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बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Mar 2018 12:07 AM IST
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राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में बोर्ड परीक्षा की कापियों के मूल्यांकन का प्रशिक्षण देते ट्रेनर।
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। बोर्ड परीक्षा की कापियों का मूल्यांकन शनिवार को दोनों केंद्रों पर शुरू हो गया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने परीक्षकों व डिप्टी हेड को मूल्यांकन से जुड़ी बातें समझाईं। इस दौरान मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों की काफी भीड़ लगी रही। मूल्यांकन का कार्य सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा।
मूल्यांकन केंद्र राजकीय कन्या इंटर कॉलेज खलीलाबाद पर प्रशिक्षण में डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने कहा कि बंडल प्राप्त करते समय सुनिश्चित कर लें कि बंडल सील पूरी तरह सुरक्षित और ठीक दशा में है। मूल्यांकन के निर्देशों का भलीभांति अध्ययन कर लें। इसके बाद ही मूल्यांकन शुरू करे। 15 दिनों तक चलने वाले मूल्यांकन में हर परीक्षक को केंद्र पर आना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि उप प्रधान परीक्षक मूल्यांकन केंद्र से संबंधित विषय और प्रश्न पत्र के लिए एवार्ड ब्लैंक प्राप्त करेंगे तथा उत्तर पुस्तिकाओं के अनुसार परीक्षकों में वितरित करेंगे। उप परीक्षक यह ध्यान देंगे कि केंद्र संख्या का अंकन सही तरीके से हो। उन्होंने कहा कि हाईस्कूल में सभी विषयों में एक प्रश्नपत्र हो जाने की स्थिति में सामाजिक विज्ञान एवं विज्ञान की उत्तर पुस्तिकाओं का खंडवार मूल्यांकन इस बार भी अर्ह परीक्षकों का पैनल करेगा। उन्होंने कहा कि उप प्रधान परीक्षक किसी भी हाल में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं करेंगे।
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एचआर इंटर कॉलेज में भी डीआईओएस ने परीक्षकों को मूल्यांकन की बारीकियां बताईं और सभी परीक्षकों को परिचय पत्र बनवा लेने की अपील की। कहा कि मूल्यांकन सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा। मूल्यांकन के बाद कॉपियाें की आनलाइन जानकारी उप नियंत्रक बोर्ड को भेजेंगे। इस दौरान उप नियंत्रक आशा यादव, राम कुमार सिंह, अरूंधती, हरिबख्श सिंह, संजय द्विवेदी, निशा यादव सहित डिप्टी हेड और परीक्षक मौजूद रहे।
परीक्षक के लिए दो वर्ष का अनुभव जरूरी
बोर्ड की कॉपियों की जांच के लिए परीक्षकों के पास पढ़ाने का दो वर्ष का अनुभव जरूरी है। परीक्षकों से एक प्रपत्र भरवाया जाएगा कि उन्होंने दो वर्ष तक विद्यालय में पढ़ाया है। इसके अलावा विद्यालय से प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। उसके बाद ही परीक्षकों को कॉपियां दी जाएंगी। डीआईओएस ने सभी परीक्षकों से प्रपत्र भरने को कहा है। जो परीक्षक प्रपत्र नहीं भरेंगे उन्हें कॉपियां नहीं दी जाएंगी।
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मूल्यांकन केंद्र राजकीय कन्या इंटर कॉलेज खलीलाबाद पर प्रशिक्षण में डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने कहा कि बंडल प्राप्त करते समय सुनिश्चित कर लें कि बंडल सील पूरी तरह सुरक्षित और ठीक दशा में है। मूल्यांकन के निर्देशों का भलीभांति अध्ययन कर लें। इसके बाद ही मूल्यांकन शुरू करे। 15 दिनों तक चलने वाले मूल्यांकन में हर परीक्षक को केंद्र पर आना आवश्यक है।
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उन्होंने कहा कि उप प्रधान परीक्षक मूल्यांकन केंद्र से संबंधित विषय और प्रश्न पत्र के लिए एवार्ड ब्लैंक प्राप्त करेंगे तथा उत्तर पुस्तिकाओं के अनुसार परीक्षकों में वितरित करेंगे। उप परीक्षक यह ध्यान देंगे कि केंद्र संख्या का अंकन सही तरीके से हो। उन्होंने कहा कि हाईस्कूल में सभी विषयों में एक प्रश्नपत्र हो जाने की स्थिति में सामाजिक विज्ञान एवं विज्ञान की उत्तर पुस्तिकाओं का खंडवार मूल्यांकन इस बार भी अर्ह परीक्षकों का पैनल करेगा। उन्होंने कहा कि उप प्रधान परीक्षक किसी भी हाल में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं करेंगे।
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एचआर इंटर कॉलेज में भी डीआईओएस ने परीक्षकों को मूल्यांकन की बारीकियां बताईं और सभी परीक्षकों को परिचय पत्र बनवा लेने की अपील की। कहा कि मूल्यांकन सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा। मूल्यांकन के बाद कॉपियाें की आनलाइन जानकारी उप नियंत्रक बोर्ड को भेजेंगे। इस दौरान उप नियंत्रक आशा यादव, राम कुमार सिंह, अरूंधती, हरिबख्श सिंह, संजय द्विवेदी, निशा यादव सहित डिप्टी हेड और परीक्षक मौजूद रहे।
परीक्षक के लिए दो वर्ष का अनुभव जरूरी
बोर्ड की कॉपियों की जांच के लिए परीक्षकों के पास पढ़ाने का दो वर्ष का अनुभव जरूरी है। परीक्षकों से एक प्रपत्र भरवाया जाएगा कि उन्होंने दो वर्ष तक विद्यालय में पढ़ाया है। इसके अलावा विद्यालय से प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। उसके बाद ही परीक्षकों को कॉपियां दी जाएंगी। डीआईओएस ने सभी परीक्षकों से प्रपत्र भरने को कहा है। जो परीक्षक प्रपत्र नहीं भरेंगे उन्हें कॉपियां नहीं दी जाएंगी।