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फर्जीवाड़ा : दूसरी ग्राम पंचायत में मेड़बंदी दिखाकर कर लिया भुगतान
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फर्जीवाड़ा : दूसरी ग्राम पंचायत में मेड़बंदी दिखाकर कर लिया भुगतान
- शिकायत पर डीएम ने टीम गठित कर कराई जांच तब उजागर हुआ घपला
दोषियों को चिह्नित कर नोटिस जारी करके जवाब मांगे जाने की शुरू हुई तैयारी
संतकबीरनगर। विकास खंड सांथा के ग्राम पंचायत धर्मसिंहवा में कराए गए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता उजागर हुई है। नियम के विपरीत दूसरी ग्राम पंचायत गौरीराई में मेड़बंदी और समतलीकरण कार्य कराकर भुगतान लिया गया। इतना ही नहीं दो सरकारी अध्यापकों के खेतों की भी मेड़बंदी और समतलीकरण कार्य कराकर भुगतान लिया गया। जांच टीम ने डीएम को रिपोर्ट सौंप दी है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र पांडेय ने ग्राम पंचायत धर्मसिंहवा में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत डीएम से की थी। डीएम ने प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित किया। टीम में शामिल जिला उद्यान अधिकारी संतोष कुमार दूबे, सहायक अभियंता सरयू नहर खंड गुलाब चंद्र ने पंचायत सचिव अनिल कुमार व वीरेंद्र आदि ग्रामवासियों की उपस्थिति में बिंदुवार जांच की। जिला उद्यान अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि जांच में पाया गया कि रुद्रनाथ, चक्रवर्ती, अब्दुल कुद्दुस, वारिस अली, जमील एवं मोहम्मद उमर के खेतों की मेड़बंदी एवं समतलीकरण कार्य कराया गया है। जिस पर भुगतान भी किया गया है। जांच के दौरान लाभार्थियों ने लिखित बयान भी दिया कि वे मेड़बंदी और समतलीकरण कार्य से संतुष्ट हैं। जबकि शिकायतकर्ता ने तहसीलदार मेंहदावल से प्राप्त आईटीआई के तहत सूचना के आधार पर पाया कि रुद्रनाथ, चक्रवती, अब्दुल कुद्दुस एवं प्रधान प्रतिनिधि वारिस अली के नाम से ग्राम पंचायत धर्मसिंहवा में कोई भूमि अभिलेख में अंकित नहीं है। दूसरी ग्राम पंचायत गौरीराई में इनके नाम से भूमि अंकित है। नियमानुसार जिस ग्राम पंचायत में भूमि अंकित है, उसी ग्राम पंचायत में लाभ दिया जा सकता है। जिसके दृष्टिगत कार्य अनियमितता की श्रेणी में आता है। रुद्रनाथ के खेत की मेड़बंदी कार्य पर 89244 रुपये, चक्रवती के खेत की 78988 रुपये, अब्दुल कुद्दुस के खेत पर 92000 रुपये और वारिस अली के खेत की मेड़बंदी कार्य पर 92,000 रुपये की अनियमितता है। जिसकी वसूली उचित है। लाभार्थी जमील एवं मोहम्मद उमर लघु सीमांत किसान एवं सरकारी अध्यापक हैं। उक्त मिट्टी का कार्य है एवं बरसात का मौसम बीतने के बाद कार्य का भौतिक सत्यापन कराया जाना संभव हो पाएगा। ग्रामवासियों के लिखित बयान एवं अभिलेख से स्पष्ट है कि कार्य कराने के बाद ही भुगतान किया गया है। सरकारी अध्यापक होते हुए भी जमील के खेत की मेड़बंदी कार्य पर 92,000 रुपये एवं मोहम्मद उमर के खेत की मेड़बंदी पर 92,000 रुपये व्यय किया गया है, जो अनियमितता की श्रेणी में आता है एवं वसूली किया जाना उचित प्रतीत होता है। जांच अधिकरी ने बताया कि मेड़बंदी और समतलीकरण का कार्य नियम के विपरीत दूसरी ग्राम पंचायत गौरीराई में कराकर भुगतान लिया गया है। शेष बिंदुओं पर कराए गए मिट्टी कार्य की जांच वर्षा की वजह से बह जाने से कर पाना संभव नहीं है। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। प्रधान प्रतिनिधि वारिस अली ने बताया कि ग्राम पंचायत में जो भी कार्य कराया गया है, सभी नियमानुसार है। शिकायतकर्ता पेशबंदी में शिकायत करते हैं। नोटिस प्राप्त होने पर उसका जवाब दिया जाएगा। जबकि डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि जल्द ही इस मामले में डीएम की ओर से संबंधित प्रधान और सचिव को नोटिस जारी करके जवाब मांगे जाने की तैयारी की जा रही है। उसके बाद आगे की कार्रवाई कर जाएगी। संवाद
