फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   emunity

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बच्चों को न दे दवाएं

Sun, 06 Jun 2021 11:05 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 06 Jun 2021 11:05 PM IST
विज्ञापन
emunity
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बच्चों को न दे दवाएं
विज्ञापन

- बेहतर जीवन शैली से बढ़ाई जा सकती है इम्युनिटी, अधिक दवाइयां देना हो सकता है खतरनाक
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर बच्चों से भारत में बड़ी संख्या में बच्चे प्रभावित हो सकते हैं। ऐसी आशंका जताई जा रही है। ऐसे में अभिभावक बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कह रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, अभिभावक बच्चों को ऐसी दवाइयां न दें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर खान-पान और स्वस्थ जीवन शैली से बढ़ाई जा सकती है।
संयुक्त जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी राय ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर की खबर अभिभावक डरे हुए हैं। ऐसे में वह बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए तरह-तरह के नुस्खे अपना रहे हैं। तीसरी लहर के डर सेबच्चों को बहुत ज्यादा दवाएं देना खतरनाक साबित हो सकता है। लॉकडाउन ने बच्चों की लाइफ स्टाइल पूरी तरह बदल दी है। वह देर तक सोते हैं और खान-पान की व्यवस्था भी गड़बड़ा जाता है। उनके सोने, उठने, पढ़ने से लेकर भोजन करने और खेलने का समय नियत रहना जरूरी है। इसका प्रभाव यह होगा कि कोरोना काल के बाद जब वह छुट्टी वाली दिनचर्या से बाहर आएंगे, तब इससे शारीरिक प्रक्रियाओं का चक्र नहीं बिगड़ेगा।
विज्ञापन

पौष्टिक भोजना बढ़ाएगा इम्युनिटी
बच्चों में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए शारीरिक गतिविधियां बहुत जरूरी हैं। बच्चों को जंक फूड या बाहर का पैक्ड भोजन न दें। अधिक से अधिक फल खिलाएं। घर का बना ताजा भोजन ही सबसे पौष्टिक आहार है। जो बच्चे ज्यादा देर तक मोबाइल या टीवी देखने में समय बिताते हैं,उनकी नींद उतनी ज्यादा असंतुलित होती है। इसका सीधा असर बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है। बच्चों को आठ से दस घंटों तक नींद लेना जरूरी है, इसलिए उन्हें समय पर सुलाने और जगाने की आदत डालें।
विज्ञापन
विज्ञापन

अत्यधिक काढ़ा कर देगा बीमार
बच्चों की प्रतिरक्षा क्षमता वयस्कों के मुकाबले अधिक होती है। यही कारण है कि उन पर कोरोना का खतरा बुजुर्ग-वयस्कों के मुकाबले न्यूनतम होता है। उन्हें बहुत गर्म औषधियों व अन्य घरेलू नुस्खों से दूर रखें। याद रखें कि काढ़े की ज्यादा मात्रा कई बच्चों में पेट दर्द और कब्ज की समस्या पैदा करती है।

दूध-दही से मिलेगा लाभ
12 साल से छोटे बच्चों को एक गिलास दूध, एक बड़ी कटोरी दही और पनीर का एक टुकड़ा रोज देने से उनके शरीर में कैल्शियम और प्रोटीन की मात्रा पहुंचती है। अगर सर्दी के डर से दही देने से डर रहे हैं तो उसमें थोड़ा सा जीरा पाउडर मिलाकर खिलाना लाभदायक होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed