुए हादसे के बाद मौके पर जुटे लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी थी। कार की टक्कर से विश्वजीत गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के लिए ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी जब परिवार तक पहुंची तो घर में चीख पुकार मच गई। शनिवार को भी परिजन और रिश्तेदारों के बीच मातम का माहौल रहा। इस हादसे ने पूरे परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया।