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Sant Kabir Nagar News: घर बनाने को जमीन नहीं, बारिश में कैसे रहेंगे
Tue, 06 Jun 2023 11:28 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 06 Jun 2023 11:28 PM IST
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संतकबीरनगर। दो वर्षों में घाघरा नदी की कटान से बेघर हुए गायघाट दक्षिणी गांव के 47 परिवारों को बसने के लिए जमीन का आवंटन राजस्व विभाग आज तक नहीं कर सका। दूसरी तरफ विकास विभाग ने इनमें से 17 परिवार के लोगों को प्रधानमंत्री आवास की प्रथम किस्त जारी कर दी। जमीन न होने की वजह से लाभार्थी आवास का निर्माण नहीं करा पा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि सरकारी रकम कहीं डूब न जाए। वहीं दूसरी तरफ बारिश का मौसम बाढ़ पीड़ितों का परिवार कैसे बिताएं, इसकी चिंता अलग से सता रही है।
वर्ष 2021 में घाघरा नदी कटान करते हुए गायघाट दक्षिणी गांव की तरफ बढ़ने लगी थी। 2021 में नदी की कटान से 17 परिवार बेघर हो गए थे। वर्ष 2022 में 30 परिवारों के मकान को नदी ने अपने आगोश में लेकर उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने के लिए विवश कर दिया। नदी की कटान से बेघर हुए लोगों को जमीन देकर बसाने का आदेश शासन ने दिया था। तहसील प्रशासन ने उनके बसने के लिए जगह की तलाश की कवायद तो शुरू की, लेकिन तलाश आज तक पूरी नहीं हो पाई।
कभी पौली ब्लॉक के धुसवा चकिया के पास जमीन तलाश कर पीड़ितों को बसाने की बात की जाती है, तो कभी बहराडाडी के पास जमीन तलाशी जा रही है। राजस्व विभाग जमीन की तलाश कर रहा है तो विकास विभाग बाढ़ पीड़ितों को प्रधानमंत्री आवास आवंटित करने का काम शुरू कर दिया है। बिंदु देवी, प्रभावती, कैलाशी, जयप्रकाश, ईश्वर प्रसाद समेत 17 लोगों के नाम से प्रधानमंत्री आवास का आवंटन करके प्रथम किस्त के रूप में 40,000- 40,000 रुपये उनके खाते में भेज दी गई।
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लाभार्थियों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास की पहली किस्त मिले दो माह से अधिक का समय गुजर गया, लेकिन जमीन न होने की वजह से मकान का काम शुरू नहीं करा पा रहे हैं। जमीन दिए जाने की बात तहसील के लोग करीब एक वर्ष से करते चले आ रहे है, लेकिन अभी तक किसी भी बाढ़ पीड़ित को एक इंच जमीन आवंटित नहीं की गई। पीड़ितों का कहना है कि जमीन और मकान न होने के कारण इधर-उधर रहकर खानाबदोश की जिंदगी जीना पड़ रहा है। कितने लोग एमबीडी बांध पर प्लास्टिक की पन्नी तानकर उसके नीचे जिंदगी गुजार रह रहे हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी तहसील प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा है।
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घाघरा नदी की कटान से बेघर हुए गायघाट दक्षिणी गांव के लोगों को बसाने के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है। उन्हें जमीन जल्द ही जमीन आवंटित कर दी जाएगी।
-रत्नेश तिवारी, तहसीलदार, धनघटा
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गायघाट दक्षिणी के जिन लोगों का नाम प्रधानमंत्री आवास की पात्रता सूची में थी और वह आवास के पात्र थे, उनको प्रधानमंत्री आवास की प्रथम किस्त भेज दी गई है। कितने लोगों का आवास अनारंभ है। आवास के निर्माण का कार्य वह क्यों नहीं शुरू किए, इसका पता करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-महावीर सिंह, खंड विकास अधिकारी, हैंसर बाजार
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वर्ष 2021 में घाघरा नदी कटान करते हुए गायघाट दक्षिणी गांव की तरफ बढ़ने लगी थी। 2021 में नदी की कटान से 17 परिवार बेघर हो गए थे। वर्ष 2022 में 30 परिवारों के मकान को नदी ने अपने आगोश में लेकर उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने के लिए विवश कर दिया। नदी की कटान से बेघर हुए लोगों को जमीन देकर बसाने का आदेश शासन ने दिया था। तहसील प्रशासन ने उनके बसने के लिए जगह की तलाश की कवायद तो शुरू की, लेकिन तलाश आज तक पूरी नहीं हो पाई।
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कभी पौली ब्लॉक के धुसवा चकिया के पास जमीन तलाश कर पीड़ितों को बसाने की बात की जाती है, तो कभी बहराडाडी के पास जमीन तलाशी जा रही है। राजस्व विभाग जमीन की तलाश कर रहा है तो विकास विभाग बाढ़ पीड़ितों को प्रधानमंत्री आवास आवंटित करने का काम शुरू कर दिया है। बिंदु देवी, प्रभावती, कैलाशी, जयप्रकाश, ईश्वर प्रसाद समेत 17 लोगों के नाम से प्रधानमंत्री आवास का आवंटन करके प्रथम किस्त के रूप में 40,000- 40,000 रुपये उनके खाते में भेज दी गई।
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लाभार्थियों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास की पहली किस्त मिले दो माह से अधिक का समय गुजर गया, लेकिन जमीन न होने की वजह से मकान का काम शुरू नहीं करा पा रहे हैं। जमीन दिए जाने की बात तहसील के लोग करीब एक वर्ष से करते चले आ रहे है, लेकिन अभी तक किसी भी बाढ़ पीड़ित को एक इंच जमीन आवंटित नहीं की गई। पीड़ितों का कहना है कि जमीन और मकान न होने के कारण इधर-उधर रहकर खानाबदोश की जिंदगी जीना पड़ रहा है। कितने लोग एमबीडी बांध पर प्लास्टिक की पन्नी तानकर उसके नीचे जिंदगी गुजार रह रहे हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी तहसील प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा है।
घाघरा नदी की कटान से बेघर हुए गायघाट दक्षिणी गांव के लोगों को बसाने के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है। उन्हें जमीन जल्द ही जमीन आवंटित कर दी जाएगी।
-रत्नेश तिवारी, तहसीलदार, धनघटा
गायघाट दक्षिणी के जिन लोगों का नाम प्रधानमंत्री आवास की पात्रता सूची में थी और वह आवास के पात्र थे, उनको प्रधानमंत्री आवास की प्रथम किस्त भेज दी गई है। कितने लोगों का आवास अनारंभ है। आवास के निर्माण का कार्य वह क्यों नहीं शुरू किए, इसका पता करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-महावीर सिंह, खंड विकास अधिकारी, हैंसर बाजार