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श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
संतकबीरनगर
Updated Fri, 23 Nov 2018 11:25 PM IST
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श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। कार्तिक पूर्णिमा पर शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने जिले की पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगाई। गोदान और कथा सुनकर मन वांडित फल की कामना की। भोर से ही नदी तटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। लोगों ने मेले का भी आनंद लिया।
हैंसर प्रतिनिधि के अनुसार सरयू नदी के विभिन्न तटों पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। प्रशासन ने स्नान पर्व पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया था। पवित्र सरयू नदी के बिड़हर, खड़कपुर, मैंदी, चहोड़ा, चाड़ीपुर के घाटों पर श्रद्धालु भोर में ही हर-हर गंगे के जयघोष के साथ स्नान करना शुरू कर दिया। लोग गोदान, कथा सुन, मुंडन करा कर मन वांछित फल की कामना की। बिड़हर घाट पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इसी तरह सभी घाटों पर लगे मेले में महिलाएं व बच्चों समेत सभी लोगों ने खरीदारी की। खड़कपुर घाट पर मेले और स्नान को देखते हुए पुलिस ने अंबेडकर नगर से आने वाले वाहनों का रूट डायवर्जन कर दिया था। इस वजह से बिड़हर घाट मार्ग पर जाम नहीं लग सका। मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार श्रद्धालुओं ने राप्ती नदी के विभिन्न घाटों पर स्नान व पूजा-अर्चना के बाद अन्न व गोदान किया। तहसील क्षेत्र के खड़खड़िया, करमैनी, बढ़या, थरौली, बेलौली व सिसई घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। करमैनी घाट पर भारी भीड़ को देखते हुए पुलिसकर्मियों को लगाकर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की गई। बड़े वाहनों का प्रवेश कुछ देर के लिए प्रशासन ने रोक दिया।रोसया बाजार प्रतिनिधि के अनुसार सरयू नदी के मैंदी घाट व माझा चौड़ा घाट पर सैकड़ों श्रद्घालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। राम जानकी मार्ग के दक्षिण क्षेत्र के श्रद्धालु भोर से ही बाइक, ट्रैक्टर-ट्रॉली, टेंपो आदि वाहनों से नदी तट पर पहुंचने लगे थे। स्नान के बाद लोगों ने गोदान किया।
हैंसर प्रतिनिधि के अनुसार सरयू नदी के विभिन्न तटों पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। प्रशासन ने स्नान पर्व पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया था। पवित्र सरयू नदी के बिड़हर, खड़कपुर, मैंदी, चहोड़ा, चाड़ीपुर के घाटों पर श्रद्धालु भोर में ही हर-हर गंगे के जयघोष के साथ स्नान करना शुरू कर दिया। लोग गोदान, कथा सुन, मुंडन करा कर मन वांछित फल की कामना की। बिड़हर घाट पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इसी तरह सभी घाटों पर लगे मेले में महिलाएं व बच्चों समेत सभी लोगों ने खरीदारी की। खड़कपुर घाट पर मेले और स्नान को देखते हुए पुलिस ने अंबेडकर नगर से आने वाले वाहनों का रूट डायवर्जन कर दिया था। इस वजह से बिड़हर घाट मार्ग पर जाम नहीं लग सका। मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार श्रद्धालुओं ने राप्ती नदी के विभिन्न घाटों पर स्नान व पूजा-अर्चना के बाद अन्न व गोदान किया। तहसील क्षेत्र के खड़खड़िया, करमैनी, बढ़या, थरौली, बेलौली व सिसई घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। करमैनी घाट पर भारी भीड़ को देखते हुए पुलिसकर्मियों को लगाकर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की गई। बड़े वाहनों का प्रवेश कुछ देर के लिए प्रशासन ने रोक दिया।रोसया बाजार प्रतिनिधि के अनुसार सरयू नदी के मैंदी घाट व माझा चौड़ा घाट पर सैकड़ों श्रद्घालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। राम जानकी मार्ग के दक्षिण क्षेत्र के श्रद्धालु भोर से ही बाइक, ट्रैक्टर-ट्रॉली, टेंपो आदि वाहनों से नदी तट पर पहुंचने लगे थे। स्नान के बाद लोगों ने गोदान किया।
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