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फिर घाघरा नदी उफान की ओर, 15 सेंटीमीटर बढ़कर 78.95 मीटर पर पहुंची
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धनघटा में बढ़ रही घाघरा नदी।
- फोटो : KHALILABAD
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फिर घाघरा नदी उफान की ओर, 15 सेंटीमीटर बढ़कर 78.95 मीटर पर पहुंची
धनघटा। घाघरा नदी एक बार फिर बढ़ते हुए अपनी पुरानी राह पर है। पांचवीं बार नदी के जल स्तर में बढ़ोत्तरी से बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों की समस्या गंभीर होती जा रही है। उधर, गायघाट दक्षिणी गांव के पांच घरों पर खतरा बढ़ गया है।
घाघरा नदी जुलाई से अब तक चार बार बढ़कर एमबीडी बांध और नदी के बीच बसे 38 गांवों में तबाही मचा चुकी है। बाढ़ से फसल बर्बाद हो गई। लोगों को घर छोड़ने पर विवश होना पड़ा। नदी के जल स्तर में मंगलवार से गिरावट शुरू हुई तो बांध पर शरण लिए लोग घर वापसी की तैयारी करने लगे, लेकिन नदी फिर शुक्रवार की सुबह से शाम चार बजे तक 15 सेंटीमीटर बढ़कर 78.95 मीटर पर पहुंच गई। एक दिन में नदी की बढ़ोत्तरी को देख बाढ़ प्रभावित गांव के लोग सहम गए हैं। राम उजागिर, दयाराम, लालचंद, सुरेश, बालेंद्र, सूर्यनाथ आदि का कहना है कि नदी के जलस्तर में वृद्धि से पानी उन स्थानों पर फिर पहुंचने लगा है, जहां से हट गया था। ऐसे में गांव पर रहना मुश्किल है। इस कारण अधिकतर लोग बांध पर रुककर नदी का रुख देख रहे है। गायघाट दक्षिणी गांव के पास कटान करती हुई नदी सतई, देवमन, हौसिला, रामप्रीत, राधेश्याम यादव के घर के करीब पहुंच कर उनके मकान को अपने में समाहित करने वाली है। सिचांई विभाग के सहायक अभियंता सतीष चंद्र ने बताया कि घाघरा नदी शुक्रवार को 15 सेंटी मीटर बढ़कर 78.95 मीटर पर बह रही है। जो खतरे के निशान से 79.35 मीटर से 40 सेंटीमीटर नीचे है।
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धनघटा। घाघरा नदी एक बार फिर बढ़ते हुए अपनी पुरानी राह पर है। पांचवीं बार नदी के जल स्तर में बढ़ोत्तरी से बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों की समस्या गंभीर होती जा रही है। उधर, गायघाट दक्षिणी गांव के पांच घरों पर खतरा बढ़ गया है।
घाघरा नदी जुलाई से अब तक चार बार बढ़कर एमबीडी बांध और नदी के बीच बसे 38 गांवों में तबाही मचा चुकी है। बाढ़ से फसल बर्बाद हो गई। लोगों को घर छोड़ने पर विवश होना पड़ा। नदी के जल स्तर में मंगलवार से गिरावट शुरू हुई तो बांध पर शरण लिए लोग घर वापसी की तैयारी करने लगे, लेकिन नदी फिर शुक्रवार की सुबह से शाम चार बजे तक 15 सेंटीमीटर बढ़कर 78.95 मीटर पर पहुंच गई। एक दिन में नदी की बढ़ोत्तरी को देख बाढ़ प्रभावित गांव के लोग सहम गए हैं। राम उजागिर, दयाराम, लालचंद, सुरेश, बालेंद्र, सूर्यनाथ आदि का कहना है कि नदी के जलस्तर में वृद्धि से पानी उन स्थानों पर फिर पहुंचने लगा है, जहां से हट गया था। ऐसे में गांव पर रहना मुश्किल है। इस कारण अधिकतर लोग बांध पर रुककर नदी का रुख देख रहे है। गायघाट दक्षिणी गांव के पास कटान करती हुई नदी सतई, देवमन, हौसिला, रामप्रीत, राधेश्याम यादव के घर के करीब पहुंच कर उनके मकान को अपने में समाहित करने वाली है। सिचांई विभाग के सहायक अभियंता सतीष चंद्र ने बताया कि घाघरा नदी शुक्रवार को 15 सेंटी मीटर बढ़कर 78.95 मीटर पर बह रही है। जो खतरे के निशान से 79.35 मीटर से 40 सेंटीमीटर नीचे है।
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