फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   ...Here people give shrouds to their loved ones as gifts.

Sant Kabir Nagar News: ...यहां तो लोग तोहफे में देते हैं अपनों को कफन

Thu, 11 Jul 2024 12:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Thu, 11 Jul 2024 12:43 AM IST
विज्ञापन
...Here people give shrouds to their loved ones as gifts.

विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी

डुमरियागंज। जिले के हल्लौर गांव की परंपरा विचित्र है। यहां लोग जीते जी अपने व परिवार के लिए कर्बला से आने वाला कफन खरीद कर रख लेते हैं। साथ ही दोस्तों रिश्तेदारों को भी तोहफे में देते हैं, और सभी इसे खुशी-खुशी कबूल भी करते हैं। जी हां यह सच है, शिया समुदाय में सौ फीसदी न सही, लेकिन अधिकतर परिवार ऐसे जरूर मिल जाएंगे, जिन्होंने जिंदा रहते ही अपने लिए कफन खरीद कर रख ली है।

दरअसल यह कफन होता तो आम ही की तरह, लेकिन इस्लाम के आखिरी पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा के नवासे हजरत इमाम हुसैन की पाक सरजमीन कर्बला से आने की वजह से खास हो जाती है। हल्लौर निवासी डॉ. तनवीर रिजवी, गुलाम कंबर, कैसर अहमद, अनवार मेंहदी, वजीहुल हसन, ताकीब रिजवी, नफीस हैदर, शादाब हुसैन, जमाल हैदर, फजल अब्बास, हबीबुल हसन, शफीक रजा, आरजू अहमद जैसे न जाने कितने लोग हैं। जिन्होंने जीते जी कफन खरीद कर रख लिया है। इनका मानना है कि उनका कफन ऐसी मुकद्दस सरजीमन से आया, जहां इमाम हुसैन ने इस्लाम की खातिर अपनी जान की कुर्बानी दी थी।
विज्ञापन

वह कहते हैं कि हम लोग भी हर वक्त कफन साथ रखकर तैयार रहते हैं। जब भी इस्लाम को जरूरत होगी वह पीछे नहीं हटेंगे। ऐसा नहीं है कि बुजुर्ग ही अपने लिए कफन खरीद कर लाते हैं। युवा भी इसे रखने में पीछे नहीं हैं। तमाम युवा ऐसे हैं, जिन्होंने भी अपने लिए कफन मंगाकर रख लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


---

खुशी से कबूल करते हैं कफन का तोहफा

अमूमन लोग रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले सामानों का तोहफा देते हैं, लेकिन शिया समुदाय के लोग कर्बला से लाए कफन को अपने करीबियों को तोहफे में देते हैं, जिसे लोग खुशी-खुशी कबूल करते ही नहीं हैं, बल्कि उसे पाकर फूले नहीं समाते हैं। कुछ ऐसे भी होते हैं जो फरमाइश कर कफन मंगाते हैं।

---

कफन पर लिखा होता है अल्लाह का कलाम

कर्बला से लाए गए कफन पर दुआएं लिखी होती हैं। भारत में बिकने वाले कफन बिल्कुल कोरे होते हैं। दुआओं के लिखे होने से लोगों का मानना है कि इससे कब्र के अजाब से निजात तो मिलती ही है, जन्नत भी नसीब होती है।


---

महिलाओं को 16 व पुरुषों को लगता है 15 मीटर कफन

महिलाओं के लिए 16 मीटर और पुरुषों के लिए 15 मीटर कफन लगता है। जियारत कर लौटने वाले लोग कर्बला से लाए गए कफन को उन लोगों को देते हैं जिनके पास कर्बला का कफऩ नहीं होता है या जो कभी कर्बला जा नहीं पाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed