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तेज गर्मी में तो रुला देगी ऐसी जलापूर्ति
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Sat, 24 Mar 2018 11:24 PM IST
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नगर पालिका ने बरदहिया में बनी टंकी।
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। नगर पालिका परिषद खलीलाबाद में पेयजल व्यवस्था अभी भी पुराने मानक पर ही है। ऐसे में भविष्य में पेयजल का संकट खड़ा हो सकता है। गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ही शहरवासियों को पेयजल की चिंता सताने लगी है।
खलीलाबाद में कुल 25 वार्ड हैं। जिसकी आबादी 2011 की जनगणना के हिसाब से लगभग 48 हजार के आसपास है। तेज धूप हो या ठंड का मौसम हर व्यक्ति को पानी की जरूरत पड़ती है। नगरवासियों के लिए पालिका प्रशासन की तरफ से पेयजल के लिए कुल चार पंप हाउस की व्यवस्था की गई है। जिसमें से एक पंप हाउस निष्प्रयोज्य हो चुका है और तीन पंप हाउस ही वर्तमान में काम कर रहे हैं। इसके अलावा 2200 किलोलीटर का एक ओवर हेडटैंक है। पूरे क्षेत्र में कुल 242 इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं। जिसमें एक दर्जन हैंडपंप या तो खराब पड़े हैं या फिर उनका पानी पीने योग्य नहीं है। सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को पेयजल के लिए पालिका प्रशासन ने लगभग 125 टोटियां लगाई है। नए आबादी वाले बहुत से वार्ड ऐसे हैं, जहां पर अभी तक नगर पालिका प्रशासन द्वारा पाइप लाइन का विस्तार भी नहीं किया गया है। आंकड़ों को यदि सही माने तो एक व्यक्ति को औसतन प्रतिदिन 135 लीटर पानी आपूर्ति किए जाने का मानक है।
नपा की व्यवस्था और उपलब्धता पर यदि गौर करें तो 2001 की जनगणना के अनुसार पूरे क्षेत्र की आबादी 40 हजार थी और ओवर हेडटैंक की क्षमता 2200 किलोलीटर की है। ऐसे में 40 हजार की ही आबादी के लिए 24 लाख लीटर पानी की रोज जरूरत है। इससे स्पष्ट है कि पहले ही आबादी के हिसाब से पानी की उपलब्धता कम है। जबकि यह आंकड़े लगभग सत्रह साल पुराने हैं। मौजूदा समय में पालिका क्षेत्र की आबादी लगभग बढ़कर 48 हजार के आसपास पहुंच गई है। ऐसे में यदि देखा जाए तो 67 लाख 50 हजार लीटर पानी की प्रतिदिन जरूरत है। इस संबंध में ईओ बीना सिंह ने बताया कि शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो, इसके लिए नपा प्रशासन कटिबद्ध है। बिजली आपूर्ति न होने पर जनरेटर चलाया जाता है। साथ ही नगर पालिका क्षेत्र में वाटर कूलर भी चौराहों पर लगाए गए हैं। पूरा प्रयास है कि सभी वार्डों में पानी पहुंचाया जाए।
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खलीलाबाद में कुल 25 वार्ड हैं। जिसकी आबादी 2011 की जनगणना के हिसाब से लगभग 48 हजार के आसपास है। तेज धूप हो या ठंड का मौसम हर व्यक्ति को पानी की जरूरत पड़ती है। नगरवासियों के लिए पालिका प्रशासन की तरफ से पेयजल के लिए कुल चार पंप हाउस की व्यवस्था की गई है। जिसमें से एक पंप हाउस निष्प्रयोज्य हो चुका है और तीन पंप हाउस ही वर्तमान में काम कर रहे हैं। इसके अलावा 2200 किलोलीटर का एक ओवर हेडटैंक है। पूरे क्षेत्र में कुल 242 इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं। जिसमें एक दर्जन हैंडपंप या तो खराब पड़े हैं या फिर उनका पानी पीने योग्य नहीं है। सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को पेयजल के लिए पालिका प्रशासन ने लगभग 125 टोटियां लगाई है। नए आबादी वाले बहुत से वार्ड ऐसे हैं, जहां पर अभी तक नगर पालिका प्रशासन द्वारा पाइप लाइन का विस्तार भी नहीं किया गया है। आंकड़ों को यदि सही माने तो एक व्यक्ति को औसतन प्रतिदिन 135 लीटर पानी आपूर्ति किए जाने का मानक है।
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नपा की व्यवस्था और उपलब्धता पर यदि गौर करें तो 2001 की जनगणना के अनुसार पूरे क्षेत्र की आबादी 40 हजार थी और ओवर हेडटैंक की क्षमता 2200 किलोलीटर की है। ऐसे में 40 हजार की ही आबादी के लिए 24 लाख लीटर पानी की रोज जरूरत है। इससे स्पष्ट है कि पहले ही आबादी के हिसाब से पानी की उपलब्धता कम है। जबकि यह आंकड़े लगभग सत्रह साल पुराने हैं। मौजूदा समय में पालिका क्षेत्र की आबादी लगभग बढ़कर 48 हजार के आसपास पहुंच गई है। ऐसे में यदि देखा जाए तो 67 लाख 50 हजार लीटर पानी की प्रतिदिन जरूरत है। इस संबंध में ईओ बीना सिंह ने बताया कि शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो, इसके लिए नपा प्रशासन कटिबद्ध है। बिजली आपूर्ति न होने पर जनरेटर चलाया जाता है। साथ ही नगर पालिका क्षेत्र में वाटर कूलर भी चौराहों पर लगाए गए हैं। पूरा प्रयास है कि सभी वार्डों में पानी पहुंचाया जाए।
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