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अंदर फरियाद तो बाहर हुआ हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Wed, 08 Jun 2016 12:25 AM IST
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डीएम का घेराव किया।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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धनघटा तहसील में मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. सरोज कुमार की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में अंदर फरियाद तो बाहर हंगामा होता रहा। जिलाधिकारी से मिलने समूह में जाने की कोशिश करने वालों को पुलिस ने रोके रखा। इसके कारण आक्रोशित लोग बाहर नारेबाजी करते रहे। डीएम के जाते समय उनके गाड़ी के पास पहुंच कर फरियादियों ने उन्हें घेर लिया और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। डीएम के आश्वासन के बाद फरियादी माने।
जिलाधिकारी और एसपी शैलेश कुमार पांडेय जब तहसील पर पहुंचे तो फरियादियों की भीड़ लग गई। जिले के आला अफसरों से मिलकर अपनी पीड़ा सुनाने के लिए लोग तहसील सभागार में उमड़ पडे़। भीड़ को देख पुलिस सतर्क हो गई और पश्चिम तरफ के रास्ते को बंद कर दिया। पूरब से जाने वाले रास्ते पर भी पुलिस कर्मी मुश्तैद हो गए। अंदर एक आदमी से अधिक लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया। इसके बाद बाहर नाथनगर ब्लॉक के चंदापार, हैंसर के गायघाट, फूलुई, हकीमपुर, भगौतीपुर, भरतपुरा, कटहा उर्फ भिटहा समेत कई गांव के लोग कोटेदार पर कार्रवाई की मांग करते रहे। चंदापार गांव के राजन, राजू कुमार, मनीष, राजकुमार भरतपुरा के ग्राम प्रधान रामा देवी, राजेश, संतोष चौहान, शीतल पाल , राघव, राधेश्याम कटार मिश्र गांव के परशुराम, राम शरन, केवला देवी यशोदा आदि का कहना था कि उनके गांव के कोटे की दुकान की जांच हुई जांच में अनियमितता पाई गई इसके बाद भी कार्रवाई नही हो रही है। इसी के साथ जमीन और राशन कार्ड संबंधी मामले भी पेश हुए। हंगामा पर आमादा गांव वालों को मनाने में पुलिस का काफी मशक्कत करनी पड़ी। लोग यही कहते सुने गए कि इस तरह की तहसील दिवस यहां पहली बार देखने को मिली कि पुलिस के पहरे के कारण पीड़ित फरियाद नही कर सके। इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि तहसील दिवस और समाधान दिवस में आए मामलों का निस्तारण त्वरित होना चाहिए चाहिए। इसमें लापरवाही क्षम्य नही होगी। तहसील दिवस में कुल 199 मामले आए, इसमें से तीन का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामले संबंधित को निस्तारण के लिए भेज दिया गया।
मेंहदावल में 60 तो खलीलाबाद में 102 मामले आए
मंगलवार को मेंहदावल में आयोजित तहसील दिवस में 60 मामले आए, लेकिन एक का भी निस्तारण मौके पर नहीं हो सका। इस दौरान एसडीएम रामजीवन व सीओ उत्तम सिंह ने फरियाद सुनी, जबकि खलीलाबाद में एसडीएम गौरव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में 102 मामले आए, जिसमें से तीन का मौके पर निस्तारण किया गया।
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जिलाधिकारी और एसपी शैलेश कुमार पांडेय जब तहसील पर पहुंचे तो फरियादियों की भीड़ लग गई। जिले के आला अफसरों से मिलकर अपनी पीड़ा सुनाने के लिए लोग तहसील सभागार में उमड़ पडे़। भीड़ को देख पुलिस सतर्क हो गई और पश्चिम तरफ के रास्ते को बंद कर दिया। पूरब से जाने वाले रास्ते पर भी पुलिस कर्मी मुश्तैद हो गए। अंदर एक आदमी से अधिक लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया। इसके बाद बाहर नाथनगर ब्लॉक के चंदापार, हैंसर के गायघाट, फूलुई, हकीमपुर, भगौतीपुर, भरतपुरा, कटहा उर्फ भिटहा समेत कई गांव के लोग कोटेदार पर कार्रवाई की मांग करते रहे। चंदापार गांव के राजन, राजू कुमार, मनीष, राजकुमार भरतपुरा के ग्राम प्रधान रामा देवी, राजेश, संतोष चौहान, शीतल पाल , राघव, राधेश्याम कटार मिश्र गांव के परशुराम, राम शरन, केवला देवी यशोदा आदि का कहना था कि उनके गांव के कोटे की दुकान की जांच हुई जांच में अनियमितता पाई गई इसके बाद भी कार्रवाई नही हो रही है। इसी के साथ जमीन और राशन कार्ड संबंधी मामले भी पेश हुए। हंगामा पर आमादा गांव वालों को मनाने में पुलिस का काफी मशक्कत करनी पड़ी। लोग यही कहते सुने गए कि इस तरह की तहसील दिवस यहां पहली बार देखने को मिली कि पुलिस के पहरे के कारण पीड़ित फरियाद नही कर सके। इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि तहसील दिवस और समाधान दिवस में आए मामलों का निस्तारण त्वरित होना चाहिए चाहिए। इसमें लापरवाही क्षम्य नही होगी। तहसील दिवस में कुल 199 मामले आए, इसमें से तीन का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामले संबंधित को निस्तारण के लिए भेज दिया गया।
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मेंहदावल में 60 तो खलीलाबाद में 102 मामले आए
मंगलवार को मेंहदावल में आयोजित तहसील दिवस में 60 मामले आए, लेकिन एक का भी निस्तारण मौके पर नहीं हो सका। इस दौरान एसडीएम रामजीवन व सीओ उत्तम सिंह ने फरियाद सुनी, जबकि खलीलाबाद में एसडीएम गौरव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में 102 मामले आए, जिसमें से तीन का मौके पर निस्तारण किया गया।
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