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गिरि विकास संस्थान परिषदीय स्कूलों का करेगा मूल्यांकन
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15 सितंबर से शुरू होगा मूल्यांकन का कार्य, चार दिन तक जिले में रहेगी टीम
शिक्षा की गुणवत्ता, निर्माण, कार्य, सामुदायिक सहभागिता, समेकित शिक्षा, एमडीएम, अभिलेखों के रखरखाव आदि का होगा मूल्यांकन
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूूलों में शिक्षा की गुणवत्ता समेत विविध कार्यों की गुणवत्ता का मूल्यांकन गिरी विकास अध्ययन संस्थान लखनऊ द्वारा किया जाएगा। शासन द्वारा नामित संस्थान की यह टीम 15 सितंबर से चार दिन तक जिले रहकर परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, निर्माण, कार्य आदि का मूल्यांकन करेगी।
जिले में 1075 प्राथमिक विद्यालय, 416 उच्च प्राथमिक और सात कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित है। नौ ब्लॉक संसाधन केंद्र भी हैं। राज्य परियोजना निदेशक ने गिरी विकास अध्ययन संस्थान लखनऊ को जिले के बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया है। इसके तहत संस्थान बालिका शिक्षा, ऑनलाइन पढ़ाई की गुणवत्ता, भवन का निर्माण कार्य, सामुदायिक सहभागिता, समेकित शिक्षा, एमडीएम योजना के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों, अभिलेखों आदि की जांच करेगी। इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय और बीएसए कार्यालय के जरिए किए जा रहे कार्यों का मूल्यांकन होगा। जांच टीम अपनी रिपोर्ट राज्य परियोजना कार्यालय को सौंपेगी। उसी के अनुसार जिले को बजट आवंटित किया जाएगा। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने समस्त बीएसए को स्कूलों और बीआरसी की सूची संस्थान को देने का निर्देश दिया है।
बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गिरी विकास अध्ययन संस्थान लखनऊ को बेसिक शिक्षा विभाग की संचालित योजनाओं का मूल्यांकन करना है। टीम के आने पर योजनाओं और स्कूलों की पूरी सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। उम्मीद है कि टीम के मूल्यांकन में जिले को बेहतर स्थान मिलेगा।
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शिक्षा की गुणवत्ता, निर्माण, कार्य, सामुदायिक सहभागिता, समेकित शिक्षा, एमडीएम, अभिलेखों के रखरखाव आदि का होगा मूल्यांकन
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूूलों में शिक्षा की गुणवत्ता समेत विविध कार्यों की गुणवत्ता का मूल्यांकन गिरी विकास अध्ययन संस्थान लखनऊ द्वारा किया जाएगा। शासन द्वारा नामित संस्थान की यह टीम 15 सितंबर से चार दिन तक जिले रहकर परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, निर्माण, कार्य आदि का मूल्यांकन करेगी।
जिले में 1075 प्राथमिक विद्यालय, 416 उच्च प्राथमिक और सात कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित है। नौ ब्लॉक संसाधन केंद्र भी हैं। राज्य परियोजना निदेशक ने गिरी विकास अध्ययन संस्थान लखनऊ को जिले के बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया है। इसके तहत संस्थान बालिका शिक्षा, ऑनलाइन पढ़ाई की गुणवत्ता, भवन का निर्माण कार्य, सामुदायिक सहभागिता, समेकित शिक्षा, एमडीएम योजना के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों, अभिलेखों आदि की जांच करेगी। इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय और बीएसए कार्यालय के जरिए किए जा रहे कार्यों का मूल्यांकन होगा। जांच टीम अपनी रिपोर्ट राज्य परियोजना कार्यालय को सौंपेगी। उसी के अनुसार जिले को बजट आवंटित किया जाएगा। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने समस्त बीएसए को स्कूलों और बीआरसी की सूची संस्थान को देने का निर्देश दिया है।
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बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गिरी विकास अध्ययन संस्थान लखनऊ को बेसिक शिक्षा विभाग की संचालित योजनाओं का मूल्यांकन करना है। टीम के आने पर योजनाओं और स्कूलों की पूरी सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। उम्मीद है कि टीम के मूल्यांकन में जिले को बेहतर स्थान मिलेगा।
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