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‘गोवंश के भरण-पोषण के लिए दान दीजिए जनाब’
Tue, 08 Jan 2019 11:45 PM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Tue, 08 Jan 2019 11:45 PM IST
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‘गोवंश के भरण-पोषण के लिए दान दीजिए जनाब’
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। अनुपयोगी होने के कारण शहर की सड़कों पर छुट्टा छोड़ दिए गए गोवंशों को रखने का इंतजाम तो हो गया है, लेकिन इनके लिए चारे का संकट आ गया है। नगर पालिका प्रशासन ने कान्हा पशु आश्रय में रखे जाने वाले छुट्टा पशुओं के चारे के लिए शहर के दो होटलों से बचे भोजन को इकट्ठा कराना शुरू किया है। सब्जी मंडी से हरी सब्जियों का छिलका एकत्रित किया जा रहा है। इतने भर से बेजुबानों की भूख नहीं मिटने वाली। इनके लिए पर्याप्त भूसा-दाना के लिए नगर पालिका प्रशासन ने शहर के संपन्न लोगों से दान देने की अपील की है।
खलीलाबाद शहर में छुट्टा पशुओं की बढ़ती संख्या समस्या बनती जा रही है। प्रमुख चौराहों व सड़कों पर डेरा जमाए पशु भूख मिटाने के लिए कचरा खा रहे हैं। कई दफा तो वे दुकानों व लोगों के घरों में घुस जाते हैं। सड़कों पर इनकी बढ़ती संख्या राहगीरों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। शासन की सख्ती के बाद नगर पालिका प्रशासन ने बेजुबानों को कान्हा पशु आश्रय में पकड़वाकर भेजना शुरू किया है, लेकिन वहां भूसा-दाना का संकट होने से ये पशु भाग जा रहे हैं। नगर पालिका खलीलाबाद की ईओ वीना सिंह ने कहा कि लोग अपने दुधारू पशुओं को बांध कर रखें। नगर पालिका प्रशासन पशुओं की गणना करा रही है। डेयरी वालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पशुओं को खुला न छोड़ें तथा पशुओं की मृत्यु होने पर नगर पालिका को सूचना जरूर दें। शहर के साधन संपन्न लोगों से अपील की जा रही है कि वे पशुओं के लिए चारा-दाना दान करें।
खलीलाबाद शहर में छुट्टा पशुओं की बढ़ती संख्या समस्या बनती जा रही है। प्रमुख चौराहों व सड़कों पर डेरा जमाए पशु भूख मिटाने के लिए कचरा खा रहे हैं। कई दफा तो वे दुकानों व लोगों के घरों में घुस जाते हैं। सड़कों पर इनकी बढ़ती संख्या राहगीरों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। शासन की सख्ती के बाद नगर पालिका प्रशासन ने बेजुबानों को कान्हा पशु आश्रय में पकड़वाकर भेजना शुरू किया है, लेकिन वहां भूसा-दाना का संकट होने से ये पशु भाग जा रहे हैं। नगर पालिका खलीलाबाद की ईओ वीना सिंह ने कहा कि लोग अपने दुधारू पशुओं को बांध कर रखें। नगर पालिका प्रशासन पशुओं की गणना करा रही है। डेयरी वालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पशुओं को खुला न छोड़ें तथा पशुओं की मृत्यु होने पर नगर पालिका को सूचना जरूर दें। शहर के साधन संपन्न लोगों से अपील की जा रही है कि वे पशुओं के लिए चारा-दाना दान करें।
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