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बजट की राह देख रहीं अधूरी परियोजनाएं

Wed, 16 Nov 2022 11:35 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 16 Nov 2022 11:35 PM IST
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Incomplete projects waiting for budget
बेलहर कलां में थाने के बगल में बना पुलिस कर्मियों का आवासीय भवन अभी अधूरा पड़ा है।संवाद - फोटो : KHALILABAD
बजट की राह देख रहीं अधूरी परियोजनाएं
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धनाभाव में 50 लाख रुपये से अधिक की 25 से ज्यादा परियोजनाएं समय से नहीं हो पाईं पूर्ण
संतकबीरनगर। बजट की राह देख रही हैं अधूरी परियोजनाएं। धनाभाव में 50 लाख रुपये से अधिक की 25 से अधिक परियोजनाएं पूर्ण नहीं हो पाईं। कुछ परियोजनाओं का एक साल से काम बंद है। डीएम ने इन्हें पूर्ण कराने के लिए शासन से बजट की मांग की है।
दो फरवरी 2018 को सांथा विकास खंड के परसामाफी में 2.34 करोड़ की लागत से सद्भाव मंडप का निर्माण कार्यदायी संस्था पैकफेड ने शुरू कराया था। 31 मार्च 2021 में निर्माण कार्य पूर्ण हो जाना था, लेकिन बजट की कमी से काम बंद है। धर्मसिंहवा में 2.84 करोड़ की लागत से पेयजल परियोजना का कार्य आठ मार्च 2019 में शुरू हुआ। मार्च 2021 में पूर्ण होना था। यह कार्य भी बंद है।
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वर्ष 2017 में करमाखान में राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण 3.49 करोड़ की लागत से शुरू हुआ। मार्च 2021 में पूर्ण होना था, लेकिन धनभाव के कारण कार्य बंद है। राजकीय पुस्तकालय संतकबीरनगर, बघौली में नर्सिंग कॉलेज, बघौली में कामन सर्विस सेंटर का निर्माण कार्य मार्च 2020 में शुरु हुआ। वर्ष 2021 में ही पूर्ण हो जाना था, लेकिन धनाभाव के कारण कार्य बंद है।
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सेमरियावां में कामन सर्विस सेंटर, करमाखान में पेयजल परियोजना, करही में पेयजल परियोजना, दोनों कुईया में पेयजल परियोजना का कार्य भी धनाभाव में बंद हैं। ये सभी कार्य 2021 में पूर्ण हो जाने चाहिए थे। सांथा क्षेत्र के पटखानाखास में राजकीय महिला डिग्री कॉलेज, जिला मुख्यालय पर लोहिया पर्यवरणीय उद्यान एवं पार्क निर्माण, जिला उपभोक्ता फोरम का भवन निर्माण कार्य, धनघटा और मेंहदावल में अग्नि शमन केंद्र और पुलिस लाइंस में आवासीय भवनों का निर्माण कार्य 2021 में ही पूर्ण होना था, जो बजट की कमी से रुका है।
राजकीय पालीटेक्निक में 60 बेड का हॉस्टल निर्माण, कस्तूरबा विद्यालय खलीलाबाद में छात्रावास, मुसहरा में राजकीय इंटर कॉलेज, सेमरियावां में राजकीय इंटर कॉलेज, जोगाराजा में राजकीय आईटीआई, काटामान सिंह में राजकीय आईटीआई ,राजकीय आश्रम पद्धति चकदी में भवन मरम्मत कार्य बजट की कमी से बंद है।
कार्यदायी संस्था यूपी सिडको के अधिशाषी अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि पाइप पेयजल की जो परियोजनाएं अधूरी हैं, उसकी वजह है कि स्वीकृत बजट का आधा रकम भी नहीं मिल पाया। डीएम के माध्यम से बजट की मांग शासन से की गई है। करमाखान में राजकीय इंटर कॉलेज वर्ष 2017 में स्वीकृत हुआ था। वर्ष 2019 में कार्य पूर्ण होना था, लेकिन बजट की कमी से काम बंद पड़ा है। संवाद
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शासन से की गई है बजट की मांग : सीडीओ
सीडीओ अतुल मिश्र ने बताया कि जिले में 50 लाख रुपये से अधिक की करीब 50 परियोजनाएं हैं। इनमें 25 से अधिक परियोजनाएं बजट नहीं मिलने की वजह से पूर्ण नहीं हो पाई हैं। अधूरी परियोजनाओं को पूर्ण कराने के लिए डीएम के माध्यम से शासन में पत्राचार किया गया है।

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कोट
जिले में 50 लाख रुपये से ऊपर की परियोजनाओं की समीक्षा की गई है। अधूरी परियोजनाओं को पूर्ण कराने के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। उम्मीद है कि जल्द ही शासन से अवशेष बजट आवंटित हो जाएगा। उसके बाद कार्यदायी संस्थाओं से कार्य तेजी के साथ कराने के निर्देश देकर काम पूर्ण कराए जाएंगे।
- प्रेम रंजन सिंह, डीएम
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