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नकली बेसन बनाने का भंडाफोड़
Sant Kabir Nagar
Updated Sat, 21 Jan 2017 11:59 PM IST
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फैक्ट्री से मिले सामान की जांच करती पुलिस टीम।
- फोटो : अमर उजाला
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बरदहिया बाजार मोहल्ले में शनिवार को एक मकान में चल रही नकली बेसन बनाने की फैक्ट्री का स्वाट टीम ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में फैक्ट्री चला रहे पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया है। दोनों ही गोरखपुर के निवासी हैं। इस मामले में पिता और दो बेटों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
स्वाट टीम प्रभारी संतोष तिवारी ने बताया कि सूचना के आधार पर बरदहिया बाजार मोहल्ले केे एक मकान में नकली बेसन बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। मौके से 50 किलोग्राम वजन की 48 बोरी तैयार बेसन, 48 बोरी मटर की दाल, 31 बोरी चावल की खुद्दी और 42 पैकेट रंग बरामद हुआ है। सूचना पर मौके पर सीओ प्रमोद कुमार, कोतवाल कमला यादव और मंडलीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी सेराज अहमद, अभिहित अधिकारी मंजूषा सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष राय, खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मराज शुक्ल आदि पहुंचे। पूछताछ में पकड़े गए लोगों की पहचान रामसरन जायसवाल और उसके बेटे मनोज जायसवाल निवासी मुंडेरा बाजार थाना चौरीचौरा जिला गोरखपुर के रूप में हुई है।
रामसरन जायसवाल ने बताया कि उन्होंने मकान को 2500 रुपये किराए पर लिया है। वह इस कार्य को तीन साल से कर रहे हैं। मटर की दाल, चावल की खुद्दी को वह गीडा से और रंग गोरखपुर से खरीदते हैं। इन्हीं के सहारे बेसन तैयार करके खुद गांव-गांव घूम कर बेचते भी हैं। मंडलीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी सेराज अहमद ने बताया कि कलश ब्रांड आटा और ज्योति ब्रांड मैदा का डुप्लीकेट लेबल लगा कर नकली बेसन बेचने का मामला मिला है। उद्योगों में प्रयुक्त किए जाने वाला कलर मर्चेंट पाया गया जो अखाद्य रंग है। बरामद सामग्री के नमूने जांच हेतु लिए गए हैं।
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असुरक्षित खाद्य पदार्थ के मामले में दो लाख जुर्माना और छह माह तक की सजा का भी प्रावधान है। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। कोतवाल कमला यादव ने बताया कि पकड़े गए पिता-पुत्र और रामसरन के एक अन्य पुत्र विनोद के खिलाफ मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। स्वाट टीम प्रभारी ने बताया कि वर्ष 2015 में बखिरा क्षेत्र के लगड़ाबार में छापेमारी के दौरान अधोमानक शराब की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। इसमें रामसरन जायसवाल का बेटा विनोद कुमार भी धंधे में संलिप्त मिला था। मामले की तहकीकात की जाएगी कि बेसन बनाने के धंधे में और कौन-कौन से लोग और शामिल हैं।
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स्वाट टीम प्रभारी संतोष तिवारी ने बताया कि सूचना के आधार पर बरदहिया बाजार मोहल्ले केे एक मकान में नकली बेसन बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। मौके से 50 किलोग्राम वजन की 48 बोरी तैयार बेसन, 48 बोरी मटर की दाल, 31 बोरी चावल की खुद्दी और 42 पैकेट रंग बरामद हुआ है। सूचना पर मौके पर सीओ प्रमोद कुमार, कोतवाल कमला यादव और मंडलीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी सेराज अहमद, अभिहित अधिकारी मंजूषा सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष राय, खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मराज शुक्ल आदि पहुंचे। पूछताछ में पकड़े गए लोगों की पहचान रामसरन जायसवाल और उसके बेटे मनोज जायसवाल निवासी मुंडेरा बाजार थाना चौरीचौरा जिला गोरखपुर के रूप में हुई है।
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रामसरन जायसवाल ने बताया कि उन्होंने मकान को 2500 रुपये किराए पर लिया है। वह इस कार्य को तीन साल से कर रहे हैं। मटर की दाल, चावल की खुद्दी को वह गीडा से और रंग गोरखपुर से खरीदते हैं। इन्हीं के सहारे बेसन तैयार करके खुद गांव-गांव घूम कर बेचते भी हैं। मंडलीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी सेराज अहमद ने बताया कि कलश ब्रांड आटा और ज्योति ब्रांड मैदा का डुप्लीकेट लेबल लगा कर नकली बेसन बेचने का मामला मिला है। उद्योगों में प्रयुक्त किए जाने वाला कलर मर्चेंट पाया गया जो अखाद्य रंग है। बरामद सामग्री के नमूने जांच हेतु लिए गए हैं।
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असुरक्षित खाद्य पदार्थ के मामले में दो लाख जुर्माना और छह माह तक की सजा का भी प्रावधान है। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। कोतवाल कमला यादव ने बताया कि पकड़े गए पिता-पुत्र और रामसरन के एक अन्य पुत्र विनोद के खिलाफ मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। स्वाट टीम प्रभारी ने बताया कि वर्ष 2015 में बखिरा क्षेत्र के लगड़ाबार में छापेमारी के दौरान अधोमानक शराब की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। इसमें रामसरन जायसवाल का बेटा विनोद कुमार भी धंधे में संलिप्त मिला था। मामले की तहकीकात की जाएगी कि बेसन बनाने के धंधे में और कौन-कौन से लोग और शामिल हैं।