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- शिकायत पर डीएम ने टीम गठित कर कराई जांच तब उजागर हुआ घपला
दोषियों को चिह्नित कर नोटिस जारी करके जवाब मांगे जाने की शुरू हुई तैयारी
संतकबीरनगर। विकास खंड सांथा के ग्राम पंचायत धर्मसिंहवा में कराए गए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता उजागर हुई है। नियम के विपरीत दूसरी ग्राम पंचायत गौरीराई में मेड़बंदी और समतलीकरण कार्य कराकर भुगतान लिया गया। इतना ही नहीं दो सरकारी अध्यापकों के खेतों की भी मेड़बंदी और समतलीकरण कार्य कराकर भुगतान लिया गया। जांच टीम ने डीएम को रिपोर्ट सौंप दी है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र पांडेय ने ग्राम पंचायत धर्मसिंहवा में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत डीएम से की थी। डीएम ने प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित किया। टीम में शामिल जिला उद्यान अधिकारी संतोष कुमार दूबे, सहायक अभियंता सरयू नहर खंड गुलाब चंद्र ने पंचायत सचिव अनिल कुमार व वीरेंद्र आदि ग्रामवासियों की उपस्थिति में बिंदुवार जांच की। जिला उद्यान अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि जांच में पाया गया कि रुद्रनाथ, चक्रवर्ती, अब्दुल कुद्दुस, वारिस अली, जमील एवं मोहम्मद उमर के खेतों की मेड़बंदी एवं समतलीकरण कार्य कराया गया है। जिस पर भुगतान भी किया गया है। जांच के दौरान लाभार्थियों ने लिखित बयान भी दिया कि वे मेड़बंदी और समतलीकरण कार्य से संतुष्ट हैं। जबकि शिकायतकर्ता ने तहसीलदार मेंहदावल से प्राप्त आईटीआई के तहत सूचना के आधार पर पाया कि रुद्रनाथ, चक्रवती, अब्दुल कुद्दुस एवं प्रधान प्रतिनिधि वारिस अली के नाम से ग्राम पंचायत धर्मसिंहवा में कोई भूमि अभिलेख में अंकित नहीं है। दूसरी ग्राम पंचायत गौरीराई में इनके नाम से भूमि अंकित है। नियमानुसार जिस ग्राम पंचायत में भूमि अंकित है, उसी ग्राम पंचायत में लाभ दिया जा सकता है। जिसके दृष्टिगत कार्य अनियमितता की श्रेणी में आता है। रुद्रनाथ के खेत की मेड़बंदी कार्य पर 89244 रुपये, चक्रवती के खेत की 78988 रुपये, अब्दुल कुद्दुस के खेत पर 92000 रुपये और वारिस अली के खेत की मेड़बंदी कार्य पर 92,000 रुपये की अनियमितता है। जिसकी वसूली उचित है। लाभार्थी जमील एवं मोहम्मद उमर लघु सीमांत किसान एवं सरकारी अध्यापक हैं। उक्त मिट्टी का कार्य है एवं बरसात का मौसम बीतने के बाद कार्य का भौतिक सत्यापन कराया जाना संभव हो पाएगा। ग्रामवासियों के लिखित बयान एवं अभिलेख से स्पष्ट है कि कार्य कराने के बाद ही भुगतान किया गया है। सरकारी अध्यापक होते हुए भी जमील के खेत की मेड़बंदी कार्य पर 92,000 रुपये एवं मोहम्मद उमर के खेत की मेड़बंदी पर 92,000 रुपये व्यय किया गया है, जो अनियमितता की श्रेणी में आता है एवं वसूली किया जाना उचित प्रतीत होता है। जांच अधिकरी ने बताया कि मेड़बंदी और समतलीकरण का कार्य नियम के विपरीत दूसरी ग्राम पंचायत गौरीराई में कराकर भुगतान लिया गया है। शेष बिंदुओं पर कराए गए मिट्टी कार्य की जांच वर्षा की वजह से बह जाने से कर पाना संभव नहीं है। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। प्रधान प्रतिनिधि वारिस अली ने बताया कि ग्राम पंचायत में जो भी कार्य कराया गया है, सभी नियमानुसार है। शिकायतकर्ता पेशबंदी में शिकायत करते हैं। नोटिस प्राप्त होने पर उसका जवाब दिया जाएगा। जबकि डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि जल्द ही इस मामले में डीएम की ओर से संबंधित प्रधान और सचिव को नोटिस जारी करके जवाब मांगे जाने की तैयारी की जा रही है। उसके बाद आगे की कार्रवाई कर जाएगी। संवाद
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