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घट रहा घाघरा का जलस्तर, कटान हुई तेज
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धनघटा में कटान करती घाघरा नदी।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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घट रहा घाघरा का जलस्तर, कटान हुई तेज
एमबीडी बांध सुरक्षित, चपरा पूर्वी गांव के दक्षिण हो रही कटान
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी की कटान एमबीडी बांध के करीब स्थिर होने से सिंचाई विभाग के अधिकारी और प्रशासन के लोग भले ही राहत की सांस ले रहे हों, लेकिन किसानों की चिंता नदी की कटान से बढ़ गई है। नदी कटान स्थल से पूरब और पश्चिम की दिशा में तेजी के साथ कटान कर रही है। जिसे रोकने के लिए सिंचाई विभाग पूर्व की भांति हाथ खड़े किए हुए हैं।
घाघरा नदी तुर्कवलिया नायक के पास कटान करके एमबीडी बांध को काटना शुरू कर दी थी। कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा कटान स्थल पर डाले गए बोल्डर और बालू भरी बोरी से कटान पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सका। इधर, तीन दिनों से कटान नहीं हो रही है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस लेनी शुरू कर दी थी, लेकिन नदी ने कटान बंद न करके कटान स्थल बदल दिया है। चपरा पूर्वी गांव के दक्षिण नदी की तलहटी में बोई गई धान की फसल को नदी ने तेजी से कटान शुरू कर दिया है। चपरा पूर्वी गांव निवासी रामशब्द, रमेश, तिलकधारी, रामसेवक निषाद, जयराम प्रसाद, रामचंद्र आदि का कहना है कि नदी तेजी से कटान करते हुए पक कर तैयार हो चुकी धान की फसल को काटकर समाहित कर रही है। जिस गति से इन दिनों यहां पर कटान चल रही है उससे साफ मालूम हो रहा है कि बहुत जल्द ही नदी यहां भी बांध के पास आ जाएगी। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सतीश चंद्र का कहना है कि इस समय बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। तीन दिन से यहां पर कटान रुकी हुई है, लेकिन काम जारी है। नदी दूसरी जगह कहां कटान कर रही है, इसकी जानकारी उनको नहीं है।
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एमबीडी बांध सुरक्षित, चपरा पूर्वी गांव के दक्षिण हो रही कटान
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी की कटान एमबीडी बांध के करीब स्थिर होने से सिंचाई विभाग के अधिकारी और प्रशासन के लोग भले ही राहत की सांस ले रहे हों, लेकिन किसानों की चिंता नदी की कटान से बढ़ गई है। नदी कटान स्थल से पूरब और पश्चिम की दिशा में तेजी के साथ कटान कर रही है। जिसे रोकने के लिए सिंचाई विभाग पूर्व की भांति हाथ खड़े किए हुए हैं।
घाघरा नदी तुर्कवलिया नायक के पास कटान करके एमबीडी बांध को काटना शुरू कर दी थी। कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा कटान स्थल पर डाले गए बोल्डर और बालू भरी बोरी से कटान पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सका। इधर, तीन दिनों से कटान नहीं हो रही है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस लेनी शुरू कर दी थी, लेकिन नदी ने कटान बंद न करके कटान स्थल बदल दिया है। चपरा पूर्वी गांव के दक्षिण नदी की तलहटी में बोई गई धान की फसल को नदी ने तेजी से कटान शुरू कर दिया है। चपरा पूर्वी गांव निवासी रामशब्द, रमेश, तिलकधारी, रामसेवक निषाद, जयराम प्रसाद, रामचंद्र आदि का कहना है कि नदी तेजी से कटान करते हुए पक कर तैयार हो चुकी धान की फसल को काटकर समाहित कर रही है। जिस गति से इन दिनों यहां पर कटान चल रही है उससे साफ मालूम हो रहा है कि बहुत जल्द ही नदी यहां भी बांध के पास आ जाएगी। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सतीश चंद्र का कहना है कि इस समय बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। तीन दिन से यहां पर कटान रुकी हुई है, लेकिन काम जारी है। नदी दूसरी जगह कहां कटान कर रही है, इसकी जानकारी उनको नहीं है।
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