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Sant Kabir Nagar News: दराेगा कैसे साधें निशाना, जब अभ्यास के लिए नहीं फायरिंग रेंज
Fri, 03 May 2024 11:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 03 May 2024 11:36 PM IST
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-अभ्यास के लिए 40 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है गोरखपुर व बस्ती
-नियमित अभ्यास न होने से नहीं बैठता सटीक निशाना
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जनपद में पुलिस कर्मियों को फायरिंग का अभ्यास करने के लिए शूटिंग रेंज न होने से करीब 40 किलोमीटर दूर गोरखपुर व बस्ती जाना पड़ता है। यही वजह है कि नियमित अभ्यास न होने से अक्सर उनका निशाना सटीक नहीं बैठता और असलहे को जोड़ने व लोड़ करने में भी काफी समस्या पैदा होती है।
जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुल आठ थाने है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस कर्मियों को शस्त्र दिए जाते है। पुलिस कर्मी से लेकर पुलिस अधिकारी तक फायरिंग का अभ्यास करते हैं। लेकिन उन्हे इसके लिए गोरखपुर व बस्ती लगभग 40 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इससे जहां पर कार्य सरकार प्रभावित होता है वही पर सभी को इतना लंबा चक्कर लगाने के वजह से काफी थकान होती है। पुलिस कर्मी को बस्ती अथवा गोरखपुर आने जाने में ही काफी लंबा समय लग जाता है और जिले स्तर पर समय से सरकारी कार्य भी पूरा नही हो पाता। बराबर अभ्यास न हो पाने के वजह से अक्सर उन्हें समस्या का सामना करना पड़ता है। पिछले दिनों कोतवाली खलीलाबाद में आईजी रेंज बस्ती के निरीक्षण भी फायरिंग में कमी पाया गया। कोतवाली में तैनात एक दरोगा को असलहा लोड़ करने में समस्या आई। जिसके बाद आईजी ने एसपी को बराबर अभ्यास कराने के लिए कहा था।
जनपद में फायरिंग रेंज नहीं है। जिसकी वजह से पुलिसकर्मियों को बस्ती व गोरखपुर फायरिंग का अभ्यास के लिए भेजा जाता है।
- सत्यजीत गुप्ता, एसपी
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-नियमित अभ्यास न होने से नहीं बैठता सटीक निशाना
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जनपद में पुलिस कर्मियों को फायरिंग का अभ्यास करने के लिए शूटिंग रेंज न होने से करीब 40 किलोमीटर दूर गोरखपुर व बस्ती जाना पड़ता है। यही वजह है कि नियमित अभ्यास न होने से अक्सर उनका निशाना सटीक नहीं बैठता और असलहे को जोड़ने व लोड़ करने में भी काफी समस्या पैदा होती है।
जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुल आठ थाने है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस कर्मियों को शस्त्र दिए जाते है। पुलिस कर्मी से लेकर पुलिस अधिकारी तक फायरिंग का अभ्यास करते हैं। लेकिन उन्हे इसके लिए गोरखपुर व बस्ती लगभग 40 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इससे जहां पर कार्य सरकार प्रभावित होता है वही पर सभी को इतना लंबा चक्कर लगाने के वजह से काफी थकान होती है। पुलिस कर्मी को बस्ती अथवा गोरखपुर आने जाने में ही काफी लंबा समय लग जाता है और जिले स्तर पर समय से सरकारी कार्य भी पूरा नही हो पाता। बराबर अभ्यास न हो पाने के वजह से अक्सर उन्हें समस्या का सामना करना पड़ता है। पिछले दिनों कोतवाली खलीलाबाद में आईजी रेंज बस्ती के निरीक्षण भी फायरिंग में कमी पाया गया। कोतवाली में तैनात एक दरोगा को असलहा लोड़ करने में समस्या आई। जिसके बाद आईजी ने एसपी को बराबर अभ्यास कराने के लिए कहा था।
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जनपद में फायरिंग रेंज नहीं है। जिसकी वजह से पुलिसकर्मियों को बस्ती व गोरखपुर फायरिंग का अभ्यास के लिए भेजा जाता है।
- सत्यजीत गुप्ता, एसपी