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बरसात में भी नहीं हो रही फागिंग, संक्रामक रोग फैलने की आशंका बढ़ी

Mon, 29 Aug 2022 10:48 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 29 Aug 2022 10:48 PM IST
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Fogging is not happening even in the rain, the possibility of spreading infectious diseases increased
सीएमओ कार्यालय के समीप सड़क किनारे हुआ जलभराव। - फोटो : KHALILABAD
बरसात में भी नहीं हो रही फागिंग, संक्रामक रोग फैलने की आशंका बढ़ी
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-जलभराव होने से लोगों में बढ़ी मच्छर जनित बीमारी होने की आशंका
- पालिका के पास फागिंग के लिए उपलब्ध हैं छह मशीनें
संतकबीरनगर। बरसात का मौसम चल रहा है। इसे लेकर शासन-प्रशासन लगातार साफ-सफाई पर ध्यान देने व मच्छरों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक कर रहा है, लेकिन नगर पालिका परिषद खलीलाबाद में तीन महीने से फॉगिंग ही नहीं हुई है, जबकि जगह-जगह जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्थिति यह है कि रात में मच्छरों की वजह से लोग ठीक से सो नहीं पा रहे हैं। साथ ही मच्छर जनित बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है। जिला अस्पताल में इन दिनों संक्रामक रोग के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. ओपी चतुर्वेदी ने बताया कि पिछले सप्ताह जहां संक्रामक रोग के करीब 100 मरीज आ रहे थे, वहीं अब 250 से 300 मरीज आ रहे हैं।
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद क्षेत्र में एक लाख की आबादी निवास करती है। इसमें शहरी क्षेत्र में लिए गए क्षेत्र भी शामिल है। पूरे नगर पालिका परिषद क्षेत्र को 25 वार्डों में बांटा गया है। मच्छरों से बचाव एवं फागिंग के लिए खलीलाबाद के पास छह मशीने उपलब्ध हैं, लेकिन यह मशीनें तीन माह से खड़ी हैं। जब कोई वीआईपी का आगमन होता है तो पालिका प्रशासन सक्रिय होता है। सीमा विस्तार वाले क्षेत्रों में तो नगर पालिका की नजर ही नहीं पहुंच रही है। ऐसे में मच्छरों के प्रकोप से समूचे शहरवासी परेशान हैं। खासकर जिन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या है, वहां मच्छरों का प्रकोप ज्यादा है। शहर में अंसार टोला, बरदहिया बाजार, घोरखल, विधियानी, औद्योगिक नगर, गोला बाजार, बंजरिया, छोटी सरौली आदि ऐसे मोहल्ले हैं, जहां जलभराव की समस्या होने से सबसे ज्यादा मच्छरों का प्रकोप है।
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मच्छर जनित बीमारियां फैलने की आशंका
बरसात के मौसम में मच्छरों से होने वाली बीमारियों की फैलने की आशंका सबसे ज्यादा रहती है। इसमें मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, जापानी इंसेफेलाइटिस, जीका वायरस, चिकनगुनिया आदि शामिल हैं। ऐसे में फागिंग न होने से लोगों में बीमारियों को लेकर चिंता बनी हुई है। शहर के निवासी रामचंद्र, अनिल कुमार आदि ने कहा कि नियमित रूप से शहर में फागिंग होनी चाहिए।
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नगर पालिका के पास वर्तमान में फागिंग के लिए छह मशीने उपलब्ध हैं। प्रत्येक मशीन को चार वार्डों में फागिंग कराने के लिए लगाई गई है। समय-समय पर फागिंग कराई जा रही है। इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

श्याम सुंदर वर्मा, चेयरमैन नगर पालिका खलीलाबाद
वार्डों में फागिंग के लिए शासन स्तर से अलग से कोई बजट नहीं मिलता है। सफाई के बजट से ही फागिंग कराई जाती है। शहर में फागिंग के लिए व्यवस्था निर्धारित की गई है। जल्द ही फागिंग कराई जाएगी।
- सुरेश मौर्य, ईओ नगर पालिका परिषद खलीलाबाद
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