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खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रही घाघरा नदी
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खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रही घाघरा नदी
57 परिवारों ने बंधे पर ली है शरण
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी का जलस्तर के घटते क्रम में खतरे के निशान 79.35 से 20 सेंटीमीटर ऊपर 79.55 पर बृहस्पतिवार को पहुंच गया। इसके पहले नदी का जल स्तर 79.70 पर पहुंच चुका था। नदी का पानी थोड़ा कम जरूर हुआ, लेकिन बाढ़ पीड़ितों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है।
बाढ़ से घिरे गायघाट दक्षिणी, दौलतपुर, चकदहा, ढोलबजा, गुनवतिया, सियर कला समेत 38 गांव के लोग बाढ़ का दंश दो माह से झेल रहे हैं। इसमें से 57 परिवार के लोग अपने मवेशी के साथ एमबीडी बांध पर खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं। गायघाट दक्षिणी के प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू ने बताया कि दो माह से अकेले गायघाट दक्षिणी गांव के 900 परिवार बाढ़ की चपेट में हैं। गांव के चारों तरफ पानी भरा हुआ है। कई लोगों के घरों में पानी घुस गया है। इसके कारण 57 परिवार के लोग एमबीडी बांध पर शरण लिए हुए है। प्रशासन अभी तक बाढ़ ग्रस्त एरिया घोषित नहीं किया। इससे किसी को कोई सहायता मिलने वाली नहीं है। बाढ़ से प्रभावित गांवों की विद्युत सप्लाई विद्युत निगम ने पानी बढ़ते ही बाधित कर दी। मिट्टी का तेल मिलने वाला नहीं है। मोमबत्ती के सहारे के लोग खाना पका और खा रहे हैं। बाढ़ से चारा समाप्त हो गया। भूसा भी बहुत कम लोगों के पास है। पशुओं को चारा नहीं मिल पा रहा है। तहसीलदार रत्ननेश तिवारी ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित गांव के लोगों की हर संभव मदद की जा रही है। राजस्व विभाग की टीम मौके पर रह रही है। किसी भी बाढ़ पीड़ित को कोई परेशानी नहीं आने पाएगी।
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57 परिवारों ने बंधे पर ली है शरण
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी का जलस्तर के घटते क्रम में खतरे के निशान 79.35 से 20 सेंटीमीटर ऊपर 79.55 पर बृहस्पतिवार को पहुंच गया। इसके पहले नदी का जल स्तर 79.70 पर पहुंच चुका था। नदी का पानी थोड़ा कम जरूर हुआ, लेकिन बाढ़ पीड़ितों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है।
बाढ़ से घिरे गायघाट दक्षिणी, दौलतपुर, चकदहा, ढोलबजा, गुनवतिया, सियर कला समेत 38 गांव के लोग बाढ़ का दंश दो माह से झेल रहे हैं। इसमें से 57 परिवार के लोग अपने मवेशी के साथ एमबीडी बांध पर खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं। गायघाट दक्षिणी के प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू ने बताया कि दो माह से अकेले गायघाट दक्षिणी गांव के 900 परिवार बाढ़ की चपेट में हैं। गांव के चारों तरफ पानी भरा हुआ है। कई लोगों के घरों में पानी घुस गया है। इसके कारण 57 परिवार के लोग एमबीडी बांध पर शरण लिए हुए है। प्रशासन अभी तक बाढ़ ग्रस्त एरिया घोषित नहीं किया। इससे किसी को कोई सहायता मिलने वाली नहीं है। बाढ़ से प्रभावित गांवों की विद्युत सप्लाई विद्युत निगम ने पानी बढ़ते ही बाधित कर दी। मिट्टी का तेल मिलने वाला नहीं है। मोमबत्ती के सहारे के लोग खाना पका और खा रहे हैं। बाढ़ से चारा समाप्त हो गया। भूसा भी बहुत कम लोगों के पास है। पशुओं को चारा नहीं मिल पा रहा है। तहसीलदार रत्ननेश तिवारी ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित गांव के लोगों की हर संभव मदद की जा रही है। राजस्व विभाग की टीम मौके पर रह रही है। किसी भी बाढ़ पीड़ित को कोई परेशानी नहीं आने पाएगी।
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