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महिला को अविवाहित दिखाकर दे दी नौकरी
Updated Sun, 18 Oct 2015 12:21 AM IST
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बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी नियुक्ति का सिलसिला नहीं रुक रहा है। विभाग के अधिकारियों ने एक विवाहिता महिला को अविवाहित दिखाकर आश्रित कोटे से चपरासी की नौकरी दे दी है।
मामला जब कमिश्नर तक पहुंचा तो डीएम ने मामले की जांच सीडीओ को दे दी। सीडीओ ने बीएसए से मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने आनन फानन में उसका वेतन रोकते हुए कार्रवाई की प्रकिया शुरू कर दी है।
कांग्रेस के पूर्व सचिव विनोद कुमार पांडेय ने कमिश्नर को शिकायती पत्र देकर कहा था कि खलीलाबाद क्षेत्र के स्थित एक विद्यालय में एक महिला को उसके पिता की मृत्यु के बाद आश्रित कोटे से चपरासी की नौकरी दी गई है। जबकि महिला की शादी पांच वर्ष पूर्व हो चुकी है और उसके बच्चे भी है।
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शादी शुदा होने के बाद भी एक खंड शिक्षा अधिकारी की मिली भगत से नियुक्ति कराने के लिए कागज में कुंवारी बन गई। महिला की नियुक्ति मई 2015 में की गई है। शिकायत कर्ता ने मामले की जांच एसडीएम और बीएसए से कराने की मांग की है ताकि नियुक्ति की संस्तुति करने वाले खंड शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई हो सके। कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम को जांच के लिए पत्र भेजा।
कमिश्नर के पत्र के बाद डीएम ने मामले की जांच सीडीओ को सौंप दी। सीडीओ ने बीएसए से प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट तलब की है। मामला खुलने के बाद उक्त महिला का वेतन रोक दिया गया है। मामले को लेकर विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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मामला जब कमिश्नर तक पहुंचा तो डीएम ने मामले की जांच सीडीओ को दे दी। सीडीओ ने बीएसए से मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने आनन फानन में उसका वेतन रोकते हुए कार्रवाई की प्रकिया शुरू कर दी है।
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कांग्रेस के पूर्व सचिव विनोद कुमार पांडेय ने कमिश्नर को शिकायती पत्र देकर कहा था कि खलीलाबाद क्षेत्र के स्थित एक विद्यालय में एक महिला को उसके पिता की मृत्यु के बाद आश्रित कोटे से चपरासी की नौकरी दी गई है। जबकि महिला की शादी पांच वर्ष पूर्व हो चुकी है और उसके बच्चे भी है।
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शादी शुदा होने के बाद भी एक खंड शिक्षा अधिकारी की मिली भगत से नियुक्ति कराने के लिए कागज में कुंवारी बन गई। महिला की नियुक्ति मई 2015 में की गई है। शिकायत कर्ता ने मामले की जांच एसडीएम और बीएसए से कराने की मांग की है ताकि नियुक्ति की संस्तुति करने वाले खंड शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई हो सके। कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम को जांच के लिए पत्र भेजा।
कमिश्नर के पत्र के बाद डीएम ने मामले की जांच सीडीओ को सौंप दी। सीडीओ ने बीएसए से प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट तलब की है। मामला खुलने के बाद उक्त महिला का वेतन रोक दिया गया है। मामले को लेकर विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।