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Sant Kabir Nagar News: दुधारा में डॉ. आंबेडकर मूर्ति की गायब, इलाके में तनाव
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सेमरियावां। दुधारा थाना क्षेत्र के रक्सादेवई में 16 दिन पूर्व स्थापित डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई। इसकी सूचना से गांव में सनसनी फैल गई। गांव के लोगों की सूचना पर डायल-112 पर पुलिस पहुंची। पुलिस की सूचना के बाद तहसील प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। तहसील प्रशासन ने मूर्ति स्थापित वाली जमीन को सरकारी भूमि बताया। जमीन पर सरकारी भूमि होने का बोर्ड लगा दिया। बोर्ड पर लिखा है कि यह सरकारी भूमि है, अतिक्रमण करने वाले पर कार्रवाई की जाएगी।
बताया जाता है कि रक्शादेवई गांव के किनारे एक पुरवा के लोगों ने 14 अप्रैल को डाॅ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर गांव की जमीन पर मिट्टी पटाई कर लगभग दो फीट ऊंची डाॅ. आंबेडकर की मूर्ति की स्थापना की। वहीं बगल में एक छोटी मूर्ति महात्मा बुद्ध की है। बृहस्पतिवार की रात डाॅ. आंबेडकर की मूर्ति गायब हो गई। इस घटना के बाद गांव सहित पूरे क्षेत्र में दलित समुदाय के लोगों में नाराजगी का माहौल बन गया है।
शुक्रवार को सुबह गांव वालों ने 112 डायल कर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद दुधारा पुलिस भी पहुंच गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि उनके सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। प्रशासन से तुरंत कार्रवाई और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
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इसके बाद तहसील खलीलाबाद के एसडीएम, तहसीलदार, सीओ भी मौके पर पहुंचे। गांव वालों से पूछताछ शुरू की। प्रशासन ने बिना अनुमति सरकारी भूमि पर मूर्ति स्थापित पर सवाल उठाए। उसी भूमि पर कुछ लोग भूसा, लकड़ी आदि भी एकत्र कर कब्जा जमाए रहे। प्रशासन ने तुरंत अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया और भूमि पर बोर्ड लगा कर लिखा कि यह ग्रामसभा की संपत्ति है। इस पर किसी प्रकार के अवैध कब्जा या अनाधिकृत हस्तक्षेप प्रयास करने वाले व्यक्ति या समूह पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के मुताबिक कोई मूर्ति स्थापित नहीं की गई, जमीन हड़पने के लिए लोगों का प्रयास है। वहीं दो अन्य मूर्ति है वह मौजूद हैं।
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बताया जाता है कि रक्शादेवई गांव के किनारे एक पुरवा के लोगों ने 14 अप्रैल को डाॅ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर गांव की जमीन पर मिट्टी पटाई कर लगभग दो फीट ऊंची डाॅ. आंबेडकर की मूर्ति की स्थापना की। वहीं बगल में एक छोटी मूर्ति महात्मा बुद्ध की है। बृहस्पतिवार की रात डाॅ. आंबेडकर की मूर्ति गायब हो गई। इस घटना के बाद गांव सहित पूरे क्षेत्र में दलित समुदाय के लोगों में नाराजगी का माहौल बन गया है।
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शुक्रवार को सुबह गांव वालों ने 112 डायल कर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद दुधारा पुलिस भी पहुंच गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि उनके सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। प्रशासन से तुरंत कार्रवाई और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
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इसके बाद तहसील खलीलाबाद के एसडीएम, तहसीलदार, सीओ भी मौके पर पहुंचे। गांव वालों से पूछताछ शुरू की। प्रशासन ने बिना अनुमति सरकारी भूमि पर मूर्ति स्थापित पर सवाल उठाए। उसी भूमि पर कुछ लोग भूसा, लकड़ी आदि भी एकत्र कर कब्जा जमाए रहे। प्रशासन ने तुरंत अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया और भूमि पर बोर्ड लगा कर लिखा कि यह ग्रामसभा की संपत्ति है। इस पर किसी प्रकार के अवैध कब्जा या अनाधिकृत हस्तक्षेप प्रयास करने वाले व्यक्ति या समूह पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के मुताबिक कोई मूर्ति स्थापित नहीं की गई, जमीन हड़पने के लिए लोगों का प्रयास है। वहीं दो अन्य मूर्ति है वह मौजूद हैं।