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14 घंटे में ही डकैती मारपीट में ‘तब्दील’
Sant Kabir Nagar
Updated Sun, 16 Apr 2017 10:53 PM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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शहर के मोहिद्दीनपुर में स्थित देशी शराब की दुकान में हुई डकैती की जांच कर रही पुलिस ने 14 घंटे बाद ही डकैती की धारा हटा दी। अब विवेचना बलवा, मारपीट और तोड़फोड़ की घटना मानकर की जा रही है। हालांकि आबादी के बीच जिन स्थानों पर दुकानें खुलीं हैं, वहां लोग विरोध कर रहे हैं। अब तक छह से अधिक विरोध प्रदर्शन के मामले सामने आ चुके हैं।
मोहिद्दीनपुर के लोगों ने मोहल्ले में देशी शराब की दुकान खुलने के विरोध में शनिवार को डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। इस दौरान प्रार्थना पत्र देकर दुकान हटवाए जाने की मांग की गई थी। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे मोहिद्दीनपुर की शराब की दुकान में वारदात हुई। देशी शराब की दुकान के विक्रेता और आजगमगढ़ जिले के थाना जियनपुर, गडेडुआ निवासी धनंजय सिंह का आरोप था कि वह शनिवार दोपहर में दुकान पर बैठे थे। उसी दौरान मोहिद्दीनपुर की 20-25 महिलाएं 40 से अधिक पुरुषों के साथ दुुकान में पहुंची। ये लोग दुकान में घुसकर तोड़फोड़ करने लगे।
यही नहीं 70,200 रुपये और 1,69,935 रुपये कीमत की 69 पेटी लूट ले गए। इस वारदात में अब्दुल रसीद, भोला, डॉक्टर जमाल, बिस्मिल्लाह, मेहदीहसन, अब्दुल वहीद, अमीन, इमदाद,करीम आदि शामिल थे। रात में ही पुलिस ने अब्दुल रसीद समेत नौ नामजद और 66 अज्ञात लोगों पर डकैती का केस दर्ज किया। कोतवाल कमला यादव ने बताया कि जांच में महिलाओं और पुरुषों ने एकजुट होकर देशी शराब की दुकान में तोड़फोड़ की थी। नकदी और शराब लूट की घटना सत्य नहीं पाई गई। ऐसे में डकैती की धारा हटा दी गई है।
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पिछले एक सप्ताह में जिले में बस्ती से करमैनी मार्ग, बांसी से बखिरा मार्ग, बस्ती से सिकरीगंज मार्ग और लखनऊ - गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पहले से स्थित शराब की लाइसेंसी दुकानों को हटवा कर दूसरी जगह स्थापित कराने की प्रक्रिया शुरू हुई। उसके बाद दलेलगंज, मगहर कसबा, सोनौरा, नौदरी, गागरगाड़ आदि जगहों पर आबादी और स्कूल के आस-पास शराब की दुकानों के खोले जाने के बाद विरोध प्रारंभहो गया। आबकारी इंस्पेक्टर अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे के किनारे स्थित 76 दुकानों को हटा कर दूसरी जगह स्थापित कराया गया है।
नंदौर से अंग्रेजी,देशी शराब और बीयर की दुकानें हट कर सोनौरा में स्थापित हुई तो वहां लोगों ने एतराज जताया। ऐसा ही मामला मोहिद्दीनपुर में भी था, जहां घटना घट गई और विक्रेता ने केस दर्ज करा दिया है। जिसकी जांच पुलिस कर रही है। एसपी हीरालाल ने बताया कि मोहिद्दीनपुर में जो घटना हुई ,उसमें पूछताछ में पता चला कि डीएम से शिकायत करके लौटने के बाद दुकान खुली देख कर भीड़ उग्र हो गई और तोड़फोड़ की गई। कोतवाल को निष्पक्ष विवेचना करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
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मोहिद्दीनपुर के लोगों ने मोहल्ले में देशी शराब की दुकान खुलने के विरोध में शनिवार को डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। इस दौरान प्रार्थना पत्र देकर दुकान हटवाए जाने की मांग की गई थी। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे मोहिद्दीनपुर की शराब की दुकान में वारदात हुई। देशी शराब की दुकान के विक्रेता और आजगमगढ़ जिले के थाना जियनपुर, गडेडुआ निवासी धनंजय सिंह का आरोप था कि वह शनिवार दोपहर में दुकान पर बैठे थे। उसी दौरान मोहिद्दीनपुर की 20-25 महिलाएं 40 से अधिक पुरुषों के साथ दुुकान में पहुंची। ये लोग दुकान में घुसकर तोड़फोड़ करने लगे।
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यही नहीं 70,200 रुपये और 1,69,935 रुपये कीमत की 69 पेटी लूट ले गए। इस वारदात में अब्दुल रसीद, भोला, डॉक्टर जमाल, बिस्मिल्लाह, मेहदीहसन, अब्दुल वहीद, अमीन, इमदाद,करीम आदि शामिल थे। रात में ही पुलिस ने अब्दुल रसीद समेत नौ नामजद और 66 अज्ञात लोगों पर डकैती का केस दर्ज किया। कोतवाल कमला यादव ने बताया कि जांच में महिलाओं और पुरुषों ने एकजुट होकर देशी शराब की दुकान में तोड़फोड़ की थी। नकदी और शराब लूट की घटना सत्य नहीं पाई गई। ऐसे में डकैती की धारा हटा दी गई है।
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पिछले एक सप्ताह में जिले में बस्ती से करमैनी मार्ग, बांसी से बखिरा मार्ग, बस्ती से सिकरीगंज मार्ग और लखनऊ - गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पहले से स्थित शराब की लाइसेंसी दुकानों को हटवा कर दूसरी जगह स्थापित कराने की प्रक्रिया शुरू हुई। उसके बाद दलेलगंज, मगहर कसबा, सोनौरा, नौदरी, गागरगाड़ आदि जगहों पर आबादी और स्कूल के आस-पास शराब की दुकानों के खोले जाने के बाद विरोध प्रारंभहो गया। आबकारी इंस्पेक्टर अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे के किनारे स्थित 76 दुकानों को हटा कर दूसरी जगह स्थापित कराया गया है।
नंदौर से अंग्रेजी,देशी शराब और बीयर की दुकानें हट कर सोनौरा में स्थापित हुई तो वहां लोगों ने एतराज जताया। ऐसा ही मामला मोहिद्दीनपुर में भी था, जहां घटना घट गई और विक्रेता ने केस दर्ज करा दिया है। जिसकी जांच पुलिस कर रही है। एसपी हीरालाल ने बताया कि मोहिद्दीनपुर में जो घटना हुई ,उसमें पूछताछ में पता चला कि डीएम से शिकायत करके लौटने के बाद दुकान खुली देख कर भीड़ उग्र हो गई और तोड़फोड़ की गई। कोतवाल को निष्पक्ष विवेचना करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।