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महिलाओं का वाहन चलाना भी सशक्तीकरण का हिस्सा
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महिलाओं का वाहन चलाना भी सशक्तीकरण का हिस्सा
संतकबीरनगर। यातायात निरीक्षक बृजेश कुमार यादव ने कहा दोपहिया वाहन चलाते हुए महिला आजादी और आत्मनिर्भरता महसूस करती हैं। महिलाओं का वाहन चलाना भी सशक्तीकरण का ही एक हिस्सा है। महिलाएं नियम कानूनों की पाबंद होती हैं। इसलिए वे बेहतर समाज के निर्माण में योगदान करती हैं।
अमर उजाला फाउंडेशन और यातायात पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बघौली में अपराजिता अभियान के तहत यातायात जागरूकता गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें वक्ताओं ने यातायात के प्रति जागरूक रहने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने पर बल दिया। इस दौरान छात्राओं को यातायात के प्रति लोगों को जागरूक करने की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बलिका विद्यालय की वार्डेन मीरा चौधरी, भारती श्रीवास्तव, सुष्मिता, हेड कांस्टेबल नंद लाल, हेड कांस्टेबल गिरिजेश यादव, हेड कांस्टेबल सर्वेश मिश्र, कांस्टेबल अजय पांडेय, रेशमा, अंकिता पांडेय, दीपिका मिश्रा, मोईद खान, काजल प्रजापति, विजय लक्ष्मी, अनुष्का, वंदना, सीमा आदि मौजूद रहे।
वाहन चलाते वक्त फोन पर बात न करें : निशा
विद्यालय की प्रधानाचार्य निशा यादव ने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते हुए मोबाइल फोन का प्रयोग पूर्णत: वर्जित है। सड़क दुर्घटना होने पर न केवल एक परिवार प्रभावित होता है, बल्कि देश की भी बड़ी आर्थिक क्षति होती है। कहा कि हेलमेट पहनकर ही दोपहिया वाहन चलाया जाना चाहिए। उन्होंने यातायात नियमों के पालन करने का संदेश दिया।
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नियमों का पालन, बचाए जान
यातायात निरीक्षक ने कहा कि यातायात नियमों का स्वयं पालन करके और दूसरों को भी जागरूक करके, लोगों को दुर्घटनाओं से बचाकर हम राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। यातायात नियमों का पालन करना हरेक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यातायात के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है।
यातायात नियमों के पालन करने का संदेश देने वाले इस कार्यक्रम का हिस्सा बनकर बहुत गर्व महसूस हो रहा है। आज जो शपथ ली है, उसका जीवन भर निर्वहन करेंगे। इसके साथ ही लोगों को भी यातायात के प्रति जागरूक करेंगे।
- खुशबू
सड़क पर सुरक्षित चलना ही समझदारी है। गोष्ठी के माध्यम से यातायात नियमों का संदेश दिया गया। लोगों को इसका पालन करना ही होगा। इस तरह के कार्यक्रम हमेशा होने चाहिए। जिससे लोग जागरूक हो सके।
- अनुराधा
सड़क हादसों में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार से जाकर पूछना चाहिए कि उन पर क्या गुजरती है। वाहन तेज न चलाएं, हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें। हम सभी की जिम्मेदारी है कि अपने आसपास के लोगों को यातायात के प्रति जागरूक करें।
- विवेक
शासन-प्रशासन व समाज के जागरूक लोग यातायात नियमों के पालन की सीख दे रहे हैं। इसका लोगों को पालन करना चाहिए। शराब पीकर वाहन नहीं चलाना चाहिए। अमर उजाला ने जो अभियान चलाया है वह सराहनीय है।
- विश्वजीत
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संतकबीरनगर। यातायात निरीक्षक बृजेश कुमार यादव ने कहा दोपहिया वाहन चलाते हुए महिला आजादी और आत्मनिर्भरता महसूस करती हैं। महिलाओं का वाहन चलाना भी सशक्तीकरण का ही एक हिस्सा है। महिलाएं नियम कानूनों की पाबंद होती हैं। इसलिए वे बेहतर समाज के निर्माण में योगदान करती हैं।
अमर उजाला फाउंडेशन और यातायात पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बघौली में अपराजिता अभियान के तहत यातायात जागरूकता गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें वक्ताओं ने यातायात के प्रति जागरूक रहने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने पर बल दिया। इस दौरान छात्राओं को यातायात के प्रति लोगों को जागरूक करने की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बलिका विद्यालय की वार्डेन मीरा चौधरी, भारती श्रीवास्तव, सुष्मिता, हेड कांस्टेबल नंद लाल, हेड कांस्टेबल गिरिजेश यादव, हेड कांस्टेबल सर्वेश मिश्र, कांस्टेबल अजय पांडेय, रेशमा, अंकिता पांडेय, दीपिका मिश्रा, मोईद खान, काजल प्रजापति, विजय लक्ष्मी, अनुष्का, वंदना, सीमा आदि मौजूद रहे।
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वाहन चलाते वक्त फोन पर बात न करें : निशा
विद्यालय की प्रधानाचार्य निशा यादव ने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते हुए मोबाइल फोन का प्रयोग पूर्णत: वर्जित है। सड़क दुर्घटना होने पर न केवल एक परिवार प्रभावित होता है, बल्कि देश की भी बड़ी आर्थिक क्षति होती है। कहा कि हेलमेट पहनकर ही दोपहिया वाहन चलाया जाना चाहिए। उन्होंने यातायात नियमों के पालन करने का संदेश दिया।
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नियमों का पालन, बचाए जान
यातायात निरीक्षक ने कहा कि यातायात नियमों का स्वयं पालन करके और दूसरों को भी जागरूक करके, लोगों को दुर्घटनाओं से बचाकर हम राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। यातायात नियमों का पालन करना हरेक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यातायात के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है।
यातायात नियमों के पालन करने का संदेश देने वाले इस कार्यक्रम का हिस्सा बनकर बहुत गर्व महसूस हो रहा है। आज जो शपथ ली है, उसका जीवन भर निर्वहन करेंगे। इसके साथ ही लोगों को भी यातायात के प्रति जागरूक करेंगे।
- खुशबू
सड़क पर सुरक्षित चलना ही समझदारी है। गोष्ठी के माध्यम से यातायात नियमों का संदेश दिया गया। लोगों को इसका पालन करना ही होगा। इस तरह के कार्यक्रम हमेशा होने चाहिए। जिससे लोग जागरूक हो सके।
- अनुराधा
सड़क हादसों में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार से जाकर पूछना चाहिए कि उन पर क्या गुजरती है। वाहन तेज न चलाएं, हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें। हम सभी की जिम्मेदारी है कि अपने आसपास के लोगों को यातायात के प्रति जागरूक करें।
- विवेक
शासन-प्रशासन व समाज के जागरूक लोग यातायात नियमों के पालन की सीख दे रहे हैं। इसका लोगों को पालन करना चाहिए। शराब पीकर वाहन नहीं चलाना चाहिए। अमर उजाला ने जो अभियान चलाया है वह सराहनीय है।
- विश्वजीत