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घर लौटने को बेताब बाढ़ प्रभावित

Sat, 15 Oct 2022 11:28 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 15 Oct 2022 11:28 PM IST
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flood affected desperate to return home
धनघटा तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव नरायनपुर गांव में नाव से भोजन का पैकेट ल जाते राजस्वकर? - फोटो : KHALILABAD
घर लौटने को बेताब बाढ़ प्रभावित
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24 घंटे में 30 सेंटीमीटर घटा घाघरा नदी का जलस्तर
घर में रखा अनाज व पशुओं का चारा सड़ने से दिक्कत बढ़ी
धनघटा (संतकबीरनगर)। बाढ़ शरणार्थी अब घर लौटने को बेताब हैं। उन्हें अपने घर की चिंता सता रही है। 24 घंटे में घाघरा नदी का जलस्तर 30 सेंटीमीटर नीचे आ गया है। इससे बाढ़ प्रभावितों ने राहत भरी सांस ली है।
हालांकि प्रशासन पीड़ितों को राहत सामग्री के साथ भोजन पहुंचाने का दावा कर रहा है, लेकिन पीड़ित इसे ऊंट के मुंह में जीरा जैसा बता रहे हैं। एक सप्ताह से लगातार घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ते हुए बुधवार व बृहस्पतिवार को बिडहर घाट पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। इससे मदरहा, कुर्मियान टोला, नारायणपुर, आलापुर गुलरिहा, खाले पुरवा, चपरा पूर्वी समेत एमबीडी बांध के दक्षिण बसे 24 गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया था।
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घरों में पानी पहुंचने के कारण लोग घर से पलायन कर सड़क और बांध पर शरण लेने को मजबूर हो गए थे। बाढ़ प्रभावित रामचेत, सुभाष, धर्मजीत, पूर्णमासी, कबूतरा देवी आदि ने बताया कि शुक्रवार से नदी का पानी कम होने लगा। शनिवार शाम तक पानी से घर तो खाली हो गया, लेकिन कीचड़ की वजह से उसमें रहना मुश्किल है। बाढ़ के कारण छप्पर गिर गए हैं। घर में रखा भूसा और अनाज सड़ गया है। प्रशासन देर सबेर पूड़ी और सब्जी का पैकेट जरूर भिजवा रहा है, लेकिन वह नाकाफी है।
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बाढ़ प्रभावितों ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अनाज तो मिलना शुरू हुआ, लेकिन पशुओं के लिए चारा और मिट्टी का तेल नहीं मिल रहा है। बाढ़ के कारण विद्युत वितरण निगम ने विद्युत आपूर्ति बंद कर दी है।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि शनिवार शाम चार बजे घाघरा नदी का जलस्तर घटते हुए 79. 650 मीटर पर पहुंच गया है। उम्मीद है कि दो दिन के भीतर नदी और अधिक घट जाएगी। तहसीलदार रत्नेश तिवारी ने बताया कि अनाज वितरण के साथ-साथ लोगों को भोजन का वितरण घर-घर जाकर लेखपाल कर रहे हैं। राजस्व विभाग की टीम 24 घंटे बाढ़ प्रभावित गांव में रहकर लोगों की मदद करने में जुटी हुई है।
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बाढ़ पीड़ितों की मदद को बढे़ हाथ
रोसया बाजार। एक सप्ताह से घाघरा नदी की बाढ़ का दंश झेल रहे बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए सामाजिक संगठनों के लोग हाथ बढ़ाने लगे हैं।
शनिवार को समाजसेवी ओमकार यादव अपने सहयोगियों के साथ छपरा मगर्बी गांव के कुर्मियान टोला में बाढ़ प्रभावितों के घर-घर जाकर खाद्य सामग्री का वितरण किया। उन्होंने कहा कि आपदा किसी के ऊपर कभी भी आ सकती है। ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि देवेंद्र यादव ने छपरा मगर्बी के कुर्मियान टोला के 80 परिवार के घर पहुंच कर सबका कुशल क्षेम पूछा और हर संभव मदद की। इस मौके पर रामाज्ञा चौधरी, दीपक यादव, शोएब अंसारी, दीपक निषाद, मोहित, अंकुर, जितेंद्र, लल्लन यादव आदि लोग मौजूद रहे। संवाद
राज्यमंत्री ने सुनी बाढ़ प्रभावितों की समस्या
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
पौली/रोसया बाजार। प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश चंद शर्मा शनिवार को बाढ़ प्रभावित गांव नारायनपुर में पहुंचकर बाढ़ प्रभावितों की समस्याओं से रूबरू हुए। समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन देते हुए अनाज किट वितरित किया।
घाघरा नदी की बाढ़ से धनघटा तहसील के पश्चिमी छोर स्थित नारायनपुर गांव पूरी तरह प्रभावित है। गांव के लोग बंधे पर शरण लिए हुए हैं। राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने बाढ़ प्रभावितों को समझाते हुए कहा कि इस संकट की घड़ी में केंद्र व प्रदेश सरकार आपके साथ है। किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने पाएगी। बाढ़ के कारण जिनके मकान गिर गए हैं उन्हें मुख्यमंत्री आवास या 1,20,000 रुपये नगद दिए जाएंगे।

बाढ़ प्रभावित मुराती, रेशमा, कौशिल्या, सावित्री समेत 10 लोगों को अनाज का किट वितरित करने के बाद वह धनघटा रवाना हो गए।
तहसीलदार रत्नेश तिवारी ने बताया कि यहां के 1500 बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री वितरित की जाएगी। राज्यमंत्री ने तहसील सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक भी की।
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