{"_id":"6839f26499744a16d80cdfb4","slug":"eid-ul-azha-teaches-us-renunciation-sacrifice-and-love-for-god-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-133404-2025-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: त्याग, बलिदान और खुदा से मोहब्बत की सीख देता है ईद-उल-अजहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: त्याग, बलिदान और खुदा से मोहब्बत की सीख देता है ईद-उल-अजहा
Fri, 30 May 2025 11:31 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 30 May 2025 11:31 PM IST
विज्ञापन
चिटना चौराहे पर बकरे की मंडी लगी
सेमरियावां। ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व त्याग, बलिदान और खुदा से बेपनाह मोहब्बत करने की सीख देता है। यह पर्व इस्लामी कैलेंडर के दसवीं जिलहिज्जा माह को अल्लाह के चहेते पैगंबर हजरत इब्राहीम खलीलुल्लाह की याद में मनाया जाता है। इस दिन मुसलमान जज्बे से भरा होता है और अल्लाह की राह में सब कुछ कुर्बान करने लिए तैयार रहता है।
अरबी महीना जिलहिज्जा का चांद 28 मई को शाम में देखा गया है। ईद-उल-अजहा का त्योहार 7 जून को मनाया जाएगा। वैसे यह त्योहार तीन दिन तक मनाया जाता है। ईद-उल-अजहा का चांद नजर आते ही मुस्लिम समुदाय के लोग तैयारी में जुट गए हैं। ईद उल अजहा के लिए कपड़े व कुर्बानी के जानवर बकरे की खरीदारी शुरू कर दी है। ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड के प्रदेश महासचिव फुजैल अहमद ने बताया कि ईद-उल-अजहा का इतिहास पुराना है।
विज्ञापन
अरबी महीना जिलहिज्जा का चांद 28 मई को शाम में देखा गया है। ईद-उल-अजहा का त्योहार 7 जून को मनाया जाएगा। वैसे यह त्योहार तीन दिन तक मनाया जाता है। ईद-उल-अजहा का चांद नजर आते ही मुस्लिम समुदाय के लोग तैयारी में जुट गए हैं। ईद उल अजहा के लिए कपड़े व कुर्बानी के जानवर बकरे की खरीदारी शुरू कर दी है। ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड के प्रदेश महासचिव फुजैल अहमद ने बताया कि ईद-उल-अजहा का इतिहास पुराना है।
विज्ञापन