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Sant Kabir Nagar News: छुट्टा पशुओं से फसल की सुरक्षा में कारगर है बाड़
Thu, 27 Jul 2023 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 27 Jul 2023 12:13 AM IST
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विकास खंड खलीलाबाद के चकदही गांव में किसान से जानकारी लेते अपर मुख्य सचिव डॉ देवेश चतुर्वेदी।
-अपर मुख्य सचिव ने सोलर फेंसिंग का किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक कृषि विभाग डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने विकास खंड खलीलाबाद के ग्राम चकदही में फसलों की छुट्टा पशुओं एव जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए बनाए गए सोलर फेंसिंग का निरीक्षण किया। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि छुट्टा पशुओं से फसल की सुरक्षा के लिए बाड़ कारगर साबित हो रहा है।
किसानों की मांग लंबे समय से हो रही है कि दलहनी, तिलहनी, सब्जी एवं अन्य फसलों की सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग के लिए राज्य स्तर से योजना लाई जाए और अनुदान दिया जाए। राज्य स्तर पर सोलर फेंसिंग के लिए कार्ययोजना बनाने पर विचार चल रहा है। इसके मद्देनजर अपर मुख्य सचिव कृषि ने जनपद में सोलर फेंसिंग का लाभ ले रहे किसानों के खेतों का निरीक्षण कर जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान किसान अनूप ने बताया कि करीब 3.2 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सोलर फेसिंग की स्थापना वर्ष 2020-21 में कराई गई। प्रक्षेत्र की परिधि 716 मीटर है, जिसके चारों ओर क्लच वायर की सात पंक्तियां हैं। इसमें सोलर पैनल के माध्यम से बहुत हल्की क्षमता की विद्युत प्रवाहित होती है। सोलर फेंसिंग स्थापना के लिए फेसिंग उपकरण पर 2,15,080 रुपये लागत आई है।
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उन्होंने बताया कि इस खेत में जायद व खरीफ में सब्जियां, खरबूजा, तरबूज की खेती करते हैं। जबकि रबी में हाइब्रिड सरसों की खेती करते हैं। सोलर फेसिंग निर्बाध रूप से कार्य कर रही है। इसके माध्यम से आवारा पशुओं, नीलगाय इत्यादि से फसल की पूर्ण रक्षा हो रही है। कोई भी पशु इससे हताहत नही हुआ है। पशु बाड़ के संपर्क में आने से झटका लगने के कारण दूर चले जाते है।
इस दौरान संयुक्त कृषि निदेशक अविनाश चंद तिवारी, उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी शशांक, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सहित प्रगतिशील कृषक सुरेंद्र राय आदि मौजूद रहे।
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संतकबीरनगर। अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक कृषि विभाग डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने विकास खंड खलीलाबाद के ग्राम चकदही में फसलों की छुट्टा पशुओं एव जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए बनाए गए सोलर फेंसिंग का निरीक्षण किया। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि छुट्टा पशुओं से फसल की सुरक्षा के लिए बाड़ कारगर साबित हो रहा है।
किसानों की मांग लंबे समय से हो रही है कि दलहनी, तिलहनी, सब्जी एवं अन्य फसलों की सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग के लिए राज्य स्तर से योजना लाई जाए और अनुदान दिया जाए। राज्य स्तर पर सोलर फेंसिंग के लिए कार्ययोजना बनाने पर विचार चल रहा है। इसके मद्देनजर अपर मुख्य सचिव कृषि ने जनपद में सोलर फेंसिंग का लाभ ले रहे किसानों के खेतों का निरीक्षण कर जानकारी ली।
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निरीक्षण के दौरान किसान अनूप ने बताया कि करीब 3.2 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सोलर फेसिंग की स्थापना वर्ष 2020-21 में कराई गई। प्रक्षेत्र की परिधि 716 मीटर है, जिसके चारों ओर क्लच वायर की सात पंक्तियां हैं। इसमें सोलर पैनल के माध्यम से बहुत हल्की क्षमता की विद्युत प्रवाहित होती है। सोलर फेंसिंग स्थापना के लिए फेसिंग उपकरण पर 2,15,080 रुपये लागत आई है।
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उन्होंने बताया कि इस खेत में जायद व खरीफ में सब्जियां, खरबूजा, तरबूज की खेती करते हैं। जबकि रबी में हाइब्रिड सरसों की खेती करते हैं। सोलर फेसिंग निर्बाध रूप से कार्य कर रही है। इसके माध्यम से आवारा पशुओं, नीलगाय इत्यादि से फसल की पूर्ण रक्षा हो रही है। कोई भी पशु इससे हताहत नही हुआ है। पशु बाड़ के संपर्क में आने से झटका लगने के कारण दूर चले जाते है।
इस दौरान संयुक्त कृषि निदेशक अविनाश चंद तिवारी, उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी शशांक, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सहित प्रगतिशील कृषक सुरेंद्र राय आदि मौजूद रहे।