फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   Farmers will get off-season vegetable plants

किसानों को मिलेंगे बेमौसमी सब्जियों के पौधे

Mon, 29 Aug 2022 10:51 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 29 Aug 2022 10:51 PM IST
विज्ञापन
Farmers will get off-season vegetable plants
राजकीय बाग घोरहट में सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस का चल रहा निर्माण। - फोटो : KHALILABAD
किसानों को मिलेंगे बेमौसमी सब्जियों के पौधे
विज्ञापन

- राजकीय बगीचा घोरहट में स्थापित हो रहा सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस का कार्य अंतिम चरण में
- सितंबर में सक्रिय हो जाएगा केंद्र, किसान आसानी से प्राप्त कर सकेंगे बेमौसमी सब्जियों के पौधे
- खुद के प्रयोग के साथ व्यापारिक दृष्टिकोण से किसान उठा सकेंगे लाभ
संतकबीरनगर। जिले के राजकीय बाग घोरहट में सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस का निर्माण कार्य अंतिम दौर में पहुंच गया है। इस सेंटर से किसानों को बेमौसमी सब्जियों के पौधे मिलेंगे। इससे जहां किसानों को बस्ती की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। वहीं किसान बेमौसमी सब्जियां उगाकर खुद तो प्रयोग करेंगे ही, साथ ही इससे आमदनी भी बढ़ाएंगे।
पूर्व उद्यान एवं कृषि विपणन राज्य मंत्री श्रीराम चौहान की पहल से प्रदेश के सात जिलों में सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस स्थापित किए जाने की स्वीकृति शासन से मिली थी। जिसमें संतकबीरनगर जिला भी शामिल है। जिले के धनघटा विधानसभा क्षेत्र के घोरहट में राजकीय बगीचा है, जो 24 एकड़ में फैला हुआ है। उसी बगीचे में 4,000 वर्ग मीटर जमीन में सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस स्थापित किए जाने के लिए चिह्नित हुई थी। छह जनवरी 2022 को पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक खजनी गोरखपुर श्रीराम चौहान ने सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस का शिलान्यास किया था। जिला उद्यान अधिकारी संतोष कुमार दूबे ने बताया कि सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस का कुल लागत एक करोड़ चार लाख निर्धारित है। इसमें दो पॉली हाऊस बन रहा है। इसके साथ ही अन्य सुविधाएं उपलब्ध होगी। इस सेंटर से बेमौसमी सब्जियों के पौध तैयार किए जाएंगे। लौकी, टमाटर, करेला, गोभी, भरूआ मिर्च आदि शंकर प्रजाति की सब्जियों के पौधे यहां तैयार होंगे।
विज्ञापन

बेमौसमी सब्जियों के पौधों को किसानों को उचित मूल्य पर उपलब्ध कराएं जाएंगे। यदि कोई किसान अपना उन्नतशील किस्त का बीज सेंटर को देना चाहेगा तो उसे सेंटर पर दे सकेगा और यहां से उस बीज से पौधे तैयार करके किसानों को दिया जाएगा। इसके लिए निर्धारित शुल्क देना होगा। इस सेंटर के खुल जाने से जिले के सब्जी उत्पादक किसानों को काफी फायदा होगा। साथ ही सब्जी की खेती का विस्तार भी होगा। वैसे बस्ती में चार साल पहले सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस स्थापित हुआ था। वहां भी बेमौसमी सब्जियों के पौधे तैयार कर किसानों को दिए जाते हैं, लेकिन घोरहट में स्थापित हो रहा केंद्र सक्रिय हो जाने पर किसानों को बस्ती की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। उम्मीद है कि 20 दिनों में इसका निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा। उसके बाद यहां सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस में बेमौसमी सब्जियों के पौधे तैयार किए जाने का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस के शुरू हो जाने पर किसानों को काफी फायदा होगा। किसानों को बेमौसमी सब्जियों के पौधे आसानी से सुलभ होंगे। किसान खुद के प्रयोग के साथ व्यापार के दृष्टिकोण से बेमौसमी सब्जियों को उगाकर अपनी आय बढ़ा सकेंगे। शासन की मंशा भी है कि किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में कारगर उपाय किए जाएं।
- अतुल मिश्र, सीडीओ, संतकबीरनगर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed