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दुष्कर्म के दोषी को सात वर्ष का कारावास
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दुष्कर्म के दोषी को सात वर्ष का कारावास
- न्यायाधीश ने साठ हजार रुपये अर्थदंड से भी किया दंडित
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक अनिल कुमार वशिष्ठ ने दुष्कर्म के दोषी को सात वर्ष की सजा सुनाई। इसके साथ में साठ हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिमन्यु पाल ने बताया की पीड़िता ने थाना मेंहदावल में तहरीर दिया कि उसके मकान के बगल में आरोपी का मकान है। दोनो का छत सटा हुआ है। बारह अप्रैल 2010 को बारह बजे रात में वह अपने छत पर सोई हुई थी। चाकू के दम पर आरोपी ने दुष्कर्म किया।
तहरीर के आधार पर मेंहदवल थाने में मुकदमा पंजीकृत हुआ। विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय में दिए गए पीड़िता के बयान तथा साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही साठ हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
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- न्यायाधीश ने साठ हजार रुपये अर्थदंड से भी किया दंडित
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक अनिल कुमार वशिष्ठ ने दुष्कर्म के दोषी को सात वर्ष की सजा सुनाई। इसके साथ में साठ हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिमन्यु पाल ने बताया की पीड़िता ने थाना मेंहदावल में तहरीर दिया कि उसके मकान के बगल में आरोपी का मकान है। दोनो का छत सटा हुआ है। बारह अप्रैल 2010 को बारह बजे रात में वह अपने छत पर सोई हुई थी। चाकू के दम पर आरोपी ने दुष्कर्म किया।
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तहरीर के आधार पर मेंहदवल थाने में मुकदमा पंजीकृत हुआ। विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय में दिए गए पीड़िता के बयान तथा साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही साठ हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
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