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Sant Kabir Nagar News: गांवों के विकास के लिए नहीं मिल रहे ‘दानवीर’
Fri, 27 Sep 2024 11:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 27 Sep 2024 11:47 PM IST
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- सेमरियावां ब्लाॅक में विकास के लिए नहीं मिला कोई व्यक्ति
- मातृभूमि योजना से गांव में विकास के लिए 60 प्रतिशत ‘दानवीर’ और 40 प्रतिशत रकम सरकार खर्च करेगी
सेमरियावां। गांवों के विकास कार्यों में आमजन की सहभागिता बढ़ाने के लिए शासन की ओर से मातृभूमि योजना शुरू की गई है। इसके तहत बाहर रहने वाला कोई भी व्यक्ति गांव में विकास कार्य करा सकता है। जिला पंचायत राज विभाग को इस योजना में अभी तक सफलता नहीं मिली है। सेमरियावां ब्लाॅक में विकास के लिए कोई दानवीर नहीं मिल सका है।
गांवों में कराए जाने वाले कार्यों पर खर्च होने वाली धनराशि में 60 फीसदी संबंधित व्यक्ति को देना होगा, जबकि शेष 40 फीसदी रकम सरकार खर्च करेगी। विकास कार्य में सहयोग कराने वाले या उसके पूर्वज का नाम शिलापट पर लिखवाया जाएगा।
सेमरियावां ब्लाॅक में 113 ग्राम पंचायत हैं। यह जिला का सबसे बड़ा ब्लाॅक है। एक भी ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए कोई आगे नहीं आया है। इलाके में नौकरी व रोजी-रोटी की तलाश में ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतर लोग परदेस व विदेश रहते हैं। इनमें से बहुत से लोग सरकारी विभागों में उच्च पदों पर हैं। वहीं, कुछ लोग उद्योग चला रहे हैं। ऐसे लोग गांव में अपने पूर्वजों की याद में विकास कार्य तो करवाना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए कोई प्लेटफाॅर्म नहीं था। अब शासन ने लोगों की इस मंशा को पूरा करने के लिए मातृभूमि योजना शुरू की है। इस योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति किसी ग्राम पंचायत में विकास कार्य कराना चाहेगा, तो सरकार उसका सहयोग करेगी। इसमें दान करने वालों को पहचान मिलेगी। संवाद
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मातृभूमि योजना से करा सकते हैं ये काम
स्कूल, इंटर कॉलेज की कक्षाओं का निर्माण या स्मार्ट क्लास की स्थापना व संचालन, सामुदायिक भवन, मैरिज हॉल का निर्माण और संचालन, आंगनबाड़ी, मध्याह्न भोजन का रसोई घर व भंडार गृह, पुस्तकालय, स्टेडियम के लिए व्यायामशाला और उपकरण, ओपेन जिम, अंत्येष्टि स्थल का निर्माण व विकास, तालाब का सुंदरीकरण, फायर सर्विस स्टेशन की स्थापना हैं।
इस योजना से सभी ग्राम सचिवों और पंचायत सहायकों की ओर से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इन्हें इच्छुक व्यक्तियों से संपर्क कर उन्हें विकास कार्य के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक किसी भी ग्राम पंचायत में कोई ऐसा नहीं मिला है। प्रयास जारी है। योजना बहुत अच्छी है। लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
- दीप श्रीवास्तव, एडीओ पंचायत, सेमरियावां
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- मातृभूमि योजना से गांव में विकास के लिए 60 प्रतिशत ‘दानवीर’ और 40 प्रतिशत रकम सरकार खर्च करेगी
सेमरियावां। गांवों के विकास कार्यों में आमजन की सहभागिता बढ़ाने के लिए शासन की ओर से मातृभूमि योजना शुरू की गई है। इसके तहत बाहर रहने वाला कोई भी व्यक्ति गांव में विकास कार्य करा सकता है। जिला पंचायत राज विभाग को इस योजना में अभी तक सफलता नहीं मिली है। सेमरियावां ब्लाॅक में विकास के लिए कोई दानवीर नहीं मिल सका है।
गांवों में कराए जाने वाले कार्यों पर खर्च होने वाली धनराशि में 60 फीसदी संबंधित व्यक्ति को देना होगा, जबकि शेष 40 फीसदी रकम सरकार खर्च करेगी। विकास कार्य में सहयोग कराने वाले या उसके पूर्वज का नाम शिलापट पर लिखवाया जाएगा।
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सेमरियावां ब्लाॅक में 113 ग्राम पंचायत हैं। यह जिला का सबसे बड़ा ब्लाॅक है। एक भी ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए कोई आगे नहीं आया है। इलाके में नौकरी व रोजी-रोटी की तलाश में ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतर लोग परदेस व विदेश रहते हैं। इनमें से बहुत से लोग सरकारी विभागों में उच्च पदों पर हैं। वहीं, कुछ लोग उद्योग चला रहे हैं। ऐसे लोग गांव में अपने पूर्वजों की याद में विकास कार्य तो करवाना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए कोई प्लेटफाॅर्म नहीं था। अब शासन ने लोगों की इस मंशा को पूरा करने के लिए मातृभूमि योजना शुरू की है। इस योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति किसी ग्राम पंचायत में विकास कार्य कराना चाहेगा, तो सरकार उसका सहयोग करेगी। इसमें दान करने वालों को पहचान मिलेगी। संवाद
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मातृभूमि योजना से करा सकते हैं ये काम
स्कूल, इंटर कॉलेज की कक्षाओं का निर्माण या स्मार्ट क्लास की स्थापना व संचालन, सामुदायिक भवन, मैरिज हॉल का निर्माण और संचालन, आंगनबाड़ी, मध्याह्न भोजन का रसोई घर व भंडार गृह, पुस्तकालय, स्टेडियम के लिए व्यायामशाला और उपकरण, ओपेन जिम, अंत्येष्टि स्थल का निर्माण व विकास, तालाब का सुंदरीकरण, फायर सर्विस स्टेशन की स्थापना हैं।
इस योजना से सभी ग्राम सचिवों और पंचायत सहायकों की ओर से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इन्हें इच्छुक व्यक्तियों से संपर्क कर उन्हें विकास कार्य के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक किसी भी ग्राम पंचायत में कोई ऐसा नहीं मिला है। प्रयास जारी है। योजना बहुत अच्छी है। लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
- दीप श्रीवास्तव, एडीओ पंचायत, सेमरियावां