मेंहदावल। पुलिस से शिकायत के बाद कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर मेंहदावल पुलिस ने शनिवार को आठ लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और जानलेवा हमला समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। बसडीला निवासी शशिकला ने न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र में जानकारी दिया कि उसके पिता की मृत्यु हो चुकी है। घर की पूरी जिम्मेदारी उसी पर है। वह मेंहदावल में एक पक्की दुकान पर काम करती है और रोज शाम करीब साढ़े सात बजे घर लौटती है।आरोप है कि 26 जून की शाम करीब साढ़े सात बजे वह काम से घर पहुंची तो भूमि विवाद को लेकर मनोरमा ने उसकी झोपड़ी फेंक दी थी। इसका विरोध करने पर मनोरमा, सोहवाती, गुजराती, छोटेलाल, राधिका, आनंद, पवन और गरिमा एकराय होकर लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए। आरोप है कि सभी गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने शशिकला पर हमला कर दिया।
शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंची उसकी मां श्रीमती, चाचा सुरेंद्र, चाची भानमती और भतीजी रीमा को भी आरोपियों ने मारपीट कर घायल कर दिया। पिटाई में मां के सिर में गंभीर चोट के साथ फ्रैक्चर, चाचा के कंधे में फ्रैक्चर और चाची के हाथ में फ्रैक्चर होने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने न्यायालय को बताया कि उसका भाई अमरेंद्र अपनी पत्नी के प्रसव के सिलसिले में सिद्धार्थनगर गया था। इसी दौरान विपक्षियों ने उसके भाई के खिलाफ ही मेंहदावल थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दिया।