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मौसम के बदले रुख से ठंड बढ़ी, किसान चिंतित
Tue, 22 Jan 2019 11:36 PM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Tue, 22 Jan 2019 11:36 PM IST
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मौसम के बदले रुख से ठंड बढ़ी, किसान चिंतित
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। मंगलवार कीसुबह से अचानक बदले मौसम ने शाम को किसानों की चिंता बढ़ा दी। तेज गरज के साथ कुछ बौछारें भी पड़ीं। ठंडी हवाएं चलने व खराब मौसम को देख लोग जल्द घरों को लौट गए। किसान मौसम के इस रुख से चिंतित हैं।
इस वर्ष नवंबर से अब तक कोहरा न के बराबर गिरा। आकाश भी साफ रहा और सामान्य तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से ऊपर ही रहा। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में हल्की बूंदाबांदी होने से तिलहन व दलहन की फसल को संजीवनी मिली है। गेहूं के किसान भी खेत की सिंचाई के बाद अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन मंगलवार सुबह से ही मौसम में परिवर्तन दिख रहा है। दिनभर सूरज व बादलों की लुकाछिपी चलती रही। दोपहर बाद ठंडी हवाएं चलने से मौसम सर्द होने लगा। शाम को अचानक बादल घने हुए और गरज-चमक के साथ बौछारें भी पड़ीं। किसान राधेश्याम, रामवेलास, दुर्गेश, सुरेंद्र, रामकिशुन, शंभू आदि का मानना है कि बारिश तेज हुई तो तिलहन व दलहन की फसल प्रभावित हो सकती है। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा का कहना है कि किसानों को इस बरसात से चिंतित होने की जरूरत नहीं है। बूंदाबांदी या हल्की बरसात सभी फसलों के लिए फायदेमंद होगी।
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इस वर्ष नवंबर से अब तक कोहरा न के बराबर गिरा। आकाश भी साफ रहा और सामान्य तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से ऊपर ही रहा। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में हल्की बूंदाबांदी होने से तिलहन व दलहन की फसल को संजीवनी मिली है। गेहूं के किसान भी खेत की सिंचाई के बाद अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन मंगलवार सुबह से ही मौसम में परिवर्तन दिख रहा है। दिनभर सूरज व बादलों की लुकाछिपी चलती रही। दोपहर बाद ठंडी हवाएं चलने से मौसम सर्द होने लगा। शाम को अचानक बादल घने हुए और गरज-चमक के साथ बौछारें भी पड़ीं। किसान राधेश्याम, रामवेलास, दुर्गेश, सुरेंद्र, रामकिशुन, शंभू आदि का मानना है कि बारिश तेज हुई तो तिलहन व दलहन की फसल प्रभावित हो सकती है। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा का कहना है कि किसानों को इस बरसात से चिंतित होने की जरूरत नहीं है। बूंदाबांदी या हल्की बरसात सभी फसलों के लिए फायदेमंद होगी।
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