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Sant Kabir Nagar News: पत्नी से 12 मिनट पहले हुई थी बात...फिर आई गोली लगने की खबर
Mon, 08 Dec 2025 12:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 08 Dec 2025 12:33 AM IST
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इंस्पेक्टर अरुण राय की पत्नी माया राय
- फोटो : udhampur news
धनघटा। जालौन जिले के कठौद थानाध्यक्ष अरुण कुमार राय की गोली लगने से मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पा रही है। शनिवार देर रात उनका शव उनके पैतृक गांव धनघटा थानाक्षेत्र के रजनौली गांव लाया गया। दरोगा अरुण राय की पत्नी माया राय का कहना है कि उनके पति आत्महत्या नहीं कर सकते। अंतिम बार उनकी शुक्रवार रात 9:05 बजे बात हुई थी। उन्होंने बिल्कुल आराम से बातचीत की थी और 12 मिनट बाद 9:17 बजे उनको गोली लगने की सूचना मिली।
रविवार को दरोगा अरुण राय की पत्नी माया राय का कहना है कि वह घटना के समय गोरखपुर स्थित आवास पर थीं। शुक्रवार की रात 9:05 बजे पति से मोबाइल पर बात हुई। बातचीत के दौरान वह कहीं से असहज नहीं लग रहे थे। उन्होंने कहा कि अब मैं सोने जा रहा हूं कल सुबह फिर बात होगी। उसके बाद 9:17 पर उनको गोली लगने की सूचना मिली तो घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं। माया राय ने आरोप लगाया कि उनके पति अरुण राय की हत्या कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा ने की है। माया राय ने कहा कि उनके पति परिवार की छत की तरह थे। उनकी मौत के बाद परिवार किस तरह चलेगा, यह बात समझ में नहीं आ रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की।
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सरयू तट पर गार्ड आफ ऑनर के बाद हुआ दाह संस्कार, बेटे ने दी मुखाग्नि
धनघटा। क्षेत्र के रजनौली गांव निवासी दरोगा अरुण राय का शव शनिवार की रात करीब एक बजे जब उनके घर पहुंचा तो लोग दहाड़े मारकर बिलख उठे। रविवार की सुबह करीब आठ बजे सरयू नदी के बिडहर घाट पर मृतक के 20 वर्षीय पुत्र अमृतांश राय ने जब पिता को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। अरुण राय को पुलिस विभाग ने सलामी देकर अंतिम विदाई दी।
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रजनौली गांव निवासी स्वर्गीय बृजेश राय के छोटे पुत्र अरुण राय जालौन जिले के कठौद थाना प्रभारी थे। शुक्रवार को उनके आवास में ही गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी। उनकी मौत की सूचना मिलने पर घर में कोहराम मच गया। शनिवार की रात करीब 1:00 बजे उनका शव पैतृक गांव रजनौली लाया गया। शव घर पहुंचते ही लोग दहाड़े मार कर रोने लगे। रोते बिलखते किसी तरह रात बीती और रविवार की सुबह करीब 8 बजे दाह संस्कार के लिए शव सरयू नदी के बिडहर घाट लाया गया। पुलिस कर्मियों ने साथी को अंतिम सलामी दी। पुत्र 20 वर्षीय अमृतांश राय ने पिता को मुखाग्नि दी। इस मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। बिडहर घाट पर सीओ अभय नाथ मिश्र, थाना प्रभारी जयप्रकाश दूबे, उपनिरीक्षक विनोद यादव आदि लोगों के साथ भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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दरोगा की मौत पर होती रहीं चर्चाएं
घर से लेकर श्मशान तक दरोगा अरुण राय की मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चा होती रही। लोगों ने इसे हत्या बताते हुए जांच की मांग की। मृतक दरोगा के भाई अरविंद राय का कहना है कि अरुण राय बहुत ही सुलझे हुए व्यक्ति थे। पारिवारिक समस्या कोई नहीं थी। वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकते। किसी ने उनकी हत्या की है। जांच कर दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
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रविवार को दरोगा अरुण राय की पत्नी माया राय का कहना है कि वह घटना के समय गोरखपुर स्थित आवास पर थीं। शुक्रवार की रात 9:05 बजे पति से मोबाइल पर बात हुई। बातचीत के दौरान वह कहीं से असहज नहीं लग रहे थे। उन्होंने कहा कि अब मैं सोने जा रहा हूं कल सुबह फिर बात होगी। उसके बाद 9:17 पर उनको गोली लगने की सूचना मिली तो घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं। माया राय ने आरोप लगाया कि उनके पति अरुण राय की हत्या कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा ने की है। माया राय ने कहा कि उनके पति परिवार की छत की तरह थे। उनकी मौत के बाद परिवार किस तरह चलेगा, यह बात समझ में नहीं आ रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की।
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सरयू तट पर गार्ड आफ ऑनर के बाद हुआ दाह संस्कार, बेटे ने दी मुखाग्नि
धनघटा। क्षेत्र के रजनौली गांव निवासी दरोगा अरुण राय का शव शनिवार की रात करीब एक बजे जब उनके घर पहुंचा तो लोग दहाड़े मारकर बिलख उठे। रविवार की सुबह करीब आठ बजे सरयू नदी के बिडहर घाट पर मृतक के 20 वर्षीय पुत्र अमृतांश राय ने जब पिता को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। अरुण राय को पुलिस विभाग ने सलामी देकर अंतिम विदाई दी।
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रजनौली गांव निवासी स्वर्गीय बृजेश राय के छोटे पुत्र अरुण राय जालौन जिले के कठौद थाना प्रभारी थे। शुक्रवार को उनके आवास में ही गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी। उनकी मौत की सूचना मिलने पर घर में कोहराम मच गया। शनिवार की रात करीब 1:00 बजे उनका शव पैतृक गांव रजनौली लाया गया। शव घर पहुंचते ही लोग दहाड़े मार कर रोने लगे। रोते बिलखते किसी तरह रात बीती और रविवार की सुबह करीब 8 बजे दाह संस्कार के लिए शव सरयू नदी के बिडहर घाट लाया गया। पुलिस कर्मियों ने साथी को अंतिम सलामी दी। पुत्र 20 वर्षीय अमृतांश राय ने पिता को मुखाग्नि दी। इस मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। बिडहर घाट पर सीओ अभय नाथ मिश्र, थाना प्रभारी जयप्रकाश दूबे, उपनिरीक्षक विनोद यादव आदि लोगों के साथ भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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घर से लेकर श्मशान तक दरोगा अरुण राय की मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चा होती रही। लोगों ने इसे हत्या बताते हुए जांच की मांग की। मृतक दरोगा के भाई अरविंद राय का कहना है कि अरुण राय बहुत ही सुलझे हुए व्यक्ति थे। पारिवारिक समस्या कोई नहीं थी। वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकते। किसी ने उनकी हत्या की है। जांच कर दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

इंस्पेक्टर अरुण राय की पत्नी माया राय- फोटो : udhampur news

इंस्पेक्टर अरुण राय की पत्नी माया राय- फोटो : udhampur news

इंस्पेक्टर अरुण राय की पत्नी माया राय- फोटो : udhampur news