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Sant Kabir Nagar News: धड़ल्ले से चल रहे बिना डॉक्टर के अस्पताल व पैथोलॉजी

Sun, 07 Apr 2024 11:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sun, 07 Apr 2024 11:46 PM IST
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Hospitals and pathology running rampant without doctors
- जिले में अब तक 15 अस्पताल व 35 पैथोलॉजी हो चुके हैं सील, मई में होगा नया पंजीकरण
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संवाद न्यूज एजेंसी

संतकबीरनगर। जिले में बिना डॉक्टर के अस्पताल व पैथोलॉजी सेंटर धड़ल्ले से संचालित किए जा रहे हैं। इन अस्पतालों का पंजीकरण भी नहीं है। तीन दिन पूर्व जब स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारा था तो एक अस्पताल व सात पैथालॉजी बिना मान्यता के चलते मिले, इन सभी को सील कर दिया।

सीएमओ के जारी निर्देश में 30 अप्रैल तक सभी अस्पताल व पैथोलॉजी संचालन के लिए आवेदन करना होगा। मई में नया रजिस्ट्रेशन होगा। जिनके पास डॉक्टर होंगे वहीं अस्पताल संचालित कर पाएगा। एक डाॅक्टर के नाम से एक ही अस्पताल संचालित कर पाएंगे ।
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जिले में एक डॉक्टर के नाम पर कई जगह खुले अस्पतालों पर संकट मंडराने लगा है। जिले में करीब 30 छोटे-बड़े अस्पताल बिना डॉक्टर व पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। यही नहीं करीब 70 पैथोलॉजी भी बिना पंजीकरण व प्रशिक्षितकर्मी के संचालित किए जा रहे हैं। तीन दिन पूर्व अपर सीएमओ डॉ. रामरतन की टीम ने नेदुला के पास लक्ष्मी हाॅस्पिटल को बिना चिकित्सक व पंजीकरण न मिलने पर सील कर दिया था। साथ ही मेंहदावल क्षेत्र के सात पैथोलॉजी को सील किया गया था।
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इसके अलावा दिसबंर 2023 में मलौली में एक अल्ट्रासांउड सेंटर सील किया गया था। वहीं उमरिया बाजार में बिना पंजीकरण के संचालित दो हाॅस्पिटल पर भी कार्रवाई की गई थी। यहां मरीज आने पर बाहर से डॉक्टर बुलाकर इलाज किया जाता था। इसके पूर्व 17 अक्तूबर को 10 अस्पताल सील हुए थे। अब शासन ने सख्ती कर दी है। एक डॉक्टर एक ही जगह प्रैक्टिस कर सकते हैं। अगर इन अस्पतालों ने पंजीकरण नहीं कराया तो उसके बाद सील करने और केस दर्ज कराने की तैयारी स्वास्थ्य महकमा कर रहा है।

रजिस्ट्रेशन के लिए 30 तक करना होगा आवेदन
जिले में निजी अस्पताल व पैथोलॉजी के संचालन के लिए 30 अप्रैल तक आवेदन करना होगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा और उसकी हार्ड काॅपी सीएमओ कार्यालय में जमा किया जाएगा। इसमें चिकित्सक का नाम, उनकी डिग्री, अस्पताल के मानक आदि की जांच की जाएगी, उसके बाद पंजीकरण होगा। मई में जिले में पंजीकृत अस्पतालों की सूची जारी की जाएगी।

अस्पताल के पंजीकरण के नियम
चिकित्सक की डिग्री, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, फायर विभाग की एनओसी, प्रदूषण बोर्ड की एनओसी, बायोमेडिकल वेस्ट की एनओसी, बिजली कनेक्शन के कागज, किराए का भवन है तो किरायानामा और खुद का भवन है तो जमीन के कागज होने चाहिए। इसके अलावा मकान का नक्शा, कितने बेड के अस्पताल का संचालन करना है उसकी संख्या आदि देनी होती है। उसके बाद सीएमओ कार्यालय की टीम भौतिक सत्यापन करती है और रिपोर्ट देती है। उसके बाद पंजीयन की कार्रवाई होती है।

70 ने किया आवेदन 65 को मिली एनओसी
फायर विभाग के अग्निशमन अधिकारी अशोक कुमार यादव ने बताया कि अस्पताल संचालन के लिए 70 लोगों ने एनओसी के लिए आवेदन किया था। अस्पताल का भौतिक सत्यापन किया गया। आग से बचाव के इंतजाम मिले। साथ ही अस्पताल तक दमकल की गाड़ियों के पहुंचने का रास्ता भी था। इसलिए 65 लोगों को एनओसी जारी कर दी गई।


बिना पंजीकरण के चल रहे अस्पताल और पैथालॉजी संचालकों को 30 अप्रैल तक आनलाइन आवेदन का मौका दिया गया है। वे लोग आनलाइन आवेदन करे उसके बाद जांच कर मई में पंजीकरण की कार्रवाई की जाएगी। बिना मान्यता के कोई भी अस्पताल और पैथालॉजी का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।

- डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ
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