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Sant Kabir Nagar News: घपले में फंसे ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी निलंबित
Tue, 17 Oct 2023 01:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 17 Oct 2023 01:52 AM IST
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संतकबीरनगर। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने विकास खंड हैंसर बाजार के कनैला गांव में बिना काम कराए 4,71,936 रुपये के निकालने के मामले में दोषी पाए गए प्रधान और तीन कर्मियों पर केस दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। जबकि देर शाम घपले के दोषी ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया गया।
सीडीओ संत कुमार ने बताया कि कनैला में हैंड पंप रिबोर कराने नाम पर और डस्टबिन की खरीद करने के नाम पर 4,71,936 रुपये का घपला कर लिया गया। इसमें ग्राम विकास अधिकारी रमाकांत ने 86,546 रुपये और ग्राम पंचायत अधिकारी कर्णजीत यादव ने 3,85,390 रुपये का घपला किया। लघु सिंचाई विभाग के जेई वीरेंद्र नाथ तिवारी ने फर्जी तरीके से मूल्यांकन कर दिया। शिकायत पर बीडीओ आरपी पांडेय के नेतृत्व में एडीओ पंचायत गजानन पाल और तकनीकी सहायक हेमंत मिश्र और एडीओ आईएसबी की टीम गठित कर प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में मामला उजागर हुआ। फर्जी एमबी करने वाला लघु सिंचाई का जेई सेवानिवृत्त हो चुका है। इस प्रकरण में दोषी पाया गया ग्राम विकास अधिकारी रमाकांत वर्तमान में पौली ब्लॉक में तैनात है। जबकि दोषी ग्राम पंचायत अधिकारी कर्णजीत यादव की तैनाती हैंसर बाजार ब्लॉक में है।इसमें प्रधान विनय प्रताप चंद भी दोषी है। प्रकरण को डीएम के समक्ष प्रस्तुत किया गया। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए दोषी ग्राम विकास अधिकारी रमाकांत, ग्राम पंचायत अधिकारी कर्णजीत यादव ,ग्राम प्रधान विनय प्रताप चंद और सेवानिवृत्त जेई वीरेंद्र नाथ तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। इसके साथ ही डीएम के निर्देश पर डीडीओ सुरेशचंद्र केसरवारी ने देर शाम दोषी ग्राम विकास अधिकारी रमाकांत को निलंबित कर दिया। जबकि डीपीआरओ प्रमोद यादव ने दोषी ग्राम पंचायत अधिकारी कर्णजीत यादव को निलंबित किया। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने दोषी प्रधान के खिलाफ 95 जी के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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सीडीओ संत कुमार ने बताया कि कनैला में हैंड पंप रिबोर कराने नाम पर और डस्टबिन की खरीद करने के नाम पर 4,71,936 रुपये का घपला कर लिया गया। इसमें ग्राम विकास अधिकारी रमाकांत ने 86,546 रुपये और ग्राम पंचायत अधिकारी कर्णजीत यादव ने 3,85,390 रुपये का घपला किया। लघु सिंचाई विभाग के जेई वीरेंद्र नाथ तिवारी ने फर्जी तरीके से मूल्यांकन कर दिया। शिकायत पर बीडीओ आरपी पांडेय के नेतृत्व में एडीओ पंचायत गजानन पाल और तकनीकी सहायक हेमंत मिश्र और एडीओ आईएसबी की टीम गठित कर प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में मामला उजागर हुआ। फर्जी एमबी करने वाला लघु सिंचाई का जेई सेवानिवृत्त हो चुका है। इस प्रकरण में दोषी पाया गया ग्राम विकास अधिकारी रमाकांत वर्तमान में पौली ब्लॉक में तैनात है। जबकि दोषी ग्राम पंचायत अधिकारी कर्णजीत यादव की तैनाती हैंसर बाजार ब्लॉक में है।इसमें प्रधान विनय प्रताप चंद भी दोषी है। प्रकरण को डीएम के समक्ष प्रस्तुत किया गया। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए दोषी ग्राम विकास अधिकारी रमाकांत, ग्राम पंचायत अधिकारी कर्णजीत यादव ,ग्राम प्रधान विनय प्रताप चंद और सेवानिवृत्त जेई वीरेंद्र नाथ तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। इसके साथ ही डीएम के निर्देश पर डीडीओ सुरेशचंद्र केसरवारी ने देर शाम दोषी ग्राम विकास अधिकारी रमाकांत को निलंबित कर दिया। जबकि डीपीआरओ प्रमोद यादव ने दोषी ग्राम पंचायत अधिकारी कर्णजीत यादव को निलंबित किया। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने दोषी प्रधान के खिलाफ 95 जी के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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