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मानदेय के लिए आशा ने भरी हुंकार
Mon, 17 Dec 2018 12:32 AM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 17 Dec 2018 12:32 AM IST
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मानदेय के लिए आशा ने भरी हुंकार
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। आशा कर्मचारी यूनियन की बैठक रविवार को जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद के परिसर में मंडल संरक्षक सुभाष उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई। इसमें मानदेय बढ़ोत्तरी के लिए आशा कार्यकर्ताओं ने हुंकार भरी। 18 से 20 दिसंबर तक दिल्ली में होने वाले धरना-प्रदर्शन की सफलता की रणनीति बनाई गई।
जिलाध्यक्ष सरोज यादव ने कहा कि आशा व संगिनी को राज्य कर्मचारी बनाने व सुनिश्चित मानदेय के लिए लगातार संघर्ष किया जा रहा है, लेकिन प्रदेेश सरकार खामोश बैठी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा कार्यकर्ताओं के पारिश्रमिक को दोगुना करने की घोषणा की थी, लेकिन सिर्फ एक हजार रुपये ही बढ़े। इससे स्पष्ट हो गया है कि सरकार आशा कार्यकर्ताओं के साथ धोखा कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पिछले दिनों लखनऊ में धरने के दौरान सूबे की परिवार कल्याण मंत्री से वार्ता में शीघ्र ही मानदेय पर फैसला लेने का आश्वासन दिया गया था, उस पर अब तक अमल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि लोकसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है। ऐसे में सरकार पर दबाव बनाने के लिए 18 से 20 दिसंबर तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया जाएगा। इसमें जिले से काफी संख्या में आशा कार्यकर्ता भाग लेंगी। बैठक में ट्रेड यूनियन काउंसिल के शिव कुमार गुप्ता ने आशा कार्यकर्ताओं के संघर्ष को समर्थन दिया। उन्होंने बताया कि आठ जनवरी को जिले में विभिन्न संगठनों का प्रदर्शन होगा। बैठक में सेमरियावां ब्लॉक अध्यक्ष मीरा चौधरी, संजू प्रभा, चित्रकला पांडेय, अनीता देवी, गीता देवी, ऊषा शर्मा, गुड्डी देवी मौजूद रहीं।
जिलाध्यक्ष सरोज यादव ने कहा कि आशा व संगिनी को राज्य कर्मचारी बनाने व सुनिश्चित मानदेय के लिए लगातार संघर्ष किया जा रहा है, लेकिन प्रदेेश सरकार खामोश बैठी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा कार्यकर्ताओं के पारिश्रमिक को दोगुना करने की घोषणा की थी, लेकिन सिर्फ एक हजार रुपये ही बढ़े। इससे स्पष्ट हो गया है कि सरकार आशा कार्यकर्ताओं के साथ धोखा कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पिछले दिनों लखनऊ में धरने के दौरान सूबे की परिवार कल्याण मंत्री से वार्ता में शीघ्र ही मानदेय पर फैसला लेने का आश्वासन दिया गया था, उस पर अब तक अमल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि लोकसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है। ऐसे में सरकार पर दबाव बनाने के लिए 18 से 20 दिसंबर तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया जाएगा। इसमें जिले से काफी संख्या में आशा कार्यकर्ता भाग लेंगी। बैठक में ट्रेड यूनियन काउंसिल के शिव कुमार गुप्ता ने आशा कार्यकर्ताओं के संघर्ष को समर्थन दिया। उन्होंने बताया कि आठ जनवरी को जिले में विभिन्न संगठनों का प्रदर्शन होगा। बैठक में सेमरियावां ब्लॉक अध्यक्ष मीरा चौधरी, संजू प्रभा, चित्रकला पांडेय, अनीता देवी, गीता देवी, ऊषा शर्मा, गुड्डी देवी मौजूद रहीं।
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