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Sant Kabir Nagar News: गर्मी और लू ने बढ़ाई परेशानी
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जिला अस्पताल में पहुंचे मरीज व तीमारदार। संवाद
संतकबीरनगर। तेज गर्मी, उमस और मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। जिला अस्पताल में सर्दी, जुकाम, बुखार, वायरल फीवर, डिहाइड्रेशन और अस्थमा के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
अस्पताल में सुबह 8:00 से दोपहर 1:30 बजे तक करीब 650 नए मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 700 से अधिक पुराने मरीज इलाज के लिए पहुंचे। चिकित्सकों के कक्षों के बाहर लंबी लाइनें लग रहीं।
बाल रोग विशेषज्ञ से लेकर फिजीशियन कक्ष तक मरीजों की भीड़ देखी जा रही है। डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। कई मरीजों को ठीक होने में तीन से पांच दिन लग रहे हैं। डॉ. एसबी गौतम (चर्म रोग विशेषज्ञ) ने कहा कि धूप, पसीना और गीले कपड़ों के कारण फंगल इंफेक्शन और एग्जिमा के मरीज भी बढ़ गए हैं।
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डिहाइड्रेशन का खतरा
डॉक्टरों के अनुसार पछुआ हवाओं के चलते गर्मी का एहसास कम हो रहा है, लेकिन बार-बार प्यास लगने और शरीर का पानी सूखने से डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाओं को अलर्ट पर रखा है और ओआरएस, ग्लूकोज तथा जरूरी दवाओं का स्टॉक बढ़ा दिया है।
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हड्डी रोग और अस्थमा पर भी असर
हड्डी रोग विशेषज्ञ कक्ष में गाउट और गठिया के मरीज बढ़ रहे हैं, जो मुख्य रूप से बुजुर्गों को प्रभावित कर रहे हैं। वहीं सांस फूलने वाले मरीजों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि खूब पानी पीएं, शरीर को हाइड्रेट रखें, धूप से बचें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
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अस्पताल में सुबह 8:00 से दोपहर 1:30 बजे तक करीब 650 नए मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 700 से अधिक पुराने मरीज इलाज के लिए पहुंचे। चिकित्सकों के कक्षों के बाहर लंबी लाइनें लग रहीं।
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बाल रोग विशेषज्ञ से लेकर फिजीशियन कक्ष तक मरीजों की भीड़ देखी जा रही है। डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। कई मरीजों को ठीक होने में तीन से पांच दिन लग रहे हैं। डॉ. एसबी गौतम (चर्म रोग विशेषज्ञ) ने कहा कि धूप, पसीना और गीले कपड़ों के कारण फंगल इंफेक्शन और एग्जिमा के मरीज भी बढ़ गए हैं।
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डिहाइड्रेशन का खतरा
डॉक्टरों के अनुसार पछुआ हवाओं के चलते गर्मी का एहसास कम हो रहा है, लेकिन बार-बार प्यास लगने और शरीर का पानी सूखने से डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाओं को अलर्ट पर रखा है और ओआरएस, ग्लूकोज तथा जरूरी दवाओं का स्टॉक बढ़ा दिया है।
हड्डी रोग और अस्थमा पर भी असर
हड्डी रोग विशेषज्ञ कक्ष में गाउट और गठिया के मरीज बढ़ रहे हैं, जो मुख्य रूप से बुजुर्गों को प्रभावित कर रहे हैं। वहीं सांस फूलने वाले मरीजों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि खूब पानी पीएं, शरीर को हाइड्रेट रखें, धूप से बचें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।